Galgotia University News : “ग्लोबल रैंकिंग में चमका ग्रेटर नोएडा!, गलगोटिया यूनिवर्सिटी बनी ‘रिसर्च पावरहाउस’, टाइम्स हायर एजुकेशन 2026 में टॉप-27 प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ में जगह”, 1300+ में से चुने गए सिर्फ 128, “यह सिर्फ यूनिवर्सिटी नहीं, पूरे भारत की उपलब्धि” – डॉ. ध्रुव गलगोटिया

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। शिक्षा के वैश्विक मंच पर ग्रेटर नोएडा का नाम एक बार फिर मजबूती से गूंजा है। Galgotias University ने प्रतिष्ठित Times Higher Education World University Rankings 2026 में अपनी जगह बनाकर न सिर्फ क्षेत्र बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। खास बात यह है कि भारत के निजी विश्वविद्यालयों में गलगोटिया विश्वविद्यालय को 27वां स्थान प्राप्त हुआ है, जो उसकी तेजी से बढ़ती शैक्षणिक गुणवत्ता और वैश्विक पहचान को दर्शाता है।
1300+ में से चुने गए सिर्फ 128, उनमें शामिल गलगोटिया
इस वर्ष की रैंकिंग में भारत के 1300 से अधिक विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन किया गया, लेकिन केवल 128 संस्थान ही इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बना सके। ऐसे प्रतिस्पर्धी माहौल में गलगोटिया विश्वविद्यालय का चयन अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
यह रैंकिंग सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि संस्थान की अकादमिक मजबूती, रिसर्च आउटपुट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी विश्वसनीयता का प्रमाण है।
रिसर्च इकोसिस्टम बना ‘गेम चेंजर’, क्वालिटी ने दिलाया ग्लोबल सम्मान
Times Higher Education द्वारा जारी इस रैंकिंग में विश्वविद्यालयों को पांच प्रमुख मानकों पर परखा जाता है—
शिक्षण गुणवत्ता
शोध वातावरण
शोध गुणवत्ता
अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण
उद्योग सहयोग
इन सभी में गलगोटिया विश्वविद्यालय ने मजबूत प्रदर्शन किया, लेकिन सबसे बड़ी ताकत के रूप में इसकी रिसर्च क्वालिटी उभरकर सामने आई।
नंबर बोलते हैं—रिसर्च में रिकॉर्ड परफॉर्मेंस
गलगोटिया विश्वविद्यालय के आंकड़े इसकी रिसर्च क्षमता की स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं—
8500+ इंडेक्स्ड शोध पत्र
65,500+ साइटेशन
H-Index: 94
31 पेटेंट
ये आंकड़े बताते हैं कि विश्वविद्यालय केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नवाचार और ज्ञान निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
ग्लोबल पहचान: स्टैनफोर्ड की टॉप 2% वैज्ञानिक सूची में फैकल्टी
विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय साख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके 7 फैकल्टी सदस्य दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हैं। यह सूची वैश्विक स्तर पर शोध प्रभाव और गुणवत्ता का सबसे बड़ा मानक मानी जाती है।
सरकारी रिसर्च फंडिंग में भी मजबूत पकड़
गलगोटिया विश्वविद्यालय ने अब तक 15 से अधिक सरकारी वित्तपोषित शोध परियोजनाएं हासिल की हैं, जिनके लिए करीब 1.70 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है।
इन प्रोजेक्ट्स को CSIR, SERB, ICSSR और IIT Bombay जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग प्राप्त हुआ है।
“यह सिर्फ यूनिवर्सिटी नहीं, पूरे भारत की उपलब्धि” – डॉ. ध्रुव गलगोटिया
विश्वविद्यालय के CEO Dr. Dhruv Galgotia ने इस उपलब्धि को साझा करते हुए कहा कि यह सफलता केवल संस्थान की नहीं, बल्कि छात्रों, अभिभावकों और पूरे देश की है। उन्होंने कहा कि यह समय भारत के आगे बढ़ने और वैश्विक नेतृत्व स्थापित करने का है, और गलगोटिया विश्वविद्यालय इस दिशा में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और इंडस्ट्री कनेक्ट—भविष्य की तैयारी
गलगोटिया विश्वविद्यालय ने शिक्षा के पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़ते हुए टेक्नोलॉजी-ड्रिवन लर्निंग, इंडस्ट्री पार्टनरशिप और मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्सेज पर खास फोकस किया है।
अत्याधुनिक इनोवेशन लैब्स
इंडस्ट्री-ओरिएंटेड ट्रेनिंग
इंटरनेशनल एक्सपोजर
करियर-रेडी एजुकेशन मॉडल
ये सभी पहल छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही हैं।
पहले भी मिल चुका है बड़ा सम्मान
यह पहली बार नहीं है जब गलगोटिया विश्वविद्यालय ने ग्लोबल स्तर पर अपनी पहचान बनाई हो। इससे पहले QS सब्जेक्ट रैंकिंग में कंप्यूटर साइंस के लिए भी इसे भारत के निजी विश्वविद्यालयों में 11वां स्थान मिला था।
ग्रेटर नोएडा बना एजुकेशन हब, नई पहचान की ओर बढ़ता कदम
गलगोटिया विश्वविद्यालय की यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए, बल्कि पूरे ग्रेटर नोएडा के लिए गर्व का विषय है। यह क्षेत्र अब तेजी से एक एजुकेशन और रिसर्च हब के रूप में उभर रहा है। यह सफलता दिखाती है कि अगर विज़न, रिसर्च और इनोवेशन का सही मिश्रण हो, तो भारतीय संस्थान भी वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं।



