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Breaking News : “मंझावली पुल संपर्क मार्ग हुआ फाइनल—किसानों की सहमति से खुला विकास का महामार्ग!, जेवर से हरियाणा तक अब दौड़ेगी तरक्की की रफ्तार, सप्ताह भर में शुरू होगा निर्माण का बिगुल!”,PWD ने जारी किया टेंडर—संपर्क मार्ग के निर्माण को मिली हरी झंडी

जेवर, रफ़्तार टूडे। गौतमबुद्ध नगर से हरियाणा को जोड़ने वाली कनेक्टिविटी के सपने को आखिरकार असली पंख लगने जा रहे हैं। मंझावली पुल (Manjhawali Bridge) के अधूरे संपर्क मार्ग का निर्माण जो वर्षों से अटका था, अब किसानों की सहमति के बाद आखिरकार शुरू होने की कगार पर है। जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों और यमुना प्राधिकरण में चले लंबे गतिरोध का पटाक्षेप हो गया है, और सप्ताह भर के भीतर निर्माण मशीनों की गरजने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

कई सालों की खींचतान खत्म—किसानों ने दी सहमति, खुल गया विकास का ताला

मंझावली पुल के संपर्क मार्ग का मामला पिछले काफी समय से जमीन अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर अटका हुआ था।

किसान मांग रहे थे ₹4200 प्रति वर्ग मीटर

यमुना प्राधिकरण दे रहा था ₹3800 प्रति वर्ग मीटर

इन दोनों संख्याओं के बीच फंसा विकास अब बाहर आ चुका है। कई दौर की बैठकों, किसान प्रतिनिधियों और प्राधिकरण अधिकारियों की लगातार बैठकों के बाद अधिकांश किसानों ने ₹3800 प्रति वर्ग मीटर पर सहमति दे दी।

कई किसानों ने अपनी रजिस्ट्री भी करा दी है।
हालांकि, अभी भी 5 किसान पुराने दाम (₹4200) की मांग पर अड़े हुए हैं, परंतु परियोजना का बड़ा हिस्सा अब बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सकता है।

अट्टा गुजरान के किसान सचिव अरविंद ने बताया “हमने जमीन दे दी थी, पर सड़क का काम शुरू नहीं हो रहा था। अब अधिकार‍ियों ने भरोसा दिया है कि सप्ताह भर में सड़क निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।”

PWD ने जारी किया टेंडर—संपर्क मार्ग के निर्माण को मिली हरी झंडी

लोक निर्माण विभाग (PWD) ने परियोजना के लिए आधिकारिक टेंडर जारी कर दिया है।
इससे यह बिल्कुल साफ है कि अब काम सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर भी दिखना शुरू होगा।

संपर्क मार्ग के तहत—

3.2 किमी का रोड वाइडनिंग

1.7 किमी नई सड़क का निर्माण

इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग ₹34 करोड़ खर्च किया जाएगा।
हरियाणा साइड का पूरा निर्माण काफी पहले पूरा हो चुका था, लेकिन उत्तर प्रदेश साइड का 4.9 किमी हिस्सा अधर में लटका हुआ था, जो अब पूरा होने की दिशा में बढ़ रहा है।

हरियाणा से जेवर तक—मंझावली पुल बनेगा नई आर्थिक धुरी

मंझावली पुल की खासियत सिर्फ दो राज्यों को जोड़ना भर नहीं है। यह पुल बनाएगा— जेवर एयरपोर्ट को हरियाणा से जोड़ने का छोटा व तेज़ रास्ता
यमुना एक्सप्रेसवे व पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को मजबूत कनेक्टिविटी
व्यापार, उद्योग और माल वाहतूक को नई ऊर्जा
निवेश और औद्योगिक क्षेत्र में नई संभावनाएँ

एक बार सड़क निर्माण पूरा हो गया, तब यह पूरा क्षेत्र नई औद्योगिक बेल्ट के रूप में उभर सकता है।

जेवर एयरपोर्ट के लिए बनेगी लाइफलाइन—यात्रा समय में बड़ी कमी

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस संपर्क मार्ग से— हरियाणा से जेवर की दूरी कम होगी

सफर का समय 30–40 मिनट तक घट सकता है

औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सीधा लाभ मिलेगा

एयर कार्गो मूवमेंट में तेजी आएगी

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में यह सड़क एक तरह से “शिरा-धारा” (लाइफलाइन) बन जाएगी।

किसानों की भूमिका—किसानों ने दिया विकास को साथ, प्राधिकरण ने जताया आभार

लंबे समय से अटकी यह परियोजना किसानों की सहमति के बिना संभव नहीं थी। यमुना प्राधिकरण अधिकारियों ने पुष्ट‍ि करते हुए कहा “किसानों ने समझदारी दिखाई है और उनके सहयोग से विकास कार्य तेज़ होंगे।”

किसानों की सहमति के बाद अब

सड़क बनेगी

पुल को उचित कनेक्टिविटी मिलेगी

क्षेत्र में आर्थिक गतिविधि बढ़ेगी

यह बिल्कुल स्पष्ट है कि किसानों और प्रशासन की साझेदारी से ही बड़े प्रोजेक्ट धरातल पर उतरते हैं।

अंतिम चरण में तैयारियाँ—साइट पर जल्द दिखेंगी मशीनें

कार्यकारी अभियंता कंचन ने बताया कि—

“निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। बहुत जल्द मिट्टी खुदाई और रोलर मशीनें साइट पर नज़र आएंगी।”

यह बयान इस बात की मजबूत पुष्टि है कि अब देरी की कोई गुंजाइश नहीं है।

क्यों महत्वपूर्ण है मंझावली पुल और इसका संपर्क मार्ग?

यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि कई विकास योजनाओं का केंद्र है—

  1. NCR कनेक्टिविटी का नया आयाम

दिल्ली–नोएडा–फरीदाबाद–पलवल रूट को नया मजबूत विकल्प मिलेगा।

  1. जेवर एयरपोर्ट का सपोर्ट कॉरिडोर

एयरपोर्ट के यात्रियों और कार्गो मूवमेंट को मजबूती।

  1. उद्योगों–कारोबारियों के लिए वरदान

नोएडा, यमुना सिटी और हरियाणा के बीच तेजी से डिलीवरी व मूवमेंट।

  1. किसानों को बढ़ी कीमतों का लाभ

जमीन अधिग्रहण का मूल्य बढ़ने से भविष्य में भूमि मूल्य का लाभ भी होगा।

  1. स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार

निर्माण से लेकर भविष्य की औद्योगिक इकाइयों में रोजगार बढ़ेगा।

अब मंझावली पुल सिर्फ नदी पर नहीं, विकास पर बनेगा पु

किसानों की सहमति और प्रशासन की तत्परता ने एक लंबे समय से रुकी परियोजना को नयी ऊर्जा दे दी है।
सप्ताह भर में जब मशीनें चलेंगे, तब यह परियोजना सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि “जेवर, यमुना सिटी और हरियाणा के लिए नए विकास युग की शुरुआत” का प्रतीक बन जाएगी।

नोएडा–यमुना–जेवर क्षेत्र हर दिन बदल रहा है…
और मंझावली पुल संपर्क मार्ग इस बदलाव का अगला बड़ा कदम है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
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