Vijay Mahotsav Ramlila : ग्रेटर नोएडा की रामलीला में टूटा 50 फिट का धनुष, 55 फिट की ऊँचाई पर गूंजा जय श्रीराम – सीता स्वयंवर और विवाह दृश्य ने बाँधा समां, जनकपुरी में धनुष यज्ञ का दिव्य दृश्य, परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने बढ़ाया रोमांच

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। साइट-4 ग्रेटर नोएडा स्थित रामलीला ग्राउंड शुक्रवार की रात भक्ति और उल्लास का अद्वितीय संगम बना। श्री रामलीला कमेटी ग्रेटर नोएडा द्वारा आयोजित विजयमहोत्सव 2025 में सीता स्वयंवर का मंचन देखते ही बन रहा था। मंचन का सबसे खास और ऐतिहासिक क्षण तब आया जब 50 फिट का विशाल धनुष 55 फिट की ऊँचाई पर टूट गया और पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। ग्रेटर नोएडा की धरती ने इस बार फिर अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत किया। सीता स्वयंवर और धनुष टूटने का यह अद्भुत दृश्य लोगों की स्मृतियों में लंबे समय तक अंकित रहेगा। इस आयोजन ने साबित कर दिया कि रामलीला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कृति को संजोने का माध्यम भी है।
गणेश वंदना से हुई शुरुआत
इस विशेष मंचन का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे राज्यसभा सांसद सुरेन्द्र सिंह नागर ने दीप प्रज्ज्वलित कर रामलीला मंचन की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। समिति के अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह ने आगंतुकों का स्वागत किया और रामलीला आयोजन की परंपरा और महत्व पर प्रकाश डाला।
जनकपुरी में धनुष यज्ञ का दिव्य दृश्य
रामलीला के सबसे महत्वपूर्ण प्रसंग सीता स्वयंवर में जनकपुरी का दृश्य जीवंत कर दिया गया। कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने जानकारी दी कि राजा जनक की प्रतिज्ञा के अनुसार देश-देशांतर से आए अनेक राजाओं ने शिवजी के धनुष पर अपना-अपना बल आजमाया, परंतु सभी असफल रहे। राजा जनक की निराशा और उनके कटु वचनों से लक्ष्मण जी क्रोधित हो उठे, लेकिन भगवान श्रीराम ने उन्हें शांत कराया। इसके बाद ऋषि विश्वामित्र की आज्ञा से श्रीराम ने जैसे ही धनुष उठाया, वह भयंकर गर्जना के साथ टूट पड़ा।

तालियों और जयकारों से गूंजा पंडाल
महासचिव बिजेंद्र सिंह आर्य ने बताया कि 50 फिट लंबे धनुष का 55 फिट की ऊँचाई पर टूटना दर्शकों के लिए अद्भुत क्षण था। यह दृश्य देखकर पूरा पंडाल तालियों और जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। इसके बाद माता सीता ने भगवान श्रीराम को जयमाला पहनाई और श्रीराम ने सीता जी को। इस मंगल क्षण पर बधाई गीतों ने पूरे आयोजन को और अधिक भव्य बना दिया।
परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने बढ़ाया रोमांच
संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल ने बताया कि धनुष टूटने के बाद मंचन और भी रोमांचक हो गया। परशुराम क्रोधित होकर स्वयंवर स्थल पर आए और लक्ष्मण जी से उनका संवाद हुआ। अंततः भगवान श्रीराम ने परशुराम को शांत कर माहौल को संतुलित किया। इसके बाद अयोध्या से राम बारात जनकपुरी पहुंची और चारों भाइयों के विवाह सम्पन्न हुए।
अयोध्या में गूंजा उल्लास और स्वागत
मंचन के अंत में अयोध्या लौटने पर चारों रानियों ने अपनी नई बहुओं का आरती उतारकर भव्य स्वागत किया। यह दृश्य देखकर उपस्थित भक्तगण भाव-विभोर हो उठे। पूरे ग्राउंड में खुशी और उल्लास की लहर दौड़ गई।

आने वाले मंचन की झलक
मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया कि शनिवार को होने वाले मंचन में राज्याभिषेक की घोषणा, मंथरा-कैकयी संवाद, श्रवण वध, दशरथ मरण, राम वनवास, गुहूराज से भेंट और राम-केवट संवाद जैसी लीलाओं का भव्य मंचन होगा।
गणमान्य और समिति सदस्य रहे उपस्थित
इस अवसर पर समिति अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह, धर्मपाल प्रधान, बिजेंद्र सिंह आर्य, मनोज गर्ग, सौरभ बंसल, विनोद कसाना, ओमप्रकाश अग्रवाल, कुलदीप शर्मा, मुकेश शर्मा, हरेन्द्र भाटी, के के शर्मा, कमल सिंह आर्य, अमित गोयल, अतुल जिंदल, गिरीश जिंदल, मुकुल गोयल, सुनील प्रधान, श्यामवीर भाटी, श्रीचंद भाटी, मनोज यादव, सुभाष चंदेल, अनुज उपाध्याय, अरुण गुप्ता, अंकुर गर्ग, अतुल जैन, मोनू अग्रवाल, विकास, रिंकू, दीपक, टी पी सिंह समेत बड़ी संख्या में समिति सदस्य व गणमान्य लोग मौजूद रहे।



