Accurate College News : “दीक्षारंभ ‘25 – नया सफर, नई पहचान”, एक्यूरेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट ने दिया भविष्य गढ़ने का संदेश, भव्य ओरिएंटेशन बना प्रेरणा और उत्साह का संगम, पूनम शर्मा का मार्गदर्शन “मूल्य ही बनाते हैं इंसान को महान”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह जीवन की नई दिशा तय करने का माध्यम है। इसी सोच को चरितार्थ करते हुए एक्यूरेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट ने अपने 2025 बैच के नए विद्यार्थियों के स्वागत हेतु भव्य ओरिएंटेशन कार्यक्रम “दीक्षारंभ ‘25 – नया सफर, नई पहचान” का आयोजन किया। यह आयोजन न सिर्फ़ विद्यार्थियों के लिए एक औपचारिक शुरुआत थी, बल्कि उनके जीवन को नई ऊर्जा, नए मूल्यों और नए संकल्पों से भरने वाला अवसर भी साबित हुआ।
“दीक्षारंभ ‘25 – नया सफर, नई पहचान” न केवल एक्यूरेट इंस्टीट्यूट के लिए बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में भी मील का पत्थर साबित हुआ। इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि जब शिक्षा में संस्कृति, मूल्य और प्रेरणा जुड़ जाएं तो विद्यार्थी केवल अच्छे प्रोफेशनल ही नहीं, बल्कि बेहतर इंसान भी बनते हैं।
परंपरा और आधुनिकता का संगम : गणेश वंदना और सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति की परंपरा के अनुरूप श्री गणेश वंदना और सरस्वती वंदना से हुई। ज्ञान, शिक्षा और सफलता के प्रतीक इस शुभारंभ ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि आगे का सफर केवल पेशेवर उपलब्धियों का नहीं बल्कि संस्कारों और मानवीय मूल्यों से जुड़ा होना चाहिए।

पूनम शर्मा का मार्गदर्शन : “मूल्य ही बनाते हैं इंसान को महान”
कार्यक्रम का नेतृत्व एक्यूरेट ग्रुप की ग्रुप डायरेक्टर श्रीमती पूनम शर्मा के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कहा – “दीक्षारंभ केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। हमारा लक्ष्य विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास का ऐसा मिश्रण देना है जो उन्हें जीवनभर सफलता दिलाए।”
अतिथियों की प्रेरणादायी मौजूदगी
इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित हस्तियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
पद्मश्री आनंद कुमार (प्रसिद्ध गणितज्ञ और सुपर-30 के संस्थापक)
श्री विनोद अग्निहोत्री (वरिष्ठ पत्रकार)
डॉ. एस.ए.एस. किर्मानी (मेडोज़ फाउंडेशन के संस्थापक)
श्री विकास बघेल (एसोसिएट डायरेक्टर, एचआर, एचसीएल टेक्नोलॉजीज)
सुश्री पिंकी सिंह (अर्जुन पुरस्कार विजेता, 2023)
श्री मोहित डूडेजा (प्रसिद्ध स्टैंडअप कॉमेडियन)
इन अतिथियों ने छात्रों को न केवल करियर बल्कि जीवन की वास्तविकताओं से भी रूबरू कराया।
आनंद कुमार का संदेश : “सरल जीवन, उच्च विचार ही सफलता का मंत्र”
सुपर-30 के संस्थापक पद्मश्री आनंद कुमार ने छात्रों को अपने सरल शब्दों में बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में बड़ी सफलता पाने के लिए जरूरी है कि इंसान उच्च विचार रखे और कठिनाइयों से घबराए नहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे सिर्फ़ डिग्री पाने पर ध्यान न दें, बल्कि ज्ञान को जीवन में उतारें और समाज के लिए उपयोगी बनें।
विनोद अग्निहोत्री और डॉ. किर्मानी का दृष्टिकोण
वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री ने छात्रों को मीडिया और लोकतंत्र की भूमिका समझाई, वहीं डॉ. किर्मानी ने सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भाव की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं है, बल्कि समाज में बदलाव लाना भी है।

पिंकी सिंह और विकास बघेल की प्रेरक बातें
अर्जुन पुरस्कार विजेता पिंकी सिंह ने खेलों और अनुशासन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि खेल की तरह ही जीवन में भी धैर्य और लगन जरूरी है।
वहीं एचसीएल टेक्नोलॉजीज के विकास बघेल ने कॉर्पोरेट जगत के अनुभव साझा करते हुए छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की सलाह दी।
मोहित डूडेजा का कॉमेडी से भरा स्पेशल टच
गंभीर और प्रेरणादायी विचारों के बीच स्टैंडअप कॉमेडियन मोहित डूडेजा ने अपने हास्य अंदाज़ से माहौल हल्का कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने छात्रों को सिखाया कि जीवन कितना भी कठिन क्यों न हो, मुस्कान कभी नहीं खोनी चाहिए।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
विद्यार्थियों ने लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी। इन प्रस्तुतियों ने यह साबित किया कि छात्र केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
“दीक्षारंभ ‘25” : सिर्फ़ आयोजन नहीं, एक यात्रा की शुरुआत
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्रों ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह सिर्फ़ एक स्वागत समारोह नहीं, बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत है। यह आयोजन उन्हें आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और मजबूत संकल्पों के साथ भविष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है।



