Jewar Bjp News : बाबा साहब के विचारों से गूंजा जेवर, हतेवा गांव में हुआ भव्य विधानसभा सम्मेलन, सैकड़ों लोगों की मौजूदगी, अंबेडकर जयंती पर भाजपा का बड़ा आयोजन, समानता और संविधान के संदेश पर दिया जोर

जेवर, रफ़्तार टूडे । जेवर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हतेवा में 18 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर एक भव्य विधानसभा स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, महिलाओं, बुजुर्गों और दलित समाज के सैकड़ों लोगों की भागीदारी देखने को मिली।
“जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा रहे मुख्य अतिथि”
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अभिषेक शर्मा उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम का संचालन संयोजक नरेन्द्र डाढा द्वारा किया गया। सम्मेलन के दौरान नेताओं ने बाबा साहब के विचारों और उनके योगदान को विस्तार से याद किया।
“संविधान और सामाजिक समरसता पर दिया गया जोर”
मुख्य अतिथि अभिषेक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के महान विचार, संविधान निर्माण में उनका अतुलनीय योगदान और सामाजिक समरसता का संदेश आज पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने वंचित, पिछड़े और शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की, और आज भी उनके सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।
“नरेन्द्र डाढा ने भी रखे विचार”
कार्यक्रम संयोजक नरेन्द्र डाढा ने अपने संबोधन में कहा कि देश आज भी बाबा साहब के योगदान को याद करता है। उनके द्वारा दिया गया संविधान भारत को लगातार प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ा रहा है।
“बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद”
इस अवसर पर कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता उपस्थित रहे, जिनमें— वीरेन्द्र भाटी (जिला महामंत्री), कर्मवीर आर्य (मीडिया प्रभारी), राहुल पंडित (पूर्व जिला उपाध्यक्ष), जगदीप नागर, जितेंद्र नागर (दाउदपुर), प्रेमराज प्रधान, कुलदीप सिंह, कमल जाटव, साहबराम कर्दम, नेपाल सिंह, सौरभ जाटव, राजेश शर्मा, प्रदीप जाटव, राजाराम जाटव सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और दलित समाज के लोग मौजूद रहे।
“विचारों से प्रेरित समाज निर्माण की दिशा में कदम”
यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रयास था। डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्श—समानता, न्याय और सामाजिक सशक्तिकरण—आज भी समाज को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं। इस तरह के आयोजनों से न केवल जागरूकता बढ़ती है, बल्कि समाज में एकता और समरसता का संदेश भी मजबूत होता है।



