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Lloyd College News : 'फीस लौटा दो!' से शुरू हुआ हंगामा, फिर पहुंचा पुलिस स्टेशन, लॉयड लॉ कॉलेज में छात्र का हंगामा, प्रबंधन ने दिया लिखित आश्वासन, लॉ में एडमिशन रद्द होने के बाद फीस वापसी की मांग करने कॉलेज पहुंचा छात्र

दो दोस्तों के साथ किया हंगामा, शराब के नशे में पुलिस तक पहुंचा मामला


ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे।।
शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले कॉलेज परिसर में उस समय अफरातफरी मच गई जब एक छात्र अपनी फीस की वापसी की मांग को लेकर दो दोस्तों के साथ कॉलेज पहुंचा और वहां जमकर हंगामा किया। मामला था नॉलेज पार्क स्थित लॉयड लॉ कॉलेज का, जहां एक छात्र ने दाखिला लेने के बाद जब एडमिशन रद्द कराया तो ₹1.86 लाख की फीस वापसी की मांग को लेकर बवाल कर दिया।

इस विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि कॉलेज प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी। हालांकि, बाद में छात्र ने अपनी गलती मानी और पुलिस से माफी मांगकर मामले को शांत किया गया।


फीस की वापसी मांगने पहुंचा छात्र, प्रबंधन से हुई कहासुनी

घटना मंगलवार दोपहर की है। एक छात्र, जिसने कुछ समय पहले लॉ में दाखिला लिया था, उसने बाद में एडमिशन रद्द करवा दिया। छात्र का दावा है कि वह दूसरी बार फीस वापसी की मांग करने कॉलेज आया था। इससे पहले दो बार वो कॉलेज प्रशासन से मिलकर अपनी ₹1,86,000 की रकम वापस मांग चुका था।

इस बार छात्र दो दोस्तों को साथ लेकर आया, और बताया जा रहा है कि तीनों नशे की हालत में थे। उन्होंने कॉलेज स्टाफ से अशोभनीय व्यवहार किया, जिससे विवाद और तेज हो गया।


हंगामा बढ़ा, तो प्रबंधन ने बुला ली पुलिस

जब छात्र ने कॉलेज के लॉ डिपार्टमेंट और प्रशासनिक कर्मचारियों से तेज आवाज़ में बहस शुरू की, और कथित तौर पर दुर्व्यवहार भी किया, तो कॉलेज प्रबंधन ने थाना नॉलेज पार्क पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्र समेत उसके दोनों साथियों को हिरासत में लिया। कॉलेज स्टाफ ने पुलिस को बताया कि छात्र पहले भी दो बार आया था, लेकिन इस बार उसके व्यवहार ने सबको असहज कर दिया।


छात्र ने स्वीकार की गलती, पुलिस से मांगी माफी

थाने में पूछताछ के दौरान छात्र ने बताया कि उसे कॉलेज से चेक के माध्यम से फीस वापसी का आश्वासन मिला था, लेकिन वह नकद रूप में पैसा मांग रहा था। छात्र ने स्वीकार किया कि वह भावनात्मक रूप से परेशान था, और उसके द्वारा किया गया व्यवहार गलत था।

पुलिस को लिखित माफीनामा देने के बाद, कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया, और पुलिस ने छात्रों को छोड़ दिया।


कॉलेज प्रबंधन ने मेल भेजकर दिया आश्वासन – ‘फीस जल्द लौटाई जाएगी’

कॉलेज प्रशासन का कहना है कि उन्होंने छात्र को पहले ही सूचित किया था कि फीस का भुगतान “चेक” के माध्यम से किया जाएगा, जो कि संस्थान की नीति के अनुसार होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नकद भुगतान संभव नहीं है और बैंकिंग नियमों के तहत ऐसा नहीं किया जा सकता।

कॉलेज प्रशासन ने बाद में छात्र को एक ईमेल भेजकर फीस जल्द लौटाने का आश्वासन दिया, और कहा कि—

“हमारी प्रक्रिया में देरी नहीं है, पर हमें वित्तीय प्रक्रियाओं का पालन करना होता है। छात्र का पैसा निर्धारित समय के भीतर लौटा दिया जाएगा।”


क्या कहता है लॉ डिपार्टमेंट? – ‘व्यवहार की सीमा लांघी गई थी’

कॉलेज के लॉ डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने साफ कहा कि—

“फीस वापसी की मांग छात्र का अधिकार है, लेकिन जिस तरह से उसने नशे में धुत होकर स्टाफ से बदतमीजी की, वह पूरी तरह अस्वीकार्य है। अगर छात्र ने संयम रखा होता, तो शायद यह स्थिति न बनती।”


नियमों के अनुसार फीस वापसी: छात्रों को होना चाहिए सतर्क

कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में फीस वापसी से जुड़े UGC और AICTE के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं। यदि किसी छात्र का प्रवेश रद्द हो जाता है, तो फीस कुछ प्रतिशत कटौती के साथ या पूर्णतः वापस की जा सकती है, लेकिन इसके लिए एक औपचारिक प्रक्रिया अपनानी होती है।

वित्तीय पारदर्शिता और रिकॉर्ड की मजबूती के लिए चेक या बैंक ट्रांसफर को ही मान्यता दी जाती है। ऐसे में छात्रों को चाहिए कि वे गंभीरता से आवेदन करें और प्रक्रिया का पालन करें, न कि तनाव या ग़लत व्यवहार का रास्ता अपनाएं।


स्थानीय समाज और शिक्षाविदों की राय: छात्रों को भी निभानी चाहिए ज़िम्मेदारी

इस घटना को लेकर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों ने छात्रों को सलाह दी कि—

“कॉलेज प्रशासन को भी जवाबदेह होना चाहिए, लेकिन छात्र भी संयम और मर्यादा में रहकर संवाद करें। शराब पीकर कॉलेज में हंगामा करना किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं हो सकता।”


घटना से निकला सबक – शिक्षा के मंदिर में अनुशासन सर्वोपरि

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि चाहे फीस वापसी का मुद्दा हो या कोई और प्रशासनिक शिकायत, समाधान संवाद और प्रक्रिया से ही संभव है।

छात्रों को चाहिए कि वे कॉलेज प्रशासन के साथ शांति और नियमों के तहत संवाद करें, क्योंकि हंगामा और दुर्व्यवहार किसी भी समस्या का समाधान नहीं होते, बल्कि छात्र का करियर ही संकट में डाल सकते हैं।


प्रमुख बिंदु एक नज़र में:

  • छात्र ने कॉलेज में ₹1.86 लाख फीस जमा की थी
  • बाद में एडमिशन रद्द कर फीस वापसी की मांग की
  • फीस वापसी की प्रक्रिया में देरी और ‘नकद बनाम चेक’ पर विवाद
  • छात्र नशे की हालत में दो दोस्तों के साथ कॉलेज पहुंचा
  • कॉलेज में दुर्व्यवहार और हंगामा किया गया
  • पुलिस ने हिरासत में लिया, बाद में माफीनामा के बाद छोड़ा
  • कॉलेज ने मेल भेजकर फीस लौटाने का आश्वासन दिया

रफ़्तार टुडे की अपील: छात्रों और अभिभावकों से संवाद बनाएं रखें

यदि आप या आपके बच्चे को कॉलेज या संस्थान से जुड़ी कोई समस्या है, तो प्रशासन से लिखित में संपर्क करें। सोशल मीडिया, हंगामा या हिंसक व्यवहार से न सिर्फ़ आपकी समस्या हल नहीं होगी, बल्कि आपकी छवि भी खराब हो सकती है।


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