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Breaking News : दिल्ली से लेकर जेवर तक मचा इंतजार!, NCR में बसेंगे 4 हाईटेक ‘नमो शहर’, यूपी में नोएडा, दादरी, जेवर या बुलंदशहर में किसकी खुलेगी किस्मत? 15 अगस्त तक होगा बड़ा फैसला, एनसीआर के भविष्य को बदलने की तैयारी, अगले 15 वर्षों के लिए बना ब्लूप्रिंट, रैपिड रेल और 30 मिनट एनसीआर का सपना

दिल्ली/नोएडा, रफ़्तार टूडे। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विकास की नई पटकथा लिखी जा रही है। आने वाले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर की तस्वीर बदलने वाली एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो चुका है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं वार्षिक बैठक में ऐसा फैसला लिया गया है, जो आने वाले दशकों में करोड़ों लोगों के जीवन, रोजगार और आवास व्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। बोर्ड ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में चार अत्याधुनिक ‘नमो नोड्स’ (Namo Nodes) या कहें कि हाईटेक नमो शहर विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है।
सबसे ज्यादा चर्चा उत्तर प्रदेश में बनने वाले नमो शहर को लेकर हो रही है। सवाल यह है कि आखिर यह महत्वाकांक्षी शहर नोएडा में बनेगा, दादरी में, जेवर में या फिर बुलंदशहर को यह सौगात मिलेगी? फिलहाल चारों विकल्पों पर विचार चल रहा है और अंतिम निर्णय 15 अगस्त तक लिए जाने की संभावना है।

एनसीआर के भविष्य को बदलने की तैयारी, अगले 15 वर्षों के लिए बना ब्लूप्रिंट
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 15 वर्षों में एनसीआर की आबादी लगभग दोगुनी होकर 15 करोड़ तक पहुंच सकती है। शहरीकरण तेजी से बढ़ेगा और लगभग 67 प्रतिशत आबादी शहरों में निवास करेगी। ऐसे में करोड़ों लोगों के लिए नए आवास, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक रोजगार केंद्र विकसित करने की आवश्यकता होगी।
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए एनसीआर क्षेत्र में चार नए ग्रीनफील्ड नमो शहर बसाने का निर्णय लिया गया है। इन शहरों का उद्देश्य केवल रिहायशी क्षेत्र विकसित करना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, आईटी, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक परिवहन सुविधाओं से लैस एकीकृत शहरों के रूप में विकसित करना है।

यूपी में सबसे मजबूत दावेदार बन सकता है जेवर
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से नोएडा, दादरी, जेवर और बुलंदशहर का प्रस्ताव दिया गया है। इनमें जेवर का नाम सबसे अधिक चर्चा में है। इसकी वजह साफ है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यह क्षेत्र तेजी से वैश्विक निवेश का केंद्र बनता जा रहा है।
यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब और प्रस्तावित न्यू नोएडा परियोजना के कारण जेवर और उसके आसपास का इलाका भविष्य के सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों में गिना जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि नमो नोड के लिए जेवर सबसे मजबूत दावेदार साबित हो सकता है।

दादरी और बुलंदशहर भी दौड़ में पीछे नहीं
दादरी पहले से ही रेलवे फ्रेट कॉरिडोर, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब और औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन चुका है। वहीं बुलंदशहर का रणनीतिक महत्व भी लगातार बढ़ रहा है।।नोएडा पहले से विकसित शहर है, जबकि दादरी और बुलंदशहर में नए शहरी विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं। ऐसे में अंतिम निर्णय कई तकनीकी और आर्थिक मानकों के आधार पर लिया जाएगा।

चार जोन में बांटा जाएगा पूरा एनसीआर
एनसीआर प्लान 2041 के तहत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को चार प्रमुख हिस्सों में विभाजित करने की योजना बनाई गई है— राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (NCT Delhi)
सेंट्रल एनसीआर
हाईवे कॉरिडोर जोन और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट जोन
शेष एनसीआर क्षेत्र
इस नए मॉडल के तहत एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल और हाईवे के आसपास योजनाबद्ध तरीके से आधुनिक शहर विकसित किए जाएंगे।

5000 करोड़ रुपये से विकसित होंगे आधुनिक शहर
सूत्रों के अनुसार अगले पांच वर्षों में इन चार नमो शहरों के विकास पर लगभग 5000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन शहरों को दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
इनमें— विश्वस्तरीय शिक्षा संस्थान, आधुनिक अस्पताल, टेक्नोलॉजी पार्क, इंडस्ट्रियल क्लस्टर, लॉजिस्टिक्स हब, हरित क्षेत्र, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट नेटवर्क जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

रैपिड रेल और 30 मिनट एनसीआर का सपना
बैठक में कई महत्वपूर्ण रैपिड रेल परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। इनमें— दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर
दिल्ली-अलवर कॉरिडोर
दिल्ली-नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कॉरिडोर
गुरुग्राम-मानेसर कॉरिडोर
प्रमुख रहे। एनसीआर मास्टर प्लान 2041 के तहत ऐसा नेटवर्क विकसित करने की योजना है, जिससे दिल्ली से एनसीआर के प्रमुख शहरों तक मात्र 30 मिनट में पहुंचा जा सके। इसके लिए सुपरफास्ट रेल लिंक और आठ रैपिड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित हैं।

हेलीकॉप्टर टैक्सी और भविष्य की स्मार्ट मोबिलिटी
बैठक में हेली-टैक्सी सेवा यानी हेलीकॉप्टर आधारित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी विचार किया गया। यदि यह योजना धरातल पर उतरती है, तो एनसीआर देश का पहला ऐसा क्षेत्र बन सकता है, जहां सड़क, रेल और हवाई परिवहन का एकीकृत मॉडल देखने को मिलेगा।

रियल एस्टेट सेक्टर को मिल सकता है बड़ा बूस्ट
विशेषज्ञों का मानना है कि नमो शहरों की घोषणा के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर, दादरी और बुलंदशहर में रियल एस्टेट सेक्टर को जबरदस्त गति मिल सकती है। निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, फ्रेट कॉरिडोर, रैपिड रेल, जापानी सिटी, सिंगापुर सिटी और न्यू नोएडा जैसी परियोजनाएं पहले ही इस क्षेत्र को देश के सबसे बड़े आर्थिक और शहरी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रही हैं।

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Raftar Today
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