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Heat Wave News : तपता यूपी, बदला टाइम टेबल, 45°C की मार के बीच स्कूलों की घंटी अब ‘सुबह-सुबह’, लू का रेड अलर्ट, बच्चों की सेहत बनाम पढ़ाई पर बड़ा फैसला, नया टाइम टेबल, सुबह जल्दी, दोपहर में छुट्टी

Heat waves started in Uttar Pradesh schools timing changed

यूपी, रफ़्तार टूडे । उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आसमान से बरसती आग और लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए Basic Education Department Uttar Pradesh ने बड़ा निर्णय लेते हुए परिषदीय विद्यालयों के समय में बदलाव कर दिया है।

अब राज्य के सरकारी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित होंगे, जबकि पहले यह समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक था। यह फैसला सीधे तौर पर बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि दोपहर के समय तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है।

“44 डिग्री पार पारा—लू का कहर जारी”

राज्य के कई हिस्सों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। India Meteorological Department (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

प्रयागराज, वाराणसी, झांसी, आगरा समेत 26 जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अगले एक सप्ताह तक राहत के आसार बेहद कम हैं।

लोगों को खासतौर पर दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है, क्योंकि इस दौरान हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

 “नया टाइम टेबल—सुबह जल्दी, दोपहर में छुट्टी”

नई व्यवस्था के तहत स्कूलों की शुरुआत सुबह 7:30 बजे प्रार्थना सभा से होगी, जो 7:40 बजे तक चलेगी। इसके बाद नियमित कक्षाएं शुरू होंगी और दोपहर 12:30 बजे तक समाप्त हो जाएंगी। मध्यावकाश का समय भी तय किया गया है—सुबह 10:00 बजे से 10:15 बजे तक। इस बदलाव का उद्देश्य यह है कि बच्चों को दोपहर की तीखी धूप और लू से बचाया जा सके।

“शिक्षक संगठनों की मांग—और घटे समय”

हालांकि इस फैसले के बाद भी शिक्षक संगठनों ने अपनी चिंता जताई है। उनका कहना है कि मौजूदा हालात में 5 घंटे का स्कूल समय भी ज्यादा है।

शिक्षकों ने मांग की है कि स्कूल केवल 4 घंटे, यानी सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही संचालित किए जाएं। उनका तर्क है कि अत्यधिक गर्मी में लंबे समय तक स्कूल में रहना बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

“शिक्षकों के लिए अलग नियम—ड्यूटी लंबी”

जहां एक ओर छात्रों को जल्दी छुट्टी दी जा रही है, वहीं शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को दोपहर 1:30 बजे तक विद्यालय में उपस्थित रहना होगा।

इस व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि शिक्षकों का मानना है कि जब बच्चों की सुरक्षा के लिए समय घटाया जा रहा है, तो शिक्षकों के लिए भी समान संवेदनशीलता दिखाई जानी चाहिए।

“स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी”

विशेषज्ञों का कहना है कि लू के दौरान बच्चों को विशेष सावधानी की जरूरत होती है। शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, थकान और हीट स्ट्रोक जैसे खतरे तेजी से बढ़ जाते हैं।

ऐसे में स्कूल समय में बदलाव एक जरूरी कदम है, लेकिन इसके साथ-साथ अभिभावकों को भी बच्चों के खानपान और हाइड्रेशन पर विशेष ध्यान देना होगा।

“प्रशासन का संतुलन—पढ़ाई भी, सुरक्षा भी”

सरकार और शिक्षा विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित न हो और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके। इस फैसले को उसी संतुलन की दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है, जहां शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है।

“गर्मी का इम्तिहान, सिस्टम की परीक्षा”

उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी ने न केवल आम जीवन को प्रभावित किया है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी नए सिरे से 

Gaurav sharma
Abhishek Sharma

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