गौतमबुद्ध नगरउत्तर प्रदेशराजनीति

Big News : पश्चिम प्रदेश के लिए एकजुट हुए विभिन्न संगठन, 2027 के चुनाव में संयुक्त मोर्चा के बैनर तले उतरेंगे चुनावी मैदान में, चुनाव में एक ‘संयुक्त मोर्चा’ बनाकर पूरी मजबूती के साथ भागीदारी करेंगे

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा, पृथक ‘पश्चिम प्रदेश’ के निर्माण के संकल्प के साथ आज आयोजित “प्रदेश निर्माण सम्मेलन” में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया।

इस सम्मेलन में पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा, अखिल भारतीय

गुर्जर महासंघ, नेपाली जनता दल, पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा, विदर्भ राज्य आंदोलन समिति, सुहेल देव समाज पार्टी, संविधान बचाओ आंदोलन, जाट समाज व्यापार संघ, पश्चिमांचल विकास परिषद्,किसान मोर्चा, फेडरेशन ऑफ न्यू स्टेट्स, और उत्तराआंध्र पार्टी सहित कई प्रमुख संगठनों ने हिस्सा लिया।

सभी संगठनों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि वे आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक ‘संयुक्त मोर्चा’ बनाकर पूरी मजबूती के साथ भागीदारी करेंगे।

सम्मेलन में शामिल संगठनों ने स्पष्ट किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता अब पारंपरिक राजनीतिक दलों के खोखले वादों से ऊब चुकी है। ‘संयुक्त मोर्चा’ अब एक सशक्त राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरेगा।

इस मुद्दे की क्षेत्रीय अस्मिता की लड़ाई बताते हुए पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष एडवोकेट सतपाल यादव ने कहा कि अलग राज्य का गठन ही इस क्षेत्र के किसानों, युवाओं और व्यापारियों की समस्याओं का एकमात्र समाधान है।

इस सम्मेलन में गुर्जर महासंघ, जाट समाज व्यापार संघ और किसान संगठनों और संगठनों की भागीदारी ने यह साफ कर दिया है कि इस आंदोलन को ग्रामीण और सामाजिक स्तर पर व्यापक समर्थन प्राप्त है। वहीं फेडरेशन ऑफ न्यू स्टेट्स और उत्तराआंध्र पार्टी जैसे संगठनों के साथ आने से इस मांग को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य और अनुभव का भी साथ मिला है।

सम्मेलन में तय किया गया कि संयुक्त मोर्चा जल्द ही एक समन्वय समिति का गठन करेगा, जो सीटों के चयन और साझा चुनावी घोषणापत्र पर काम करेगी। इस अवसर बोलते हुए पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चे के केंद्रीय महासचिव कर्नल सुधीर चौधरी ने कहा कि “हमारी एकजुटता यह दर्शाती है कि पश्चिम प्रदेश का निर्माण अब केवल एक मांग नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन बन चुका है। 2027 का चुनाव यह तय करेगा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का भाग्य अब यहाँ के निवासी खुद लिखेंगे।”

मंच संचालक और मोर्चे के संगठन मंत्री जसबीर सिंह ने कहा कि इस महागठबंधन सम्मेलन की सफलता ने क्षेत्र में एक नई राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में यह मोर्चा पूरे क्षेत्र में जन-संपर्क अभियान चलाकर अपनी विचारधारा को घर-घर तक पहुँचाएगा। इस सम्मेलन की अध्यक्षता पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष श्री भगत सिंह वर्मा ने की।

श्री हरिश्चंद्र भाटी पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार एवं गुर्जर महासंघ के अध्यक्ष ने इस आंदोलन को क्षेत्र के भविष्य के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण और संघर्ष का प्रतीक बताया। आंदोलन चलाने वाले साथियों को समाज द्वारा हर तरीके से समर्थन देने की अपील की और तन मन धन से इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए सहयोग करने का सभी उपस्थित सदस्यों से वायदा किया।

फेडरेशन ऑफ न्यू स्टेट्स के अध्यक्ष बाबा तोमर, उत्तरांध्र पार्टी के अध्यक्ष मेट्टा रामाराव, डॉ चंद्रकेतु तेवतिया राजनैतिक संयोजक मंडल सदस्य,श्री जय प्रकाश विकल, सुनील भाटी, नरेंद्र वर्मा, शाबीर अली,नितिन स्वामी, राजवीर सिंह मुंडेट अध्यक्ष किसान कामगार पार्टी, दिलशाद प्रमुख, तेजवीर सिंह पवार, कुलदीप मलिक, तात्यासाहेब मात्रे, नीरज पवार, ओमबीर सिंह बीरवाल ने मुख्य रूप से सम्मेलन को संबोधित किया।

इसके अतिरिक्त सम्मेलन में बड़ी संख्या मोर्चे से जुड़े नेताओं और पश्चिम प्रदेश योद्धाओं ने भाग लिया जिनमें राजेंद्र पराशर, राजेन्द्र चौधरी, आलोक शर्मा, रवीश चौधरी, जगदीश शर्मा, गौरव यादव, हरजिंदर सिंह ओबेरॉय, हरपाल सिंह , सत्यप्रकाश शर्मा, आर एस राघव, विजेंद्र सिंह, दिनेश कुमार आदि शामिल रहे।

Gaurav sharma
Abhishek Sharma

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button