Noida International Airport News : “30 अक्टूबर फिर छूटा!, अब कब होगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का भव्य उद्घाटन?, नवंबर या 25 दिसंबर, नवंबर या दिसंबर को खुलेगा जेवर एयरपोर्ट, निर्माण कार्य अंतिम चरण में, रनवे से लेकर टर्मिनल तक तैयार, पूर्व प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर हो सकता है उद्घाटन - सूत्र — जानिए पूरी अपडेट

जेवर/ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। उत्तर-भारत के सबसे महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में से एक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का उद्घाटन फिर से टल गया है। पहले 30 अक्टूबर 2024 की तारीख चर्चा में थी, लेकिन अब उद्घाटन की नई तिथियों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों का कहना है कि अब यह आयोजन नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में हो सकता है, या फिर इसे 25 दिसंबर 2024 (पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती) के दिन करने पर भी विचार किया जा रहा है।
क्या कह रही रिपोर्ट्स
जबकि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने सितंबर में 30 अक्टूबर को उद्घाटन की संभावना जताई थी, आधिकारिक रूप से अभी तक न तो सरकार ने और न ही एयरपोर्ट के संचालक संस्थान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) ने कोई पुष्टि की है। वर्तमान में, विकास प्रगति के बावजूद, OP-लाइसेंसिंग, नक्शा परीक्षा, और उड़ान परीक्षण जैसे चरण अभी अंतिम रूप से पूरा नहीं हो पाए हैं।
निर्माण की स्थिति
वित्तीय एवं तकनीकी दृष्टि से यह परियोजना बहुत बड़ी है।
पहला रनवे और टर्मिनल भवन लगभग तैयार हो चुके हैं।
अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे एयरसाइड कार्य, बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, कंट्रोल टावर व सहायक सुविधाएं अब अंतिम चरण में हैं।
उड़ान प्रमाण–परीक्षण (वैलिडेशन फ्लाइट) भी दिसंबर 2024 में सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
यह सब दिखाता है कि उद्घाटन का समय करीब है, लेकिन क्यों बार-बार देरी हो रही है, यह भी स्पष्ट है।
निर्माण कार्य अंतिम चरण में, रनवे से लेकर टर्मिनल तक तैयार
जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट देश का पांचवां सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। जानकारी के अनुसार, पहले चरण का कार्य लगभग 95% पूरा हो चुका है।
इस चरण में एक रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर, कार्गो ज़ोन और एप्रन एरिया को लगभग अंतिम रूप दिया जा चुका है।
निर्माण एजेंसी टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा काम की रफ्तार बढ़ाई गई है ताकि प्रधानमंत्री के संभावित आगमन से पहले सभी इंफ्रास्ट्रक्चर हिस्से तैयार कर लिए जाएं।
एयरपोर्ट परिसर में फिटिंग, फर्निशिंग और तकनीकी परीक्षण जैसे कार्य चल रहे हैं।
देर क्यों हो रही है?
कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
मौसम, बारिश और निर्माण कार्य में व्यवधान – जिससे कार्य गति धीमी पड़ी।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा एयरपोर्ट को ऑपरेशनल लाइसेंस जारी करना शेष है।
आसपास के वायु-नियंत्रण एवं ऊँचाई परिवंपराएँ जैसे नियमन (20 किमी त्रिज्या में ऊँचाई प्रतिबंध) पूरी होनी बाकी थीं।

संभावित नई तारीखें
नवंबर (पहला या दूसरा सप्ताह): सूत्रों के अनुसार, इस अवधि में उद्घाटन संभव है, क्योंकि निर्माण एजेंसियों को “समय से पहला चरण पूरा करें” का आदेश दिया गया है।
25 दिसंबर 2024: पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को प्रतीकात्मक रुप से “गुड गवर्नेंस डे” के रूप में चुना जा सकता है, जिससे उद्घाटन अधिक औपचारिक और यादगार बने।
कनेक्टिविटी और लोहमार्ग तैयार-किया जा रहा है
जब एयरपोर्ट खुलेगा, तब उसे अच्छे मार्ग से जोड़ना भी जरुरी है यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने सेवा-लेन और एक्सेस रोड के निर्माण को गति दी है ताकि ग्रेटर नोएडा-जेवर भाग से आने-जाने में सुविधा हो।
नए एक्सप्रेसवे और मेट्रो/आरआरटीएस लिंक की योजना बनाई गई है ताकि दिल्ली-NCR के और हिस्सों से एयरपोर्ट पहुँचना आसान बने।
क्या हुआ था 30 अक्टूबर वाली घोषणा का?
सितंबर में आयोजित एक समारोह में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा था कि एयरपोर्ट का उद्घाटन 30 अक्टूबर 2024 को किया जा सकता है।
इस बयान के बाद उम्मीदें और तैयारियां दोनों तेज हो गई थीं। स्थानीय प्रशासन और प्राधिकरणों ने भी उसी आधार पर कार्य की समय-सीमा तय की थी।
मगर अब त्योहारों, बारिश और तकनीकी अनुमोदन की प्रक्रिया में देरी के कारण तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है।
क्या बदल जायेगा?
यह एयरपोर्ट खुलने के बाद निम्नलिखित बदलाव आने की संभावना है दिल्ली-एनसीआर के लिए दूसरा बड़ा अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन जाएगा, जिससे यात्रा व ट्रैफिक का बोझ हल्का होगा। विमानन, लॉजिस्टिक, हवाई कार्गो और पर्यटन सहित कई क्षेत्र में रोजगार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
ग्रेटर नोएडा-जीवर एयरक्राफ़्ट हब के रूप में विकसित होगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को बड़ी गति मिलेगी।
आगे क्या कहा गया?
NIAL के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है “हम पूर्ण रूप से तैयार हैं, उद्घाटन बस एक औपचारिक प्रक्रिया का इंतजार कर रहा है। हमें भरोसा है कि इस वर्ष के अंत तक यात्री सेवाएँ शुरू हो जाएँगी।” विश्लेषक मानते हैं कि यदि नवंबर से पहले उद्घाटन नहीं हुआ, तो स्थगित तिथि के बाद लॉन्ग-हॉल डिजाइन और इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार का समय लेकर 2025 के अंत तक संचालन मे आने का सम्भावनाता है।
यद्यपि उद्घाटन की तारीख बार-बार टल रही है, लेकिन यह तय है कि जेवर एयरपोर्ट NCR का ‘गेटवे ऑफ द ईस्ट’ बनकर उभरेगा। नवंबर में हो या 25 दिसंबर को, यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा – न सिर्फ नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लिए बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए।
जब यह सक्रिय होगा, तो यह सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि विकास, अवसर और कनेक्टिविटी का प्रतीक बन जाएगा।



