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Noida Authority News : “नोएडा को मिलेगा ‘ग्रीन गिफ्ट’! सेक्टर-91 में बन रहा डियर पार्क बनेगा सिटी का नया इको-टूरिज्म हॉटस्पॉट, अक्टूबर 2026 तक ओपनिंग का टारगेट”, गोल्फ कार्ट से ई-चार्जिंग तक—हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा पार्क, CZA गाइडलाइंस के तहत होगा विकास

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा शहर को जल्द ही एक बड़ी पर्यावरणीय सौगात मिलने जा रही है। सेक्टर-91 में करीब 30 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित किया जा रहा डियर पार्क (हिरण पार्क) अब तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। 29 अप्रैल 2026 को इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश ने की।
बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) संजय कुमार श्रीवास्तव, वन्यजीव विशेषज्ञ प्रवीण चंद्र त्यागी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और परियोजना से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे। इस दौरान पार्क के डिजाइन, संरचना और सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

डिजाइन से लेकर सुविधाओं तक—हर पहलू पर हुई गहन समीक्षा

बैठक के दौरान अधिकारियों ने डियर पार्क के एंट्री प्लाजा के डिजाइन, पार्क के अंदर बनाए जा रहे हिरणों और अन्य वन्यजीवों के इनक्लोजर (आवास क्षेत्र) और अन्य बुनियादी ढांचे की प्रगति का जायजा लिया। CEO कृष्णा करुणेश ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पार्क का निर्माण केवल एक साधारण ग्रीन स्पेस के रूप में नहीं, बल्कि एक अत्याधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन स्थल के रूप में किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना नोएडा की पहचान को एक नए स्तर पर ले जाएगी।

गोल्फ कार्ट से ई-चार्जिंग तक—हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा पार्क

डियर पार्क को आम लोगों के लिए आकर्षक और सुविधाजनक बनाने के लिए कई आधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित की गई हैं। इसमें बैटरी से चलने वाली गोल्फ कार्ट, ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, स्वच्छ टॉयलेट, पीने के पानी की बेहतर व्यवस्था और गर्मी से बचाव के लिए शेड (हट) जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इन सुविधाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर आयु वर्ग के लोग—चाहे बच्चे हों, बुजुर्ग हों या पर्यटक—पार्क में आरामदायक अनुभव ले सकें।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में पहला डेडिकेटेड डियर पार्क

गौरतलब है कि गौतमबुद्ध नगर और नोएडा क्षेत्र में अब तक इस प्रकार का कोई समर्पित डियर पार्क विकसित नहीं किया गया है। ऐसे में यह परियोजना क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। यह पार्क न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगा, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि हिरणों जैसी प्रजातियों की संख्या लगातार घट रही है, ऐसे में यह पार्क उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए एक सुरक्षित आवास प्रदान करेगा।

मिनी चिड़ियाघर जैसा अनुभव, शिक्षा और मनोरंजन का संगम

इस डियर पार्क को एक मिनी चिड़ियाघर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां हिरणों के साथ अन्य वन्यजीवों को भी प्राकृतिक वातावरण के करीब रखा जाएगा। यह पार्क न सिर्फ मनोरंजन का केंद्र बनेगा, बल्कि लोगों को पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करने का भी काम करेगा। खासतौर पर छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र के रूप में उभरेगा, जहां वे प्रकृति और जैव विविधता को करीब से समझ सकेंगे।

पर्यावरण संतुलन को मिलेगा बढ़ावा

डियर पार्क के निर्माण से क्षेत्र में हरियाली और पारिस्थितिकी संतुलन को मजबूती मिलेगी। हिरणों और अन्य जीवों की मौजूदगी से प्राकृतिक चक्र को संतुलित बनाए रखने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे पार्क शहरों में “ग्रीन लंग्स” की तरह काम करते हैं, जो प्रदूषण कम करने और वातावरण को शुद्ध रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

अक्टूबर 2026 तक उद्घाटन का लक्ष्य

नोएडा प्राधिकरण ने इस परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि अक्टूबर 2026 तक पार्क का उद्घाटन किया जा सके।
अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो आने वाले कुछ महीनों में नोएडा वासियों को एक शानदार इको-टूरिज्म स्पॉट मिलने वाला है।

CZA गाइडलाइंस के तहत होगा विकास

इस डियर पार्क का विकास सेंट्रल जू अथॉरिटी (CZA) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। इसे एक स्वतंत्र इकाई के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा, देखभाल और उनके प्राकृतिक व्यवहार को बनाए रखने में कोई कमी न रहे।

नोएडा के लिए बनेगा ‘नई पहचान’ का केंद्र

कुल मिलाकर सेक्टर-91 में बन रहा यह डियर पार्क नोएडा के लिए सिर्फ एक पार्क नहीं, बल्कि एक नई पहचान बनने जा रहा है। यह परियोजना शहर को हरियाली, पर्यटन, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के चारों स्तंभों पर आगे बढ़ाएगी। नोएडा के तेजी से शहरीकरण के बीच यह पहल एक संतुलित विकास का उदाहरण भी पेश करती है, जहां आधुनिकता के साथ प्रकृति को भी समान महत्व दिया जा रहा है।

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