Breaking News : ट्रैफिक जाम को मिलेगा ‘बाय-बाय’, नोएडा-ग्रेटर नोएडा के ऊपर से दौड़ेगा 31 किलोमीटर लंबा सुपर एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे, NHAI ने बढ़ाई तैयारी, लाखों लोगों के सफर में आएगी नई रफ्तार, दिल्ली से यमुना एक्सप्रेस-वे तक बिना रुकावट सफर का सपना होगा साकार, सेक्टर-94 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के चाई-4 तक बनेगा हाईटेक कॉरिडोर, Google मैप से निकलकर जमीन पर उतरने की तैयारी

नोएडा/ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से प्रस्तावित 31 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट को अब नई गति मिलती दिखाई दे रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से दोनों शहरों का मास्टर प्लान मांग लिया है। माना जा रहा है कि इस कदम के बाद परियोजना के विस्तृत खाके को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी। यह एक्सप्रेस-वे भविष्य में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के बीच यात्रा को पूरी तरह बदल सकता है। ट्रैफिक जाम से परेशान लोगों के लिए यह परियोजना किसी बड़ी सौगात से कम नहीं मानी जा रही है।
गूगल मैप से निकलकर जमीन पर उतरने की तैयारी
अब तक इस एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे की प्रारंभिक रिपोर्ट गूगल मैप और सैटेलाइट इमेज के आधार पर तैयार की गई थी। लेकिन अब वास्तविक परिस्थितियों, उपलब्ध जमीन, भविष्य के सेक्टरों के विकास और शहरी विस्तार को ध्यान में रखते हुए विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
NHAI की सलाहकार एजेंसी को दोनों प्राधिकरणों की ओर से मास्टर प्लान उपलब्ध करा दिया गया है। इसके आधार पर एक्सप्रेस-वे का अंतिम डिजाइन, एलाइनमेंट और तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इससे परियोजना का स्वरूप और अधिक स्पष्ट हो सकेगा।
सेक्टर-94 से यमुना एक्सप्रेस-वे तक बनेगा नया हाई-स्पीड कॉरिडोर
करीब 31 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे नोएडा के सेक्टर-94 से शुरू होगा और ग्रेटर नोएडा के चाई-4 सेक्टर के सामने यमुना एक्सप्रेस-वे तक पहुंचेगा।
यह नया कॉरिडोर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा को तेज, सुविधाजनक और काफी हद तक ट्रैफिक मुक्त बना देगा। रोजाना ऑफिस, व्यापार, शिक्षा और अन्य कामों के लिए सफर करने वाले लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से भी जुड़ सकता है नया मार्ग
इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि भविष्य में इसे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की भी योजना बनाई जा रही है। इसके लिए मयूर विहार से महामाया फ्लाईओवर तक प्रस्तावित चिल्ला एलिवेटेड रोड की डीपीआर का अध्ययन किया जाएगा। यदि यह योजना साकार होती है तो दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगी। इससे एनसीआर की कनेक्टिविटी को एक नया आयाम मिलेगा।
रियल एस्टेट और उद्योग जगत को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से केवल यातायात व्यवस्था ही बेहतर नहीं होगी, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर और औद्योगिक गतिविधियों को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण निवेशकों का रुझान बढ़ेगा और नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में नई आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को गति मिलेगी। इसके अलावा रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को भी मिलेगा लाभ
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ने वाली है। ऐसे में यह एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले लोगों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
यमुना एक्सप्रेस-वे से सीधा जुड़ाव होने के कारण एयरपोर्ट तक यात्रा का समय कम होगा और लोगों को सुगम एवं तेज परिवहन सुविधा मिलेगी।
अधिकारियों के बीच फिर होगी बैठक
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, सलाहकार एजेंसी द्वारा विस्तृत रिपोर्ट तैयार किए जाने के बाद संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ दोबारा बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने और निर्माण प्रक्रिया शुरू करने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
एनसीआर की तस्वीर बदल सकता है यह प्रोजेक्ट
तेजी से विकसित हो रहे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए यह परियोजना केवल एक सड़क नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा एक हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर माना जा रहा है। इससे न केवल लाखों लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
आने वाले समय में यदि यह महत्वाकांक्षी योजना जमीन पर उतरती है तो ट्रैफिक जाम, लंबी दूरी और यात्रा में लगने वाले अतिरिक्त समय से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।



