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Shrada University News : “शिक्षा के 30 सुनहरे साल, सपनों को पंख और भविष्य को दिशा” — शारदा यूनिवर्सिटी का 30वां स्थापना दिवस बना यादगार उत्सव, भविष्य की दिशा रिसर्च, इनोवेशन और ग्लोबल पहचान, शिक्षा के क्षेत्र में तीन दशक की उपलब्धियों का जश्न

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। शिक्षा के क्षेत्र में तीन दशकों की गौरवशाली यात्रा पूरी कर चुकी शारदा यूनिवर्सिटी ने अपना 30वां स्थापना दिवस बड़े ही धूमधाम, उल्लास और प्रेरणादायक माहौल में मनाया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक समारोह नहीं, बल्कि शिक्षा, नवाचार, उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों का भव्य उत्सव बनकर सामने आया। विश्वविद्यालय परिसर में हर ओर उत्साह, गर्व और आत्मविश्वास की झलक दिखाई दी, मानो तीन दशक की मेहनत आज एक साथ मुस्कुरा रही हो।

शिक्षा से समाज निर्माण तक: शारदा यूनिवर्सिटी का विज़न

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और विश्वविद्यालय के चांसलर पी. के. गुप्ता ने स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि शारदा यूनिवर्सिटी का उद्देश्य केवल डिग्री बांटना नहीं, बल्कि ऐसे युवाओं को गढ़ना है जो ज्ञान, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ देश-दुनिया में सकारात्मक बदलाव ला सकें। उन्होंने कहा कि 30 वर्षों की यह यात्रा चुनौतियों, संघर्षों और नवाचारों से भरी रही है, लेकिन विश्वविद्यालय परिवार की एकजुटता और समर्पण ने शारदा को एक वैश्विक पहचान दिलाई है।

तीन दशक, अनगिनत उपलब्धियां

शारदा यूनिवर्सिटी आज केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि शिक्षा, शोध, चिकित्सा, तकनीक और नवाचार का एक मजबूत केंद्र बन चुकी है। देश-विदेश से हजारों छात्र यहां पढ़ाई कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं।
स्थापना दिवस पर विश्वविद्यालय की इस तीन दशक लंबी यात्रा को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शारदा ने शिक्षा को रोजगार, रिसर्च और सामाजिक सेवा से जोड़ने का सफल मॉडल प्रस्तुत किया है।

खेल, उत्साह और पुरानी यादों का संगम

स्थापना दिवस समारोह के तहत दोपहर में शारदा एल्युमिनी एसोसिएशन और शारदा एम्प्लाई टीम के बीच एक रोमांचक क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया।
मैच में शारदा एल्युमिनी टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए तीन विकेट से जीत हासिल की। इस मुकाबले ने न केवल खेल भावना को मजबूत किया, बल्कि पूर्व छात्रों और वर्तमान कर्मचारियों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी और गहरा किया।

पूर्व छात्रों का सम्मान, सफलता की कहानियों का मंच

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के उन पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर शारदा यूनिवर्सिटी का नाम रोशन किया।
सम्मानित होने वालों में भारत सरकार से जुड़े आनंद मोहन, तेलुगु फिल्म अभिनेता डॉ. गौतम कृष्णा, और चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली डॉ. राशि प्रमुख रहे।
इन पूर्व छात्रों की सफलता की कहानियां वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनीं।

नेतृत्व और शिक्षकों की गरिमामयी मौजूदगी

स्थापना दिवस समारोह में विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर वाई. के. गुप्ता, शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सीईओ प्रशांत गुप्ता, शारदा अस्पताल के वाइस प्रेसिडेंट ऋषभ गुप्ता, रजिस्ट्रार डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, वाइस चांसलर डॉ. सिबाराम खारा, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. परमानंद, विभिन्न विभागों के डीन, एचओडी, शिक्षक और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सभी ने एक स्वर में विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प दोहराया।

भविष्य की दिशा: रिसर्च, इनोवेशन और ग्लोबल पहचान

वक्ताओं ने कहा कि आने वाले वर्षों में शारदा यूनिवर्सिटी रिसर्च, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थ साइंसेज, इंटरनेशनल कोलैबोरेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर विशेष फोकस करेगी।
विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि यहां से निकलने वाला हर छात्र न केवल सफल प्रोफेशनल बने, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक भी हो।

शारदा यूनिवर्सिटी का 30वां स्थापना दिवस गौरव, प्रेरणा, उपलब्धियों और भविष्य की उम्मीदों का भव्य संगम साबित हुआ। तीन दशकों की यह यात्रा बताती है कि जब दृष्टि स्पष्ट हो और उद्देश्य मजबूत, तो शिक्षा समाज की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
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