Greater Noida News : शिक्षा की लौ से समाज को रोशन करने वाली शिक्षिकाओं का हुआ सम्मान, सावित्रीबाई फुले जयंती पर महिला उन्नति संस्था का प्रेरक आयोजन, सावित्रीबाई फुले संघर्ष, शिक्षा और साहस की प्रतीक, शिक्षिकाओं का सम्मान, समाज के नायकों को सलाम

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान को समर्पित महिला उन्नति संस्था ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर एक भावनात्मक, प्रेरक और उद्देश्यपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर समाज में शिक्षा की अलख जगाने वाली शिक्षिकाओं को “सावित्रीबाई फुले सम्मान” से सम्मानित किया गया, जिससे पूरा वातावरण नारी शक्ति, शिक्षा और सामाजिक बदलाव के संदेश से ओतप्रोत नजर आया।
सावित्रीबाई फुले: संघर्ष, शिक्षा और साहस की प्रतीक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. वंदना सिंह ने सावित्रीबाई फुले के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे दौर में बालिकाओं की शिक्षा के लिए संघर्ष किया, जब समाज में लड़कियों का स्कूल जाना पाप समझा जाता था।
डॉ. सिंह ने कहा, “सावित्रीबाई फुले ने न केवल सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ा, बल्कि 18 बालिका विद्यालयों की स्थापना कर यह सिद्ध किया कि शिक्षा ही समाज परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है।” उन्होंने शिक्षिकाओं को आधुनिक समाज की सावित्रीबाई बताते हुए कहा कि आज भी शिक्षक ही वह कड़ी हैं, जो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य गढ़ते हैं।
महिला उन्नति संस्था: महिला सशक्तिकरण की मजबूत आवाज
महिला उन्नति संस्था की मीडिया प्रमुख दीपा रानी ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि यह संगठन महिलाओं और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि संस्था—महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर कार्य करती है समय-समय पर स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित करती है
सामाजिक कुरीतियों और बीमारियों के प्रति महिलाओं को जागरूक करती है
उनका कहना था कि सावित्रीबाई फुले की विचारधारा ही संस्था के कार्यों की प्रेरणा है।
स्वास्थ्य जागरूकता की मजबूत पहल: कैंसर पर विशेष कार्यशाला
कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में यथार्थ हॉस्पिटल के सहयोग से महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक विशेष कैंसर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में— महिलाओं में होने वाले विभिन्न प्रकार के कैंसर
उनके शुरुआती लक्षण
समय पर जांच और इलाज के महत्व
पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। इस सत्र ने महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की नई सोच विकसित की।
शिक्षिकाओं का सम्मान, समाज के नायकों को सलाम
कार्यक्रम के अंत में समाज में शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली शिक्षिकाओं को “सावित्रीबाई फुले सम्मान” से सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह में जिन प्रमुख नामों की उपस्थिति रही, उनमें— राहुल वर्मा (अध्यक्ष), अनिल कुमार भाटी, डॉ. वंदना सिंह, दीपा रानी, ज्योति सिंह, ओमवीर बघेल सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।
सम्मान प्राप्त करने वाली शिक्षिकाओं के चेहरों पर गर्व और आत्मविश्वास की चमक साफ नजर आ रही थी, जिसने कार्यक्रम को भावनात्मक ऊंचाई दी।
नारी शक्ति, शिक्षा और स्वास्थ्य का प्रेरक संगम
सावित्रीबाई फुले जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह—
नारी शिक्षा का सम्मान
महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता
और समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत पहल
का प्रतीक बनकर उभरा।
महिला उन्नति संस्था का यह आयोजन यह संदेश देकर गया कि जब शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान एक मंच पर मिलते हैं, तो समाज में वास्तविक परिवर्तन की नींव रखी जाती है।
सच ही कहा गया है—
“एक शिक्षित महिला, पूरे समाज को शिक्षित करती है।”



