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ITS College News : एआईसीटीई–वाणी प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में मशीन लर्निंग और IoT का संगम, आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा बना नवाचार का केंद्र, ग्रेटर नोएडा में तकनीकी ज्ञान का महाकुंभ

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग ने 6 और 7 नवंबर 2025 को एआईसीटीई–वाणी (AICTE–VAANI) द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय ऑफलाइन सेमिनार “Predictive Machine Learning Enabled with IoT” का सफल आयोजन किया। इस आयोजन ने तकनीकी शिक्षा जगत में एक नई दिशा प्रदान की, जहां मशीन लर्निंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) के सम्मिलन से भविष्य की स्मार्ट प्रणालियों के निर्माण पर गहन चर्चा हुई।

इस सेमिनार में देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों एवं तकनीकी संस्थानों के प्राध्यापक, उद्योग विशेषज्ञ और शोधार्थी शामिल हुए। उद्देश्य था – उभरती प्रौद्योगिकियों के व्यावहारिक प्रयोगों, शोध की दिशा और उद्योग–शिक्षा के सहयोग को सशक्त करना।

दूसरे दिन की शुरुआत और मुख्य अतिथि का प्रेरणादायक संबोधन

सेमिनार के दूसरे दिन के मुख्य अतिथि रहे डॉ. करण सिंह, प्रोफेसर, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली। उन्होंने “Secure IoT Systems” विषय पर एक प्रभावशाली व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि कैसे मशीन लर्निंग मॉडल्स और सेंसर डाटा के समुचित एकीकरण से IoT प्रणालियों की सुरक्षा, विश्वसनीयता और निर्णय क्षमता को नए स्तर पर ले जाया जा सकता है।

डॉ. सिंह ने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि भविष्य में स्मार्ट शहरों, स्वास्थ्य उपकरणों, स्वचालित वाहनों और औद्योगिक रोबोटिक्स में IoT का उपयोग तभी सफल होगा जब सुरक्षा और डाटा गोपनीयता को मशीन लर्निंग आधारित प्रणालियों के साथ जोड़ दिया जाए।

उद्योग जगत के विशेषज्ञों के अनुभव साझा

दूसरे दिन के सत्रों में कई प्रतिष्ठित वक्ताओं ने अपने अनुभव और शोध प्रस्तुत किए

श्री आशीष गुप्ता, वाइस प्रेसिडेंट, BARCO इंडिया, ने “Machine Learning for Predictive Modelling” विषय पर अपने विचार रखे।
उन्होंने बताया कि मशीन लर्निंग आज केवल डेटा एनालिसिस तक सीमित नहीं, बल्कि यह उद्योगों में पूर्वानुमान आधारित निर्णय लेने का आधार बन चुकी है।

डॉ. दिनेश कुमार विश्वकर्मा, प्रोफेसर, DTU, ने मशीन लर्निंग के वास्तविक अनुप्रयोगों एवं भविष्य की संभावनाओं पर गहन चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और कृषि जैसे क्षेत्रों में मशीन लर्निंग समाज के हर वर्ग तक प्रभाव डाल रही है।

डॉ. नन्हे सिंह, प्रोफेसर, NSUT, ने “IoT एवं मशीन लर्निंग के माध्यम से उपकरण विफलता की पूर्वानुमानित पहचान और रखरखाव प्रबंधन” पर अपना वक्तव्य दिया।
उन्होंने बताया कि कैसे Predictive Maintenance से औद्योगिक उत्पादन में समय और लागत दोनों की बचत संभव है।

सेमिनार के समापन सत्र में डॉ. संध्या उमराव, प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस विभाग ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
उन्होंने कॉलेज के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, निदेशक (जनसंपर्क) तथा निदेशक, आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज के निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।

डॉ. उमराव ने विशेष रूप से डॉ. विष्णु शर्मा का इस आयोजन के समन्वयन और प्रोत्साहन हेतु धन्यवाद दिया तथा डॉ. जया सिन्हा का सहयोग एवं प्रेरणा के लिए अभिनंदन किया।

उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि “AICTE–VAANI जैसे मंच न केवल तकनीकी ज्ञान का प्रसार करते हैं, बल्कि नवाचार, विचार-विनिमय और अनुसंधान की नई राहें खोलते हैं।”

सेमिनार से मिली नई प्रेरणा

इस दो दिवसीय सेमिनार ने प्रतिभागियों को मशीन लर्निंग और IoT के समन्वय से नवाचार, बुद्धिमत्ता और स्थायित्व की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
प्रतिभागियों ने इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से डेटा एनालिटिक्स, स्मार्ट डिवाइस सुरक्षा और इंडस्ट्री 4.0 जैसी अवधारणाओं पर गहराई से विचार किया।

सेमिनार के दौरान प्राप्त ज्ञान और विचारों ने छात्रों और शिक्षाविदों को नई शोध संभावनाओं की ओर अग्रसर किया।

आई.टी.एस इंजीनियरिंग कॉलेज द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय सेमिनार न केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम था, बल्कि यह तकनीकी दृष्टिकोण, अनुसंधान भावना और नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम था।
यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि ग्रेटर नोएडा अब शिक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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