Greater Noida Authority News : “37.5 करोड़ की जमीन पर चला बुलडोज़र”, बिलासपुर में अवैध कॉलोनी पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, मचा हड़कंप, “जीरो टॉलरेंस” नीति पर सख्त संदेश, प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी N.G. रवि कुमार के निर्देश पर की गई

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिलासपुर क्षेत्र में करीब 18,770 वर्ग मीटर भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर प्राधिकरण ने बुलडोज़र चलाकर निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस भूमि की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 37.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी N.G. Ravi Kumar के निर्देश पर की गई। भूलेख और परियोजना विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को जमींदोज़ कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और सुरक्षा कर्मी भी तैनात रहे, ताकि किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
खसरा नंबर 100, 104 और 105 पर अवैध प्लॉटिंग
जानकारी के अनुसार बिलासपुर स्थित खसरा नंबर 100, 104 और 105 की जमीन पर एक कालोनाइजर द्वारा अवैध तरीके से प्लॉटिंग की जा रही थी। यहां पर बाउंड्री वॉल खड़ी कर घरों का निर्माण शुरू कर दिया गया था। प्राधिकरण की अनुमति और नक्शा पास कराए बिना यह निर्माण कार्य चल रहा था, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन था।
शिकायत मिलने के बाद प्राधिकरण ने मौके का निरीक्षण किया और तथ्य सही पाए जाने पर तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।
“जीरो टॉलरेंस” नीति पर सख्त संदेश
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी Sumit Yadav ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या नक्शा पास कराए किसी भी प्रकार का निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। बिना जांच-पड़ताल के अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से लोगों की मेहनत की कमाई जोखिम में पड़ सकती है।
शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
महाप्रबंधक परियोजना A.K. Singh ने बताया कि प्राप्त शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई। भूलेख विभाग के ओएसडी Ramnayan Singh के नेतृत्व में वरिष्ठ प्रबंधक Nagendra Singh सहित अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण सुनिश्चित किया।
कार्रवाई के दौरान अवैध निर्माण को पूरी तरह हटाया गया और संबंधित लोगों को दोबारा निर्माण करने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
निवेशकों के लिए चेतावनी
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वाले लोग बाद में कानूनी उलझनों में फंस सकते हैं। ऐसे मामलों में न तो निर्माण नियमित किया जाएगा और न ही कोई राहत दी जाएगी।
यह कार्रवाई उन कालोनाइजरों के लिए भी बड़ा संदेश है जो बिना अनुमति सरकारी जमीन या अधिसूचित क्षेत्र में प्लॉटिंग कर लोगों को गुमराह करते हैं।
सख्ती जारी रहेगी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह कार्रवाई दर्शाती है कि अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
प्राधिकरण ने दो टूक शब्दों में कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
साफ संदेश: नियम तोड़ोगे तो बुलडोज़र चलेगा!



