GNIOT College News : जीएनआईओटी एमबीए संस्थान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75वां जन्मदिवस ‘सेवा पखवाड़ा’ के रूप में मनाया, स्वच्छता अभियान से गूंजा ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर पूरा देश उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दे रहा है। इस खास अवसर को जीएनआईओटी एमबीए संस्थान, नॉलेज पार्क-2 ने कुछ अलग और प्रेरणादायक अंदाज़ में मनाया। संस्थान ने मोदी जी का जन्मदिवस सिर्फ एक उत्सव की तरह नहीं बल्कि ‘सेवा पखवाड़ा’ के रूप में मनाकर एक संदेश दिया कि सच्चा सम्मान सेवा, स्वच्छता और समाजहित में किए गए कार्यों से ही होता है।
ग्रेटर नोएडा स्थित जीएनआईओटी एमबीए संस्थान का यह अनोखा आयोजन दिखाता है कि प्रधानमंत्री का जन्मदिन केवल उत्सव नहीं बल्कि सेवा का अवसर है। स्वच्छता अभियान के माध्यम से संस्थान ने मोदी जी के 75वें जन्मदिन को समाजहित, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता की मिसाल बना दिया।
स्वच्छता अभियान बना जन्मदिन का मुख्य आकर्षण
इस अवसर पर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर कचरा हटाया, झाड़ू लगाई और स्थानीय लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया।
संस्थान के निदेशक डा. अंशुल शर्मा ने कहा—
“प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन सेवा और समर्पण का प्रतीक है। स्वच्छता अभियान उनकी दूरदर्शिता और ‘स्वच्छ भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में हमारे छोटे-से प्रयास का हिस्सा है।”
उनका कहना था कि स्वच्छता सिर्फ साफ वातावरण तक सीमित नहीं है बल्कि यह स्वास्थ्य, पर्यावरण और संस्कृति से भी गहराई से जुड़ी हुई है।
छात्र और शिक्षकों का एकजुट प्रयास
इस मौके पर संस्थान के डीन डा. पंकज सिन्हा, विभागाध्यक्ष डा. राजकुमार, डा. सुशील मौर्य सहित सभी शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए।
छात्रों ने पोस्टर और नारे लिखकर लोगों को प्रेरित किया:
“स्वच्छता अपनाओ, स्वास्थ्य पाओ”
“जहां स्वच्छता, वहां समृद्धि”
सभी ने यह संदेश दिया कि अगर हर नागरिक थोड़ी-सी जिम्मेदारी निभाए, तो देश को गंदगी से मुक्त किया जा सकता है।
‘सेवा पखवाड़ा’ का महत्व
‘सेवा पखवाड़ा’ कोई साधारण आयोजन नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच और विजन का प्रतिबिंब है। उनका मानना है कि जन्मदिन पर भव्य जश्न की जगह जनसेवा की जानी चाहिए। इसी सोच को जीएनआईओटी एमबीए संस्थान ने अपने स्तर पर आगे बढ़ाया।
स्वच्छता अभियान के दौरान न सिर्फ परिसर साफ हुआ बल्कि विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों में जागरूकता और जिम्मेदारी का भाव भी पैदा हुआ।
शिक्षा संस्थान की भूमिका समाज सेवा में
आज के दौर में शिक्षा संस्थान केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं हैं। उनकी जिम्मेदारी समाज और देशहित में भी है।
जीएनआईओटी एमबीए संस्थान ने यह दिखाया कि कैसे एक छोटा-सा कदम बड़े बदलाव की शुरुआत कर सकता है। विद्यार्थियों में नेतृत्व, सहयोग और सेवा भावना को विकसित करना ही ऐसे अभियानों का असली उद्देश्य है।
स्वच्छ भारत मिशन को नई ऊर्जा
प्रधानमंत्री मोदी के सपनों का स्वच्छ भारत मिशन इस तरह के प्रयासों से और मजबूत होता है। जीएनआईओटी एमबीए संस्थान की पहल ने दिखाया कि ‘स्वच्छता’ को अपनाकर न सिर्फ पर्यावरण सुधारा जा सकता है, बल्कि स्वस्थ समाज और उज्ज्वल भविष्य भी सुनिश्चित किया जा सकता है।
छात्रों और शिक्षकों ने यह भी संकल्प लिया कि आने वाले दिनों में इस अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा और आसपास के क्षेत्रों को गंदगी से मुक्त करने में योगदान दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर विशेष संदेश
संस्थान के निदेशक ने अपने संबोधन में कहा कि मोदी जी की जीवन यात्रा समर्पण, संघर्ष और सेवा का उदाहरण है। उनका जन्मदिन हमें प्रेरित करता है कि हम भी अपने जीवन में राष्ट्रहित के लिए छोटे-छोटे प्रयास करें।
छात्रों और शिक्षकों ने भी एक सुर में यही कहा कि मोदी जी की तरह हर नागरिक को समाज के प्रति जिम्मेदार बनना चाहिए। स्वच्छता अभियान उनकी दूरदर्शिता और ‘स्वच्छ भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में हमारे छोटे-से प्रयास का हिस्सा है।”



