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Greater Noida Breaking News : ग्रेटर नोएडा वेस्ट की इस सोसाइटी में दर्दनाक हादसा, 18वीं मंजिल से गिरकर 13 वर्षीय बच्चे की मौत, निवासियों में आक्रोश और मातम, मेंटेनेंस और सुरक्षा पर उठे सवाल, बालकनी की रेलिंग बनी मौत का कारण?

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
शनिवार की रात ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ग्रीन आर्च सोसाइटी में एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने हर किसी को हिलाकर रख दिया। महज 13 साल का मासूम बच्चा प्रद्युमन ऊंची मंजिल से नीचे गिर पड़ा और कुछ ही पलों में उसकी जिंदगी का अंत हो गया। रात लगभग साढ़े 9 बजे हुई इस घटना ने सोसाइटी में कोहराम मचा दिया।

ग्रीन आर्च सोसाइटी का यह हादसा पूरे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए एक चेतावनी है। मासूम प्रद्युमन की मौत ने दिखा दिया कि एक छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। अब समय है कि सोसाइटी प्रबंधन, बिल्डर्स और निवासी मिलकर बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

हादसे की पूरी कहानी, मासूम का अचानक बिगड़ा संतुलन

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, प्रद्युमन अपने माता-पिता के साथ ग्रीन आर्च सोसाइटी की 18वीं मंजिल पर रहता था। शनिवार रात वह अपनी बालकनी में खड़ा होकर बाहर का नज़ारा देख रहा था। तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे जा गिरा। जैसे ही बच्चे के गिरने की आवाज़ आई, सोसाइटी परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय निवासियों और सुरक्षा गार्डों ने दौड़कर देखा तो नज़ारा भयावह था। परिजन भी तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चे को गंभीर हालत में यथार्थ अस्पताल ले जाया गया।
दुर्भाग्यवश डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रद्युमन को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस और सुरक्षा गार्डों की तत्परता

घटना की सूचना सुरक्षा गार्डों और निवासियों ने तुरंत पुलिस को दी। थाना बिसरख पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह एक दुर्घटना प्रतीत हो रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

परिवार और पड़ोसियों का गहरा सदमा

13 वर्षीय प्रद्युमन की असामयिक मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। पड़ोसियों के मुताबिक, प्रद्युमन एक शांत और समझदार बच्चा था। उसकी अचानक मौत ने सभी को झकझोर दिया है।परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और सोसाइटी में शोक की लहर छा गई है।

सुरक्षा पर उठे सवाल, बालकनी की रेलिंग बनी मौत का कारण?

इस हादसे ने सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। निवासियों का कहना है कि सोसाइटी की बालकनी की रेलिंग की ऊंचाई मात्र 3.5 से 4 फीट है। यह ऊंचाई बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं मानी जाती।

लोगों का मानना है कि रेलिंग की ऊंचाई बढ़ाई जानी चाहिए और बालकनी में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय (जैसे जाली या ग्रिल) अनिवार्य किए जाने चाहिए।निवासियों ने बिल्डर और सोसाइटी प्रबंधन से इस दिशा में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।

कोतवाली मनोज सिंह प्रभारी का बयान

कोतवाली प्रभारी मनोज सिंह ने बताया “परिजनों की ओर से अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। यदि शिकायत मिलती है तो मामले की सभी पहलुओं से जांच की जाएगी।” पुलिस फिलहाल हादसे को एक दुखद दुर्घटना मान रही है।

भविष्य के लिए सबक: बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान ज़रूरी

इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि उच्च-इमारतों में रहने वाले परिवारों को बच्चों की सुरक्षा पर अतिरिक्त ध्यान देना होगा।

रेलिंग की ऊंचाई को लेकर निर्माण मानकों की समीक्षा ज़रूरी है। बालकनी और खिड़कियों पर सेफ्टी ग्रिल या नेट लगाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। बिल्डर्स और प्राधिकरणों को भी ऐसी घटनाओं से सबक लेकर सख्त सुरक्षा गाइडलाइन लागू करनी चाहिए।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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