Breaking News : नाम की एक गलती… और दांव पर लग गया छात्र का भविष्य! दादरी के कौशल्या वर्ल्ड स्कूल पर अभिभावक का गंभीर आरोप, CBSE रिकॉर्ड में कथित त्रुटि से मचा हड़कंप, कक्षा-10 के छात्र के दस्तावेजों में कथित रूप से गलत नाम दर्ज होने का मामला, अभिभावक बोले— स्कूल की लापरवाही से मानसिक, आर्थिक और प्रशासनिक परेशानी झेलनी पड़ी; शिक्षा विभाग और CBSE से निष्पक्ष जांच की मांग
अभिभावक सोनू कुमार के अनुसार उनके पुत्र का सही नाम कल्पित (Kalpit) है, जबकि स्कूल के रिकॉर्ड में कथित रूप से उसका नाम गलत दर्ज कर दिया गया। इतना ही नहीं, छात्र की माता का सही नाम रीना (Reena) होने के बावजूद विद्यालय के रिकॉर्ड में उनका नाम भी गलत अंकित कर दिया गया। उनका कहना है कि यह केवल टाइपिंग की छोटी त्रुटि नहीं, बल्कि छात्र के शैक्षणिक भविष्य से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है

ग्रेटर नोएडा/दादरी, रफ़्तार टूडे। शिक्षा केवल किताबों और परीक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि स्कूलों की प्रशासनिक जिम्मेदारी भी छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि किसी छात्र के शैक्षणिक रिकॉर्ड में नाम, जन्मतिथि या अन्य मूलभूत जानकारी दर्ज करने में त्रुटि हो जाए, तो उसका असर वर्षों तक छात्र के करियर पर पड़ सकता है। दादरी स्थित कौशल्या वर्ल्ड स्कूल से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां कक्षा-10 के एक छात्र के रिकॉर्ड में कथित रूप से छात्र और उसकी माता का नाम गलत दर्ज होने का आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर अभिभावक ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिक्षा विभाग और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से निष्पक्ष जांच तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
छात्र के भविष्य पर मंडराया संकट, रिकॉर्ड में कथित रूप से दर्ज हुआ गलत नाम
अभिभावक सोनू कुमार के अनुसार उनके पुत्र का सही नाम कल्पित (Kalpit) है, जबकि स्कूल के रिकॉर्ड में कथित रूप से उसका नाम गलत दर्ज कर दिया गया। इतना ही नहीं, छात्र की माता का सही नाम रीना (Reena) होने के बावजूद विद्यालय के रिकॉर्ड में उनका नाम भी गलत अंकित कर दिया गया। उनका कहना है कि यह केवल टाइपिंग की छोटी त्रुटि नहीं, बल्कि छात्र के शैक्षणिक भविष्य से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि आधार कार्ड सहित अन्य सभी सरकारी दस्तावेजों में छात्र और उसकी माता का सही विवरण उपलब्ध है, लेकिन विद्यालय द्वारा समय रहते रिकॉर्ड में सुधार नहीं किए जाने के कारण समस्या और गंभीर हो गई।

CBSE के समक्ष देना पड़ा शपथ पत्र
अभिभावक का कहना है कि विद्यालय की ओर से समय पर आवश्यक संशोधन न किए जाने के कारण उन्हें सीबीएसई के समक्ष शपथ पत्र (Affidavit) प्रस्तुत करना पड़ा। इस पूरी प्रक्रिया में उन्हें आर्थिक खर्च के साथ-साथ मानसिक तनाव और कई प्रशासनिक औपचारिकताओं का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि यदि स्कूल प्रशासन प्रारंभिक स्तर पर ही रिकॉर्ड का सत्यापन कर त्रुटि सुधार देता, तो इतनी बड़ी परेशानी उत्पन्न नहीं होती।
अभिभावक ने लगाए गंभीर आरोप
सोनू कुमार का आरोप है कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण उनके परिवार को कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। उन्होंने कहा कि छात्र के शैक्षणिक रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की त्रुटि भविष्य में बोर्ड परीक्षा, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, पासपोर्ट, नौकरी और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में गंभीर बाधा बन सकती है। उन्होंने कहा कि एक अभिभावक अपने बच्चे को बेहतर भविष्य देने के लिए प्रतिष्ठित विद्यालय में दाखिला दिलाता है, लेकिन यदि विद्यालय ही मूलभूत रिकॉर्ड सुरक्षित रखने में सावधानी न बरते तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
रिकॉर्ड में तत्काल संशोधन की मांग
अभिभावक ने कौशल्या वर्ल्ड स्कूल से मांग की है कि छात्र के सभी शैक्षणिक अभिलेखों में सही नाम दर्ज कराते हुए सीबीएसई में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए। उनका कहना है कि छात्र की आगे की पढ़ाई और भविष्य किसी भी प्रकार की प्रशासनिक त्रुटि से प्रभावित नहीं होना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया कि विद्यालय भविष्य में रिकॉर्ड तैयार करते समय अधिक सावधानी बरते ताकि किसी अन्य छात्र और अभिभावक को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
शिक्षा विभाग और CBSE से निष्पक्ष जांच की मांग
अभिभावक ने संबंधित शिक्षा विभाग और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से भी इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में विद्यालय स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों की प्रशासनिक जवाबदेही भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता।
स्कूल पक्ष का नहीं मिल सका बयान
इस संबंध में विद्यालय का पक्ष जानने का प्रयास किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार विद्यालय के प्राचार्य से संपर्क करने के लिए दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल की गई, लेकिन नंबर बंद मिला। इसलिए इस मामले में विद्यालय का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। यदि विद्यालय प्रशासन इस संबंध में अपना पक्ष या स्पष्टीकरण जारी करता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
विशेषज्ञों की राय: रिकॉर्ड सत्यापन बेहद जरूरी
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्र के नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरणों का कई स्तर पर सत्यापन आवश्यक होता है। यदि किसी भी स्तर पर त्रुटि रह जाती है तो बाद में सुधार की प्रक्रिया जटिल हो सकती है। ऐसे मामलों में विद्यालयों और अभिभावकों दोनों को समय-समय पर रिकॉर्ड का मिलान करते रहना चाहिए। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि विद्यालय प्रशासन इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और शिक्षा विभाग व सीबीएसई इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं।



