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Bharat Shiksha Expo News : क्लासरूम से वैश्विक मंच तक!, ग्रेटर नोएडा में गूंजेगा ‘विश्व गुरु’ का स्वर, भारत शिक्षा एक्सपो 2026 का भव्य अनावरण, शिक्षा के महाकुंभ की शुरुआत, NEP 2020 को मिलेगा वैश्विक मंच

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। भारत की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक पहचान दिलाने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) की सोच को जमीन पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। इंडिया एक्सपोज़िशन सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में बुधवार को भारत शिक्षा एक्सपो 2026 एवं विश्व गुरु सम्मेलन के लिए भव्य कर्टन रेज़र कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी के साथ शिक्षा के क्षेत्र में देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित मंचों में से एक की औपचारिक घोषणा कर दी गई।
यह मेगा शिक्षा आयोजन 23 से 25 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के शिक्षाविद, नीति निर्माता, विश्वविद्यालय, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, स्टार्टअप्स और एडटेक कंपनियां एक ही मंच पर भारत की शिक्षा यात्रा और भविष्य की दिशा तय करेंगी।


शिक्षा के महाकुंभ की शुरुआत
कर्टन रेज़र कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राकेश कुमार, चेयरमैन, इंडिया एक्सपोज़िशन मार्ट लिमिटेड (IEML) ने की, जबकि डॉ. ज़हीर खान, चेयरमैन, फेडरेशन ऑफ एजुकेशन इन इंडिया (FOEII) विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में शिक्षा जगत से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित नामों की उपस्थिति ने इस आयोजन की गंभीरता और व्यापकता को रेखांकित किया।
इस अवसर पर यह भी घोषणा की गई कि फेडरेशन ऑफ एजुकेशन इन इंडिया (FOEII), भारत शिक्षा एक्सपो 2026 के साथ औपचारिक रूप से साझेदारी करेगा और विश्व गुरु सम्मेलन का क्यूरेशन एवं नेतृत्व करेगा। यह सम्मेलन भारत को वैश्विक ज्ञान नेतृत्व के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संवाद मंच बनेगा।


NEP 2020 को मिलेगा वैश्विक मंच
कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि भारत शिक्षा एक्सपो 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि नीति, अकादमिक जगत और उद्योग के बीच सेतु का कार्य करेगा। यहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार, कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा और अनुसंधान आधारित शिक्षा मॉडल पर गंभीर मंथन होगा।
देश-विदेश से आए शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों और शिक्षा नवाचारकर्ताओं को इस मंच के माध्यम से यह अवसर मिलेगा कि वे NEP 2020 के अनुरूप अपने मॉडल, प्रयोग और सफलताओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर सकें।

शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण की नींव’
अपने संबोधन में डॉ. राकेश कुमार, चेयरमैन, IEML ने कहा,
“शिक्षा किसी भी राष्ट्र के निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला होती है। भारत शिक्षा एक्सपो और विश्व गुरु सम्मेलन जैसे मंच नीति, विचार और व्यवहारिक क्रियान्वयन को एक साथ जोड़ते हैं। हमारा उद्देश्य केवल चर्चा नहीं, बल्कि ऐसे सहयोग को बढ़ावा देना है, जिससे भारत का शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र NEP 2020 के अनुरूप और अधिक सशक्त बन सके।”


नीति से प्रभाव तक की यात्रा
FOEII के चेयरमैन डॉ. ज़हीर खान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत के भविष्य के लिए एक परिवर्तनकारी रोडमैप है। उन्होंने कहा, “भारत शिक्षा एक्सपो जैसे आयोजन सरकार, संस्थानों और नवाचारकर्ताओं को एक साझा मंच प्रदान करते हैं। इससे नीति की परिकल्पना को जमीनी स्तर पर प्रभाव में बदलने की प्रक्रिया तेज होती है। ‘विश्व गुरु’ की अवधारणा केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि भविष्य का लक्ष्य है।”


भारत बनेगा वैश्विक ज्ञान नेता
कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे NEP 2020 बहुविषयक शिक्षा, कौशल एकीकरण, डिजिटल लर्निंग, वैश्विक सहयोग और अनुसंधान आधारित परिणामों के जरिए भारत के शिक्षा परिदृश्य को पूरी तरह बदल रही है। यह नीति भारत को केवल शिक्षा उपभोक्ता नहीं, बल्कि ज्ञान निर्यातक और वैश्विक शिक्षा नेतृत्वकर्ता बनाने की दिशा में अग्रसर है।

तीन दिन, अनेक आयाम
कर्टन रेज़र कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शकों, प्रायोजकों और शिक्षा उद्यमियों के साथ संवाद में भारत शिक्षा एक्सपो 2026 की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। तीन दिवसीय इस आयोजन में—
विशाल शिक्षा प्रदर्शनी
उच्चस्तरीय सम्मेलन
पैनल चर्चाएं
नीति संवाद
अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारियां
जैसे कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए जाएंगे।


विकसित भारत के सपने को शिक्षा से पंख
भारत शिक्षा एक्सपो 2026 और विश्व गुरु सम्मेलन का उद्देश्य केवल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप शिक्षा को परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बनाने की कोशिश है। यह मंच विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षा संस्थानों, एडटेक कंपनियों, शोध संगठनों और वैश्विक शिक्षा नेताओं को एकजुट होकर भारत की शिक्षा का भविष्य गढ़ने का आमंत्रण देता है।
ग्रेटर नोएडा एक बार फिर साबित कर रहा है कि वह केवल इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग का ही नहीं, बल्कि ज्ञान और शिक्षा का भी वैश्विक केंद्र बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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