Police News : बाइक चोरों का ‘स्क्रैप साम्राज्य’ ध्वस्त!, चोरी की गाड़ियों को मिनटों में बना देते थे कबाड़, सूरजपुर पुलिस ने 18 लाख के माल के साथ दबोचा अंतरराज्यीय गिरोह, दिल्ली-एनसीआर से लेकर कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क, एडीसीपी स्वतंत्र सिंह बोले गुलिस्तानपुर अंडरपास से हुई गिरफ्तारी, लंबे समय से थी तलाश, कई मामलों का हो सकता है खुलासा

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच सूरजपुर कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो चोरी की बाइकों को पहले बेचता था और जो वाहन नहीं बिक पाते थे, उन्हें काटकर उनके पार्ट्स अलग-अलग बाजारों में खपा देता था। इस संगठित नेटवर्क के जरिए गिरोह लाखों रुपये का अवैध कारोबार चला रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 12 चोरी की बाइक, भारी मात्रा में बाइक के पार्ट्स और दो चाकू बरामद किए हैं। बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 18 लाख रुपये बताई जा रही है।
गुलिस्तानपुर अंडरपास से हुई गिरफ्तारी, लंबे समय से थी तलाश
सेंट्रल नोएडा जोन के एडीसीपी स्वतंत्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम को वाहन चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह के संबंध में सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने गुलिस्तानपुर अंडरपास क्षेत्र में घेराबंदी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए, जिसके बाद पुलिस ने चोरी की बाइक और उनके पार्ट्स बरामद किए।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह केवल गौतमबुद्ध नगर तक सीमित नहीं था, बल्कि दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में सक्रिय था। आरोपी सुनियोजित तरीके से पहले भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और आवासीय क्षेत्रों की रेकी करते थे। इसके बाद मौका मिलते ही वहां खड़ी बाइक चोरी कर लेते थे।
बाइक चोरी से लेकर पार्ट्स बेचने तक पूरा नेटवर्क था तैयार
जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य चोरी की गई बाइकों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने का प्रयास करते थे। यदि कोई बाइक नहीं बिकती थी तो उसे काटकर उसके इंजन, टायर, बैटरी, हेडलाइट, साइलेंसर और अन्य महंगे पार्ट्स अलग-अलग बेच दिए जाते थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरीके से आरोपी पुलिस की नजरों से बचने की कोशिश करते थे, क्योंकि पूरी बाइक बरामद होने पर चोरी का मामला आसानी से खुल जाता है, जबकि पार्ट्स की पहचान करना अपेक्षाकृत मुश्किल होता है।
कबाड़ी की आड़ में चल रहा था अवैध कारोबार
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल आसिफ इस पूरे नेटवर्क का अहम सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार आसिफ पेशे से कबाड़ी है और वही चोरी की बाइकों को काटकर उनके पार्ट्स बेचने का काम करता था। उसके माध्यम से चोरी के सामान को विभिन्न बाजारों में खपाया जाता था।
पुलिस का मानना है कि गिरोह पिछले काफी समय से सक्रिय था और इससे जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि इस नेटवर्क में कुछ और सदस्य भी शामिल हो सकते हैं, जो चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त और पार्ट्स सप्लाई का काम करते थे।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है— सूर्या उर्फ मोहन (19 वर्ष), निवासी हिरनी गांव, बिहार
दीपक पाल (22 वर्ष), निवासी हबीवपुर गांव
लक्की चंदेल (20 वर्ष), पुत्र अनिल चंदेल
आसिफ (20 वर्ष), निवासी विकास कॉलोनी, हापुड़
अंकित गुप्ता (20 वर्ष), निवासी लक्ष्मण छपरा गांव, बलिया
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। सूर्या के खिलाफ 9, दीपक पाल के खिलाफ 5, लक्की चंदेल के खिलाफ 4 तथा आसिफ और अंकित के खिलाफ 5-5 मुकदमे दर्ज हैं।
18 लाख का माल बरामद, कई मामलों का हो सकता है खुलासा
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 चोरी की बाइक और भारी मात्रा में बाइक के पार्ट्स बरामद किए हैं। बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 18 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अब बरामद वाहनों का रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये बाइक किन-किन क्षेत्रों से चोरी की गई थीं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वाहन चोरी की कई अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
वाहन स्वामियों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें, अतिरिक्त सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी निगरानी के बावजूद वाहन चोर लगातार नए तरीके अपनाकर अपराध कर रहे हैं, इसलिए नागरिकों की सतर्कता भी बेहद जरूरी है। इस कार्रवाई को सूरजपुर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। वाहन चोरी के मामलों से परेशान लोगों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं अपराधियों को भी कड़ा संदेश गया है कि कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं है।
पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप
सूरजपुर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद वाहन चोरी के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।



