Jewar International Airport News : जेवर एयरपोर्ट के लिए बढ़ाए गए सुरक्षा कदम, पर्यावरण और विमान संचालन की चुनौतियों पर कसी लगाम, AEMC बैठक में बने सख्त नियम, NOC के बिना निर्माण और अवैध ढांचों पर होगी कार्रवाई, जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम पर ज़ोर

गौतमबुद्धनगर, रफ़्तार टुडे।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय में हुई एयरपोर्ट पर्यावरण प्रबंधन समिति (AEMC) की अहम बैठक ने कई बड़े फैसले लिए। यह बैठक जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में हुई, जिसमें प्रशासन, पुलिस, वन विभाग, प्राधिकरण और एयरपोर्ट प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य फोकस था – एयरपोर्ट से 10 किलोमीटर के दायरे में पर्यावरणीय संतुलन, स्वच्छता और विमान सुरक्षा सुनिश्चित करना।
AEMC की इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि जेवर एयरपोर्ट से जुड़े हर विभाग और प्रशासन पूरी तरह सजग है। चाहे वह स्वच्छता हो, अवैध निर्माण हो, जलभराव हो या पक्षियों-जानवरों का खतरा, हर चुनौती पर फोकस कर ठोस रणनीति तैयार की जा रही है। इससे यह उम्मीद बढ़ी है कि आने वाले समय में जेवर एयरपोर्ट देश-दुनिया के लिए सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रबंधन का बेहतरीन मॉडल साबित होगा।
पक्षियों और जानवरों से विमान सुरक्षा को खतरा – प्रस्तुत हुआ विस्तृत प्रेजेंटेशन
बैठक में विनीत सिकरवार, लीड एयरसाइड सर्विस एवं WHM, ने प्रेजेंटेशन देकर बताया कि एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों और जानवरों की बढ़ती मौजूदगी एयरक्राफ्ट ऑपरेशंस के लिए गंभीर खतरा है। मृत पशु और कचरे के ढेर पक्षियों को आकर्षित करते हैं, जिससे विमान की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए उन्होंने ठोस रणनीति बनाने और सभी विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने की ज़रूरत बताई।
10 किलोमीटर दायरे में सफाई अभियान और मृत पशुओं के निस्तारण पर सख्ती
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एयरपोर्ट के आसपास कचरा निस्तारण, मृत पशुओं के उठान और सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता से लागू किया जाए। कोई भी विभाग या संस्था इस मामले में लापरवाही न बरते। उन्होंने साफ कहा – “स्वच्छता ही विमान सुरक्षा की पहली शर्त है।”
NOC के बिना निर्माण और अवैध ढांचों पर होगी कार्रवाई
बैठक में यह भी तय हुआ कि एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर दायरे में बिना अनुमति (NOC) के बने निर्माण की पहचान कर विधिक कार्रवाई और ध्वस्तीकरण किया जाएगा। अवैध कॉलोनियों और ढांचों को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपनाएगा।
लेज़र, ड्रोन और अन्य गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध
जिलाधिकारी ने कहा कि लेज़र लाइट, ड्रोन उड़ान और अन्य खतरनाक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इन प्रतिबंधों के बारे में बताया जाएगा। एयरपोर्ट सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय की गई है।
जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम पर ज़ोर
बैठक में पथवाया ड्रेन और अन्य जल निकासी प्रणालियों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। मानसून और भारी बारिश के समय जलभराव से विमान संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए विभागों को जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने के आदेश दिए गए।
सभी विभागों से मांगी गई प्रगति रिपोर्ट
बैठक में यमुना प्राधिकरण, वन विभाग, सिंचाई, पशुपालन विभाग समेत कई अन्य विभागों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। सभी ने आश्वासन दिया कि एयरपोर्ट सुरक्षा से जुड़े सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन किया जाएगा और कार्यों की मॉनिटरिंग नियमित रूप से होगी।
जेवर एयरपोर्ट: एशिया के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की ओर कदम
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब जेवर एयरपोर्ट का निर्माण अंतिम चरणों में है और नवंबर 2025 से इसकी पहली उड़ान भरने की तैयारी है। प्रशासन और प्रबंधन की कोशिश है कि यह एयरपोर्ट न केवल भारत का बल्कि एशिया का सबसे सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बने।
बैठक में मौजूद अधिकारी
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी, एयरसाइड ऑपरेशंस हेड यशदेव कटोच, अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार व बच्चू सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट विवेक भदोरिया, उप जिलाधिकारी जेवर अभय कुमार सिंह, प्रभागीय वन अधिकारी पी.के. श्रीवास्तव, एसीपी सार्थक सेंगर, जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।



