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Greater Noida Authority News : “बजट से लेकर बस तक, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक में फैसलों की झड़ी, विकास का मेगा ब्लूप्रिंट तैयार!, “बैलेंस्ड बजट, बिग विजन”, 6048 करोड़ से विकास की नई पटकथा, “इलेक्ट्रिक बसों से क्लीन और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट”, “परी चौक होगा जाम फ्री”, ग्रेनो के चार रूटों पर चलेंगी 15 ईवी बसें, ,विकास कार्यों पर 2176 करोड़ रुपये होंगे खर्च

गंगा एक्‍सप्रेस वे को जोड़ने के लिए बनाई जाएगी सड़क, “फैसलों की यह फेहरिस्त, शहर को बनाएगी स्मार्ट और सस्टेनेबल, “स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों को बढ़ावा”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक इस बार सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं रही, बल्कि इसे शहर के भविष्य की दिशा तय करने वाला ‘मास्टर डिसीजन डे’ कहा जाए तो गलत नहीं होगा। शनिवार, 2 मई को आयोजित इस अहम बैठक में ऐसे कई फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर आम जनता, निवेशकों, फ्लैट खरीदारों और उद्योग जगत पर पड़ने वाला है। बजट पास होने से लेकर नई सड़कों के ऐलान, पानी के बिल में राहत, ईवी बसों की शुरुआत और हाईटेक फायर सेफ्टी तक—हर मोर्चे पर बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए।

बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन दीपक कुमार ने की, जिसमें सीईओ एनजी रवि कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6048 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई, जिसमें आमदनी और खर्च दोनों बराबर रखे गए हैं—यानी संतुलित और योजनाबद्ध विकास का संकेत साफ है।

“बैलेंस्ड बजट, बिग विजन” — 6048 करोड़ से विकास की नई पटकथा
प्राधिकरण ने इस बार का बजट पूरी तरह विकास-उन्मुख रखा है। जमीन अधिग्रहण, इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास पर सबसे ज्यादा फोकस किया गया है। करीब 1150 करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण और 2176 करोड़ रुपये निर्माण कार्यों पर खर्च होंगे।
इसके अलावा फुटओवर ब्रिज, एसटीपी, विद्युत सबस्टेशन, बस शेल्टर, गंगाजल प्रोजेक्ट और सेक्टर विकास जैसी परियोजनाएं भी प्राथमिकता में हैं। ग्रीनरी पर 108 करोड़ और पूंजीगत कार्यों पर 778 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

“पानी में राहत की बौछार” — पहली बार नहीं बढ़ेगा जल शुल्क
इस बैठक का सबसे राहतभरा फैसला रहा—जल शुल्क में इस साल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। 2013-14 से हर साल 10% बढ़ने वाला पानी का बिल इस बार स्थिर रहेगा।
साथ ही बकाएदारों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू की गई है—
30 जून तक 40% ब्याज छूट
31 जुलाई तक 30%
31 अगस्त तक 20%
करीब 290 करोड़ रुपये के बकाया जल बिल पर यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है।


“सड़कें बनेंगी सुपरफास्ट कनेक्टिविटी का आधार”
ग्रेटर नोएडा को गंगा एक्सप्रेसवे और नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई—
105 मीटर रोड को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली 15 किमी सड़क
लॉजिस्टिक हब से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर 6 लेन एलिवेटेड रोड
इन परियोजनाओं के पूरा होने से यात्रा समय घटेगा और औद्योगिक गतिविधियों को जबरदस्त गति मिलेगी।

“इलेक्ट्रिक बसों से क्लीन और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट”
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देते हुए 4 रूटों पर 15 ईवी बसें चलाने का फैसला लिया गया है। ये बसें जेवर एयरपोर्ट को शहर के प्रमुख इलाकों से जोड़ेंगी।
छह महीने के ट्रायल के लिए 1.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद के चलते इस बार सफलता की संभावना ज्यादा मानी जा रही है।

“हाईराइज सेफ्टी को हाईटेक कवच”
बहुमंजिला इमारतों में आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए प्राधिकरण ने 102 मीटर के दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदने को मंजूरी दी है, जिन पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह कदम तेजी से बढ़ते हाईराइज कल्चर के बीच सुरक्षा को नई मजबूती देगा।


“फ्लैट खरीदारों और आवंटियों को बड़ी राहत”
EWS से लेकर 135 वर्गमीटर तक के फ्लैट खरीदारों के लिए भी OTS योजना लागू की गई है।
प्रीमियम और लीज डीड पर ब्याज में भारी छूट
दंड ब्याज पूरी तरह माफ
इसके अलावा आवंटन दरों में सिर्फ 3.58% की मामूली बढ़ोतरी की गई है।

“उद्योगों को फुल पावर सप्लाई”
इकोटेक-10 में 220 केवी का नया सबस्टेशन बनेगा, जिससे उद्योगों को निर्बाध बिजली मिलेगी। यह भविष्य की बढ़ती मांग को भी पूरा करेगा।

“परी चौक होगा जाम फ्री”
ट्रैफिक समस्या से जूझ रहे परी चौक और आसपास के क्षेत्रों के लिए आईआईटी दिल्ली से समाधान प्लान तैयार कराया जाएगा। यह संस्थान डिजाइन से लेकर मॉनिटरिंग तक पूरी जिम्मेदारी निभाएगा।


“स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों को बढ़ावा”
नॉलेज पार्क-5 में 350 बेड का ईएसआई अस्पताल
एनडीआरएफ के लिए आवासीय फ्लैट
मेघालय भवन के लिए जमीन आवंटन
ये फैसले सामाजिक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करेंगे।

“ग्रीन फ्यूचर की ओर कदम”
कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देकर प्राधिकरण ने पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी निभाई है। सोलर, ग्रीन बिल्डिंग, ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर और कचरा प्रबंधन जैसे प्रोजेक्ट्स से भविष्य में राजस्व भी उत्पन्न होगा।

“फैसलों की यह फेहरिस्त, शहर को बनाएगी स्मार्ट और सस्टेनेबल”
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह 143वीं बोर्ड बैठक वास्तव में विकास, राहत और भविष्य की तैयारी का संतुलित मिश्रण साबित हुई है। जहां एक ओर आम जनता को पानी और फ्लैट से जुड़ी राहत मिली, वहीं दूसरी ओर इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट और इंडस्ट्री को नई रफ्तार देने की ठोस योजना तैयार की गई है। अगर इन फैसलों का क्रियान्वयन तय समय पर हुआ, तो आने वाले वर्षों में ग्रेटर नोएडा न सिर्फ NCR बल्कि पूरे देश के सबसे विकसित शहरों में शुमार हो सकता है।

इस बैठक में चेयरमैन, अपर मुख्य सचिव और सीईओ NG रवि कुमार के अलावा नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ प्रेरणा सिंह, एसीईओ सुमित यादव, यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया, एडीएम बच्चू सिंह, ग्रेनो प्राधिकरण के जीएम वित्त स्वतंत्र गुप्ता, ग्रेनो प्राधिकरण के ओएसडी गुंजा सिंह, ओएसडी अभिषेक पाठक, ओएसडी गिरीश झा, ओएसडी मुकेश कुमार सिंह, ओएसडी रामनयन सिंह, जीएम प्लानिंग लीनू सहगल, जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह, ओएसडी एनके सिंह, विधि अधिकारी रविंद्र कसाना आदि अधिकारीगण मौजूद रहे।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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