Ryan International School News : शिक्षा की दुनिया में गूंजा ग्रेटर नोएडा का नाम, रयान इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्या सुधा सिंह को मिला "वर्ष का प्रधानाचार्य पुरस्कार-2025", राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन में हुआ सम्मान, शिक्षा में रयान इंटरनेशनल स्कूल की पहचान

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
शिक्षा जगत में एक बार फिर ग्रेटर नोएडा ने अपना लोहा मनवाया है। रयान इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा की प्रधानाचार्या सुश्री सुधा सिंह को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन-2025 (National Education Conclave-2025) में प्रतिष्ठित “वर्ष का प्रधानाचार्य पुरस्कार-2025” (Principal of the Year Award-2025) से नवाज़ा गया। यह सम्मान न केवल उनके लिए बल्कि पूरे ग्रेटर नोएडा और रयान समूह के लिए गर्व का क्षण बन गया।
राष्ट्रीय मंच पर मिला बड़ा सम्मान
राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन-2025 का आयोजन नई दिल्ली के त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया गया। इस सम्मेलन में देशभर से शिक्षाविद, शोधकर्ता, शिक्षण संस्थानों के प्रमुख और शिक्षा क्षेत्र की नीतियों पर काम करने वाले प्रतिनिधि शामिल हुए।
इसी मंच पर जब सुधा सिंह का नाम “वर्ष का प्रधानाचार्य” पुरस्कार के लिए घोषित हुआ, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह सम्मान उनके शैक्षणिक नेतृत्व, छात्रों के सर्वांगीण विकास, शिक्षकों को सशक्त बनाने और शिक्षा के आधुनिक मानकों को अपनाने के लिए दिया गया।
सुधा सिंह का योगदान – शिक्षा को नई ऊंचाई पर ले जाने का संकल्प
सुधा सिंह लंबे समय से शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनका मानना है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को भी विकसित करे।
रयान इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा की प्रधानाचार्या के रूप में उन्होंने:
कक्षा में आधुनिक तकनीक और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया। सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को अकादमिक शिक्षा के साथ जोड़ा।
छात्रों के लिए कैरियर गाइडेंस, स्किल डेवलपमेंट और लीडरशिप ट्रेनिंग शुरू की। शिक्षकों के लिए वर्कशॉप और ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करवाए। उनकी इन पहलों ने न केवल स्कूल के स्तर को ऊपर उठाया बल्कि छात्रों और अभिभावकों के बीच भी स्कूल को एक टॉप-चॉइस बना दिया।

अभिभावकों और स्टाफ की मेहनत का नतीजा
पुरस्कार मिलने के बाद प्रधानाचार्या सुधा सिंह ने कहा –
“यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं बल्कि पूरे रयान परिवार का है। स्कूल के शिक्षक, छात्र और अभिभावक लगातार सहयोग करते हैं। उनकी मेहनत और विश्वास ही मेरी ताकत है।”
उन्होंने विशेष रूप से रयान इंटरनेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. ए. एफ. पिंटो और प्रबंध निदेशक मैडम ग्रेस पिंटो का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों का विज़न और सहयोग ही स्कूल को आज इस मुकाम तक लाने में सबसे बड़ी प्रेरणा रहा है।
शिक्षा में रयान इंटरनेशनल स्कूल की पहचान
रयान इंटरनेशनल स्कूल केवल ग्रेटर नोएडा ही नहीं बल्कि देशभर में अपनी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और समग्र विकास की सोच के लिए जाना जाता है।
स्कूल में STEM आधारित शिक्षा पर जोर है। इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम्स से छात्रों को वैश्विक स्तर पर सीखने का मौका मिलता है। पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवता आधारित प्रोजेक्ट्स में छात्र लगातार भाग लेते हैं। ग्रेटर नोएडा का यह स्कूल कई वर्षों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार जीतता आ रहा है और यह ताज़ा सम्मान उसी गौरवशाली सफर का एक और पड़ाव है।
ग्रेटर नोएडा की शैक्षणिक छवि मजबूत
यह पुरस्कार केवल स्कूल या प्रधानाचार्या तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे ग्रेटर नोएडा की शैक्षणिक पहचान और छवि को मजबूती मिली है। एक तरफ ग्रेटर नोएडा देश के सबसे बड़े शैक्षणिक हब्स में गिना जाता है। दूसरी तरफ ऐसे पुरस्कार यह साबित करते हैं कि यहां शिक्षा का स्तर राष्ट्रीय मानकों से कहीं कम नहीं, बल्कि उनसे भी आगे है।
भविष्य की योजनाएं
प्रधानाचार्या सुधा सिंह ने बताया कि आने वाले समय में वे शिक्षा के नए आयामों को और मजबूत करने की योजना बना रही हैं।
छात्रों के लिए AI और Robotics आधारित लैब्स तैयार की जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से सहयोग बढ़ाया जाएगा। मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग सिस्टम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
शिक्षा में प्रेरणा बनी सुधा सिंह
राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन-2025 में मिला “वर्ष का प्रधानाचार्य पुरस्कार” इस बात का सबूत है कि जब शिक्षा में समर्पण, दूरदृष्टि और नेतृत्व हो, तो परिणाम न केवल एक स्कूल बल्कि पूरे समाज और क्षेत्र के लिए गर्व का कारण बन जाते हैं।
रयान इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा और प्रधानाचार्या सुधा सिंह का यह सम्मान आने वाले समय में कई शिक्षकों और स्कूलों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।



