Bisrakh Mandir News : बिसरख धाम में दिव्य गुरुदीक्षा महोत्सव, मार्गशीर्ष मास में उमड़ी आस्था, मार्गशीर्ष माह को गुरु-शिष्य परंपरा का सर्वश्रेष्ठ काल माना जाता है

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे। पवित्र मार्गशीर्ष मास के शुभ अवसर पर बिसरख धाम स्थित श्री मोहन दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट परिसर में रविवार को गुरुदीक्षा समारोह का भव्य और दिव्य आयोजन किया गया। रावण जन्मस्थली माने जाने वाले इस ऐतिहासिक स्थल पर सुबह से ही भक्तों और साधकों की भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे अतिथि स्वागत से हुआ, जबकि प्रसाद वितरण दोपहर 1 बजे संपन्न हुआ।
मार्गशीर्ष माह को गुरु-शिष्य परंपरा का सर्वश्रेष्ठ काल माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी महीने में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का दिव्य उपदेश दिया था। उसी पुण्य स्मरण के साथ बिसरख धाम में आज गुरुत्व और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान वातावरण वेद-मंत्र, भजन और अध्यात्म की ऊर्जा से गुंजायमान रहा।
समारोह की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब महामंडलेश्वर आचार्य अशोकानंद जी के परम आज्ञाकारी शिष्य महामंडलेश्वर स्वामी राजेशानंद योगेश्वर गिरि जी महाराज, साध्वी पूर्णिमा गिरि सहित अनेक संतजन पधारे। संतों की उपस्थिति ने पूरा परिसर अध्यात्विक प्रकाश से आलोकित कर दिया।
गुरुदीक्षा के इस पावन अवसर पर बनारस की देवी विद्या गौतम का गुरुदेव के कर-कमलों द्वारा पटाभिषेक, नामकरण संस्कार और दीक्षा संस्कार विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। संस्कार पूर्ण होने पर संतों ने उन्हें सन्ताई चादर भेंट कर आशीर्वाद प्रदान किया। देवी विद्या गौतम ने विनम्र भाव से गुरु-पूजन करते हुए गुरु परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।
इस विशेष अवसर पर पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर आचार्य अशोकानंद महाराज ने अपने परम शिष्य स्वामी राजेशानंद योगेश्वर गिरि महाराज, शिष्या साध्वी पूर्णिमा गिरी तथा अन्य भक्तों एवं शिष्यों को विशेष आशीर्वाद प्रदान किया। महाराज ने मार्गशीर्ष मास की महिमा, गुरु-शिष्य संबंध की पवित्रता और आध्यात्मिक साधना के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
गुरुदीक्षा समारोह में बिसरख धाम के अनेकों भक्त, साधक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। वहीं समाज के कई गणमान्य लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भव्य बना दिया। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष रामवीर शर्मा, नरेंद्र भाटी, नरेश भाटी, अनिरुद्ध गांगुली, राकेश शर्मा, संदीप शर्मा, गोपाल शर्मा, देवेंद्र नागर दुजाना, पं. सुशील पांडे, पं. कृष्ण भारद्वाज, दीपांशु शर्मा, अमर त्यागी, संजय जैन, संजय भाटी, हरेंद्र चैंपियन, इंद्रपाल भाटी, विनोद कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए। महिलाओं में सुधा गांगुली, सुनीता नागर, गुड्डी आर्य एडवोकेट, रागनी सिंह, सरिता सती, प्रीति अग्रवाल, क्षमा शर्मा, प्रियंका त्यागी आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम के समापन पर महाराज श्री ने सभी भक्तों को आशीर्वाद देते हुए उनके जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक सिद्धि की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिभाव, अनुशासन और दिव्यता की अनूठी झलक देखने को मिली।



