Greater Noida Authority News : “गांवों की गलियों में अब ना रहेगा अंधेरा, 64 गांवों में जलेंगी 3740 लाइटें, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का बड़ा अभियान शुरू”, हाईमास्ट लाइटें, गांवों की सुरक्षा और सुंदरता के लिए बड़ा कदम, परियोजना की निगरानी में कोई कोताही नहीं – एसीईओ प्रेरणा सिंह खुद कर रहीं मॉनिटरिंग

ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जेवर विधानसभा क्षेत्र के 64 गांवों में ‘रोशनी की क्रांति’ लाने की ठान ली है। अब इन गांवों की गलियों, सड़कों, चौराहों, श्मशान घाटों और स्कूलों में अंधेरा नहीं, उजाला फैलेगा। प्राधिकरण ने बड़ा फैसला लेते हुए 3740 स्ट्रीट लाइट और 80 हाईमास्ट लाइट लगाने का अभियान शुरू कर दिया है। इससे जहां ग्रामीणों को रात्रिकालीन सुरक्षा मिलेगी, वहीं गांवों की सूरत भी बदलेगी।
स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइटें: गांवों की सुरक्षा और सुंदरता के लिए बड़ा कदम
ग्रेटर नोएडा के सीईओ एन. जी. रवि कुमार के निर्देशों पर यह रोशनी अभियान तेज़ी से शुरू हुआ है। इस योजना के तहत 64 गांवों में 3740 स्ट्रीट लाइटें और 80 हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएंगी। लाइटों का यह नेटवर्क न केवल गलियों को रोशन करेगा, बल्कि ग्रामीणों को रात में सुरक्षित आवागमन की सुविधा भी देगा।
विशेष रूप से ध्यान दिया गया है गांवों के ब्लैक स्पॉट्स पर, जहां अभी तक अंधेरा रहता था और जिससे अपराध की संभावना बनी रहती थी।
रोजा याकूबपुर और खोदना खुर्द भी शामिल — आबादी भूखंडों में बिजली और लाइट की सौगात
रोजा याकूबपुर और खोदना खुर्द के छह फीसदी आबादी भूखंड में भी विद्युतीकरण और स्ट्रीट लाइटिंग की मंजूरी दे दी गई है। इन क्षेत्रों में काफी समय से स्थानीय निवासियों को बिजली और रोशनी की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा था। अब यह संकट दूर होने वाला है।
विद्युत अभियांत्रिकी विभाग की टीम ने साइट विजिट कर रिपोर्ट तैयार की और उसे एसीईओ प्रेरणा सिंह को सौंपा। उनके निर्देश पर अब टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है, और जल्द ही यहां भी कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
3740 स्ट्रीट लाइटें और 80 हाईमास्ट लाइटें — इन स्थानों को मिलेगा लाभ
इस अभियान के तहत जिन स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, उनमें शामिल हैं:
- गांव की मुख्य सड़कें
- स्कूलों के परिसर
- श्मशान घाट और कब्रिस्तान
- प्लेग्राउंड और खेल मैदान
- बारातघर और पंचायत भवन
- मुख्य चौराहे और सामुदायिक स्थल
यह लाइटें केवल रोशनी नहीं देंगी, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी सशक्त बनाएंगी।
मरम्मत भी जोरों पर: सेक्टरों की खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया जा रहा
गांवों के अलावा ग्रेटर नोएडा के शहरी सेक्टरों में भी विद्युत अभियांत्रिकी विभाग ने अभियान चलाया है। सेक्टर अल्फा-1, अल्फा-2, बीटा-1, बीटा-2, गामा-1, गामा-2, डेल्टा-1, डेल्टा-2, डेल्टा-3 और ईटा-1, ईटा-2 जैसे प्रमुख क्षेत्रों में खराब स्ट्रीट लाइटों और हाईमास्ट लाइटों की मरम्मत की गई है।
इस कार्य को वर्क सर्किल-2 के वरिष्ठ प्रबंधक सौरभ भारद्वाज की अगुवाई में अंजाम दिया गया, जिससे स्थानीय नागरिकों को रात के समय आवागमन में अब सहूलियत मिल रही है।
परियोजना की निगरानी में कोई कोताही नहीं – एसीईओ प्रेरणा सिंह खुद कर रहीं मॉनिटरिंग
एसीईओ प्रेरणा सिंह इस पूरी लाइटिंग परियोजना की निगरानी कर रही हैं। उनका कहना है कि:
“प्राधिकरण की विद्युत अभियांत्रिकी टीम ने सभी ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर ली है। इन स्थानों पर जल्द ही स्ट्रीट लाइट्स और हाईमास्ट लाइट्स लगाई जाएंगी। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे तय समयसीमा में कार्य पूर्ण करें। इससे अंधेरा खत्म होगा और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।”
— प्रेरणा सिंह, एसीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
तेज़ी से हुआ कंपनी चयन, जल्द शुरू होगा कार्य
प्राधिकरण ने पहले ही कार्य के लिए कंपनियों का चयन कर लिया है। चुनी गई कंपनियों को आदेश दिए जा चुके हैं कि वे स्थल पर जाकर कार्य प्रारंभ करें।
इससे न केवल प्रोजेक्ट की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि गुणवत्ता पर भी नियंत्रण रहेगा। प्राधिकरण का उद्देश्य है कि गांवों में एक समान रोशनी और सौंदर्यीकरण सुनिश्चित किया जाए।
ग्रामीणों में खुशी की लहर — “अब हमारे गांव भी चमकेंगे”
गांवों में इस खबर से खासा उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पहली बार लग रहा है कि सरकार और प्राधिकरण उनकी मूलभूत समस्याओं को लेकर गंभीर है।
एक ग्रामीण ने खुशी जताते हुए कहा:
“अब अंधेरे में चलने का डर नहीं रहेगा। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी सुरक्षित महसूस करेंगे। स्ट्रीट लाइट केवल रोशनी नहीं लाती, ये सुरक्षा और आत्मविश्वास भी लाती है।”
प्रशासन का विज़न – स्मार्ट विलेज की ओर एक कदम
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह योजना केवल स्ट्रीट लाइट लगाने की नहीं, बल्कि गांवों को ‘स्मार्ट विलेज’ के रूप में विकसित करने की दिशा में पहला प्रयास है। आने वाले समय में इन गांवों में:
- सीसीटीवी कैमरे
- स्मार्ट पोल
- सोलर आधारित स्ट्रीट लाइटिंग
- डिजिटल सूचना बोर्ड
जैसी सुविधाएं भी लाने की योजना बनाई जा रही है।
निष्कर्ष: अंधेरे से उजाले की ओर ग्रामीण विकास की नई उड़ान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का यह अभियान केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं है, यह ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता को सुधारने की एक गंभीर पहल है। यह दिखाता है कि कैसे एक बेहतर विज़न, सही योजना और तेज़ क्रियान्वयन से बदलाव लाया जा सकता है।
यदि यह योजना समय पर पूरी हो जाती है, तो आने वाले समय में यह मॉडल पूरे उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी दोहराया जा सकता है।
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