Sharda University News : शारदा अस्पताल में "पेशेंट्स सेफ्टी वीक" का आगाज़, नवजात और बच्चों की सुरक्षित देखभाल पर फोकस, मरीजों व स्टाफ को मिल रही अहम जानकारी, बच्चों की सुरक्षित देखभाल पर केंद्रित कार्यक्रम

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
नॉलेज पार्क स्थित शारदा अस्पताल इन दिनों पूरी तरह से “पेशेंट्स सेफ्टी वीक” की गतिविधियों में डूबा हुआ है। इस वर्ष का विषय है – “प्रत्येक नवजात शिशु और प्रत्येक बच्चे के लिए सुरक्षित देखभाल”, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करना है।
ग्रेटर नोएडा का शारदा अस्पताल इस “पेशेंट्स सेफ्टी वीक” के जरिए न सिर्फ अपने स्टाफ और मरीजों को जागरूक कर रहा है, बल्कि एक उदाहरण पेश कर रहा है कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यह पहल खासकर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जिनके छोटे बच्चे अस्पतालों में इलाज कराते हैं।
बच्चों की सुरक्षित देखभाल पर केंद्रित कार्यक्रम
अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस बार का सेफ्टी वीक खासकर नवजात शिशुओं और बच्चों की देखभाल में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर केंद्रित है। इस दौरान मरीजों और उनके परिजनों को यह जानकारी दी जा रही है कि कैसे छोटी-छोटी सावधानियां बड़े खतरों से बचा सकती हैं।
स्टाफ को दिलाई गई सुरक्षा शपथ
अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. राममूर्ति ने बताया कि सप्ताह की शुरुआत में ही पूरे मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ को मरीजों की सुरक्षा संबंधी विशेष शपथ दिलाई गई।
मरीजों के अधिकारों की रक्षा
सुरक्षित दवा प्रबंधन
समय पर और सही उपचार
अस्पताल के हर विभाग में सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन
इन बिंदुओं को शपथ का हिस्सा बनाया गया।
प्रदर्शनी और जागरूकता सत्र
अस्पताल के विभिन्न विभागों की ओर से जानकारीपूर्ण प्रदर्शनी और वर्कशॉप्स आयोजित की जा रही हैं। दवा सुरक्षा (Medication Safety) के बारे में मरीजों को समझाया जा रहा है। पैरामेडिकल स्टाफ को दवाइयों के सही उपयोग और खुराक प्रबंधन पर ट्रेनिंग दी जा रही है। मरीज और उनके परिजनों को अधिकारों और सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
मेडिकेशन ऐप और तकनीक का इस्तेमाल
इस सप्ताह का एक महत्वपूर्ण पहलू रहा मेडिकेशन ऐप और मेडिकेशन सेफ्टी मोमेंट्स की जानकारी। अस्पताल ने मरीजों और उनके परिजनों को बताया कि कैसे मोबाइल ऐप और डिजिटल सिस्टम का उपयोग करके दवाइयों के इस्तेमाल में सुरक्षा और पारदर्शिता लाई जा सकती है।
उद्देश्य: मरीजों के अधिकार और स्टाफ की जिम्मेदारी
इस वीक का प्रमुख उद्देश्य है:
मरीजों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना
मेडिकल स्टाफ को उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराना
बेहतर इलाज, सुरक्षित माहौल और पारदर्शिता को मजबूत करना
गतिविधियों की झलक
सप्ताह के दौरान कई तरह की गतिविधियां की जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं:
1. सेमिनार और इंटरएक्टिव सेशन
2. मरीजों के लिए हेल्थ अवेयरनेस कैंप
3. सुरक्षा संबंधित पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता
4. स्टाफ के बीच रोल प्ले और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
डॉ. राममूर्ति का संदेश
डॉ. राममूर्ति ने कहा – “मरीजों की सुरक्षा सिर्फ डॉक्टरों की जिम्मेदारी नहीं बल्कि अस्पताल के हर कर्मचारी, स्टाफ और यहां तक कि मरीजों के परिजनों की भी जिम्मेदारी है। जब सब मिलकर काम करेंगे तभी एक सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा तंत्र तैयार किया जा सकेगा।”



