Jewar International Airport News : जेवर एयरपोर्ट की उड़ान से पहले बड़ा कदम, MRO सुविधा के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अकासा एयर की रणनीतिक साझेदारी, बनेगा नया एविएशन हब, भारत के विमानन क्षेत्र को मिलेगा बड़ा बूस्ट, रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के नए अवसर, NIA के CEO क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने जताई खुशी

नोएडा, रफ़्तार टूडे। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए महत्वाकांक्षी परियोजना माने जा रहे Noida International Airport से जुड़ी एक बड़ी घोषणा सामने आई है। भारत के तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से Akasa Air और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने एयरपोर्ट परिसर में अत्याधुनिक मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सुविधा विकसित करने के लिए रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है।
यह समझौता न केवल एयरपोर्ट के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, बल्कि इससे भारत में विमान रखरखाव सेवाओं की क्षमता भी मजबूत होगी। इस पहल से जेवर स्थित एयरपोर्ट को देश के प्रमुख MRO हब के रूप में स्थापित करने का रास्ता भी तैयार होगा।
भारत के विमानन क्षेत्र को मिलेगा बड़ा बूस्ट
इस साझेदारी के तहत Akasa Air आगामी Noida International Airport परिसर के भीतर अपनी पहली समर्पित MRO सुविधा स्थापित करेगी। यह अत्याधुनिक सुविधा विमान रखरखाव से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करेगी, जिसमें तकनीकी निरीक्षण, मरम्मत, उपकरण परीक्षण और विमान संचालन से जुड़े अन्य तकनीकी कार्य शामिल होंगे।
एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में घरेलू MRO सुविधाओं की संख्या अभी भी सीमित है, जिसके कारण कई एयरलाइनों को विदेशों में विमान रखरखाव कराना पड़ता है। ऐसे में जेवर एयरपोर्ट पर बनने वाली यह सुविधा भारतीय विमानन उद्योग के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
जेवर एयरपोर्ट को MRO हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम
यह साझेदारी भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के उस व्यापक विज़न के अनुरूप है, जिसके तहत Noida International Airport को भविष्य में एक मल्टी-फंक्शनल एविएशन हब के रूप में विकसित किया जाना है।
एयरपोर्ट पर MRO सुविधा विकसित होने से न केवल एयरलाइनों के लिए लागत में कमी आएगी, बल्कि विमान रखरखाव से जुड़े कई तकनीकी कार्य देश में ही किए जा सकेंगे। इससे भारत की विमानन सेवाओं में आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता मजबूत होगी।
रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के नए अवसर
MRO सुविधा की स्थापना का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कौशल विकास के रूप में सामने आएगा।
इस परियोजना के माध्यम से इंजीनियरिंग, तकनीकी सेवाओं, विमान रखरखाव, लॉजिस्टिक्स और सपोर्ट सेवाओं जैसे क्षेत्रों में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
साथ ही विमानन तकनीक से जुड़े युवाओं के लिए प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट के नए कार्यक्रम भी शुरू किए जा सकते हैं, जिससे क्षेत्र में एविएशन इंडस्ट्री का मजबूत इकोसिस्टम तैयार होगा।
NIA के CEO क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने जताई खुशी
इस साझेदारी को लेकर Christoph Schnellmann, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, Noida International Airport, ने कहा कि भारत में अकासा एयर द्वारा अपनी पहली MRO सुविधा जेवर एयरपोर्ट पर स्थापित करने का निर्णय बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि यह कदम एयरपोर्ट के उस विज़न को मजबूत करता है, जिसके तहत इसे भारत का एक विश्वस्तरीय विमानन केंद्र बनाया जा रहा है।
उनके अनुसार, इस साझेदारी से न केवल भारत की MRO क्षमताएं मजबूत होंगी बल्कि क्षेत्र में रोजगार और तकनीकी कौशल के नए अवसर भी पैदा होंगे।
अकासा एयर के CEO विनय दुबे ने बताया दीर्घकालिक रणनीति
इस सहयोग पर प्रतिक्रिया देते हुए Vinay Dube, संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, Akasa Air, ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ यह साझेदारी कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि भारत का विमानन बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और ऐसे में मजबूत घरेलू MRO क्षमताओं का विकास एयरलाइनों के लिए बेहद जरूरी है।
विनय दुबे के अनुसार, अकासा एयर द्वारा इस क्षेत्र में शुरुआती निवेश कंपनी के अनुशासित और दीर्घकालिक विकास मॉडल का हिस्सा है, जो एयरलाइन के संचालन को मजबूत करने के साथ-साथ भारत में आत्मनिर्भर विमानन पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में भी योगदान देगा।
अकासा एयर: भारत की तेजी से बढ़ती एयरलाइन
Akasa Air भारत की सबसे तेजी से उभरती एयरलाइनों में से एक है, जिसका लक्ष्य भरोसेमंद सेवाएं, बेहतर ग्राहक अनुभव और किफायती किराए प्रदान करना है।
अगस्त 2022 में शुरू हुई इस एयरलाइन ने अब तक 2.5 करोड़ से अधिक यात्रियों को सेवा दी है और वर्तमान में 26 घरेलू और 6 अंतरराष्ट्रीय शहरों से अपनी उड़ानें संचालित कर रही है।
कंपनी ने दीर्घकालिक विस्तार के लिए 226 Boeing 737 MAX विमानों का ऑर्डर दिया है। फिलहाल एयरलाइन 35 Boeing 737 MAX विमानों का संचालन कर रही है, जो ईंधन दक्षता और कम कार्बन उत्सर्जन के लिए जाने जाते हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: भारत का भविष्य का मेगा एविएशन प्रोजेक्ट
Noida International Airport दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक गेम-चेंजर परियोजना माना जा रहा है।
यह हवाईअड्डा Yamuna International Airport Private Limited द्वारा विकसित किया जा रहा है, जो Zurich Airport International AG की सहायक कंपनी है। यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार के सहयोग से विकसित की जा रही है।
एयरपोर्ट के पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल बनाया जाएगा, जिसकी क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की होगी। भविष्य में इसके विस्तार के साथ यह एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े विमानन केंद्रों में शामिल हो सकता है।
साथ ही यह एयरपोर्ट नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह पर्यावरण के लिहाज से भी एक आधुनिक और टिकाऊ एयरपोर्ट बनेगा।
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट पर MRO सुविधा शुरू होने से एविएशन, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, होटल और औद्योगिक क्षेत्रों में भी तेजी से विकास होगा।
इससे न केवल गौतम बुद्ध नगर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि यह क्षेत्र भारत के प्रमुख एविएशन और औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।



