Greater Noida West News : ग्रेटर नोएडा वेस्ट की समस्याओं को लेकर GBN विकास समिति की जिलाधिकारी मेधा रूपम से अहम मुलाकात, नई डीएम से उम्मीदें, समाधान की दिशा में पहला कदम— सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सुविधाएं, और जलभराव जैसे मुद्दों पर की गई गंभीर चर्चा

दादरी/ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रहवासियों की जमीनी समस्याओं को लेकर गौतम बुद्ध नगर विकास समिति (GBN VIKASH SAMITI) ने आज एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिले की नव-नियुक्त जिलाधिकारी श्रीमती मेधा रूपम से औपचारिक मुलाकात की। यह मुलाकात ना केवल शिष्टाचार भेंट थी, बल्कि इसमें शहर के दीर्घकालिक विकास से जुड़ी तीन बड़ी जनसमस्याएं—सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं और जलभराव प्रमुख विषय रहीं।
नए डीएम के स्वागत के साथ विकास की उम्मीदें जताईं
प्रतिनिधिमंडल ने श्रीमती रूपम को शुभकामनाएं दीं और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में प्रशासनिक स्तर पर सक्रिय बदलाव की अपेक्षाएं सामने रखीं। अध्यक्ष रश्मि पाण्डेय, महासचिव आदित्य अवस्थी, उपाध्यक्ष जीतेन्द्र शर्मा और सदस्य मुरली ने जनप्रतिनिधित्व करते हुए बताया कि बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे निर्माण के बावजूद क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट: क्षेत्र की सबसे बड़ी जरूरत
सबसे पहले समिति ने सार्वजनिक परिवहन के अभाव पर चिंता जाहिर की।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अब भी बस सेवा और मेट्रो कनेक्टिविटी की भारी कमी है। रोज़ाना हज़ारों लोग नोएडा और दिल्ली आते-जाते हैं, लेकिन निजी वाहनों के भरोसे रहना उनकी मजबूरी है।
➡️ इससे आर्थिक बोझ के साथ-साथ ट्रैफिक जाम और प्रदूषण भी बढ़ रहा है। समिति ने मांग की कि जल्द से जल्द बस रूट शुरू किए जाएं और मेट्रो विस्तार की प्रक्रिया को गति दी जाए।
स्वास्थ्य सुविधाओं का संकट: हर नागरिक के जीवन से जुड़ा मुद्दा
दूसरा अहम मुद्दा सरकारी अस्पतालों की कमी रहा।
GBN विकास समिति ने बताया कि इतने विशाल क्षेत्र में एक भी प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। आपात स्थिति में लोगों को दूर के अस्पतालों में जाना पड़ता है, जिससे कई बार गंभीर परिणाम सामने आते हैं।
➡️ समिति की मांग है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कम से कम एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) अवश्य स्थापित किया जाए ताकि नागरिकों को निशुल्क और तत्काल इलाज उपलब्ध हो सके।
जलभराव: मानसून में जीवन ठहर जाता है
तीसरा मुद्दा था बरसात के मौसम में जलभराव।
प्रतिवर्ष मॉनसून आते ही गलियों, मेन सड़कों और सोसाइटियों में भारी जलभराव हो जाता है। इससे आम नागरिकों का आवागमन बाधित होता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, जैसे डेंगू और मलेरिया, तेज़ी से फैलती हैं।
➡️ GBN समिति ने डीएम से स्थायी जल निकासी व्यवस्था (Drainage System) की मांग की ताकि इस समस्या का लंबकालिक समाधान हो सके।
डीएम मेधा रूपम ने दिया सकारात्मक आश्वासन
श्रीमती मेधा रूपम ने समिति की बातों को गंभीरता से सुना और हर समस्या पर विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याएं उनकी प्राथमिकता हैं, और वे क्षेत्रीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जल्द हल निकालेंगी। इस स्पष्ट और सकारात्मक रुख ने समिति के सदस्यों में नई ऊर्जा और भरोसे का संचार किया।
समिति का भविष्य की दिशा में संकल्प
यह मुलाकात सिर्फ समस्याएं बताने की नहीं, बल्कि स्थायी समाधान की ओर मिलकर काम करने के संकल्प की भी थी।
GBN विकास समिति ने स्पष्ट किया कि वे आगे भी जनहित से जुड़े मुद्दों को पूरी सक्रियता और ज़िम्मेदारी से उठाते रहेंगे।
समिति की ओर से कहा गया:
“हम किसी राजनैतिक हित के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र के नागरिकों की सुविधाओं के लिए काम कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य ग्रेटर नोएडा वेस्ट को ऐसा शहर बनाना है जो रहने, काम करने और सुरक्षित जीवन जीने के लिए पूरी तरह अनुकूल हो।“
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन रहे शामिल?
- रश्मि पाण्डेय — अध्यक्ष
- आदित्य अवस्थी — महासचिव
- जीतेन्द्र शर्मा — उपाध्यक्ष
- मुरली — सदस्य
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