UP International Expo In Greater Noida : यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 नोएडा से दुनिया तक उत्तर प्रदेश की धूम, डीएम मेधा रूपम ने कसी कमर, “प्रदेश की प्रतिष्ठा से जुड़ा है यह आयोजन”, डीएम का सख्त संदेश “कोई लापरवाही नहीं”, बिजली, पानी और बेसिक सुविधाओं का पुख्ता इंतज़ाम

गौतमबुद्धनगर, रफ़्तार टुडे।
उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, सांस्कृतिक और आर्थिक ताक़त को वैश्विक मंच पर स्थापित करने जा रहा है यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025, जिसका आयोजन इस बार 25 से 29 सितंबर 2025 तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में होने जा रहा है। तैयारियों की गंभीरता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार को जिलाधिकारी मेधा रूपम ने एक्सपो मार्ट सभागार में सभी विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की।
डीएम ने बैठक में साफ कहा – “यह आयोजन केवल गौतमबुद्धनगर ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। मुख्यमंत्री स्वयं इसकी तैयारियों पर नज़र रख रहे हैं, इसलिए किसी भी विभाग से लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।”
ट्रैफिक और परिवहन पर रहेगा विशेष फोकस
ट्रेड शो में देश-विदेश से हज़ारों आगंतुक, व्यापारी और निवेशक आने वाले हैं। इसलिए ट्रैफिक और लॉजिस्टिक्स की व्यवस्थित योजना बेहद ज़रूरी है।
डीएम ने निर्देश दिए कि सभी पार्किंग स्थलों की स्पष्ट पहचान की जाए और वहाँ बड़े-बड़े संकेतक लगाए जाएँ।ट्रैफिक पुलिस की पर्याप्त तैनाती हो ताकि भीड़ और जाम की स्थिति न बने। बरसात के दौरान जलभराव न हो, इसके लिए ड्रेनेज सिस्टम और पंपिंग सेट तैयार रखे जाएँ।
परिवहन विभाग को कहा गया कि मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों से शटल बस सेवा चलाई जाए। टैक्सी और ई-रिक्शा की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए ताकि मेहमानों को किसी तरह की असुविधा न हो।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और ब्रांडिंग की धूम
यूपी की पहचान केवल उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी संस्कृति और परंपरा भी विश्व प्रसिद्ध है। डीएम ने कहा कि ट्रेड शो में आने वाले विदेशी मेहमानों को यूपी की संस्कृति से परिचित कराना होगा। आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही है। यूपी के पारंपरिक व्यंजन और खानपान स्टॉल लगाए जाएंगे।
डिजिटल, प्रिंट मीडिया और होर्डिंग्स के ज़रिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। यह आयोजन उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और सांस्कृतिक पहचान को एक नए मुकाम तक ले जाएगा।
नेटवर्क और टेक्नोलॉजी पर खास नज़र
ट्रेड शो में सबसे बड़ी चुनौती होगी नेटवर्क कनेक्टिविटी की।
मोबाइल कंपनियों को कहा गया है कि आयोजन के दौरान अतिरिक्त मोबाइल टावर लगाए जाएँ। नेटवर्क और तकनीकी सहायता के लिए विशेष टीम तैनात रहेगी।ऑनलाइन बिज़नेस और डिजिटल लेन-देन में कोई बाधा न आए, इसके लिए मजबूत व्यवस्था की जाएगी।
स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएँ रहेंगी मुस्तैद
इस आयोजन में आने वाले लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि है।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि 24 घंटे डॉक्टरों की टीम, मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस उपलब्ध रहे।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन सेवाएँ हर समय तैयार रहेंगी। आयोजन स्थल पर फायर विभाग द्वारा अग्निशमन यंत्र, फायर टेंडर और निकासी मार्ग पूरी तरह सक्रिय रखे जाएँगे।
बिजली, पानी और बेसिक सुविधाओं का पुख्ता इंतज़ाम
डीएम ने निर्देश दिए कि आयोजन के दौरान बिजली आपूर्ति निरंतर और निर्बाध बनी रहे। बैकअप जनरेटर और ट्रांसफॉर्मर की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
पीने के पानी और साफ-सफाई पर भी विशेष फोकस रहेगा।
सभी विभागों को कहा गया कि आयोजन स्थल पर स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएँ।
बैठक में शामिल हुए बड़े अधिकारी
समीक्षा बैठक में ग्रेटर नोएडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सौम्य श्रीवास्तव, श्रीलक्ष्मी वीएस, प्रेरणा सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे, सिटी मजिस्ट्रेट विवेक भदोरिया, डिप्टी कलेक्टर दुर्गेश सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, उपायुक्त उद्योग अनिल कुमार, परिवहन अधिकारी सियाराम वर्मा व डॉ. उदित नारायण पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, जिला अभिहित अधिकारी सर्वेश मिश्रा और इंडिया एक्सपो मार्ट प्रबंधन मौजूद रहे।
यूपी के लिए सुनहरा अवसर
यह आयोजन उत्तर प्रदेश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने का मौका है।
प्रदेश के उद्योग, कला, संस्कृति और खानपान को विश्व मंच पर पेश किया जाएगा।
छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को निवेश और मार्केटिंग का बड़ा अवसर मिलेगा।
विदेशी मेहमानों के माध्यम से यूपी में निवेश संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे।
डीएम का सख्त संदेश: “कोई लापरवाही नहीं”
बैठक के अंत में डीएम मेधा रूपम ने सभी अधिकारियों से कहा –
“यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि यह पूरे प्रदेश की प्रतिष्ठा का सवाल है। मुख्यमंत्री लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसलिए कोई भी विभाग अपने दायित्व से पीछे न हटे। सभी समन्वय के साथ काम करें और आयोजन को ऐतिहासिक सफलता बनाएं।”



