Greater Noida Authority News : जब बादल बरसे और शहर थम, मगर प्राधिकरण नहीं रुका!, ग्रेटर नोएडा में जलभराव से निपटने को मैदान में डटे अधिकारी, पंपिंग से लेकर रोड मरम्मत तक चला राहत अभियान, DFCCIL और ठेकेदार कंपनियों को मिली कड़ी चेतावनी, CEO की निगरानी में जल निकासी कार्य हुआ तेज और सीईओ ने दी चेतावनी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। बुधवार की रात जब बारिश ने रफ्तार पकड़ी, तो शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया। पर इस बार हालात बेकाबू नहीं हुए। वजह थी — ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की फुर्ती और मैदान में डटी उसकी मजबूत टीम। चाहे डीएफसीसी अंडरपास हो या शाहबेरी की सड़कें, हर मोर्चे पर प्राधिकरण की टीमें मौजूद रहीं, मोटर पंप लगाए, पानी निकाला और ट्रैफिक डायवर्जन तक संभाला।
बरसात बनी इम्तिहान, मैदान में उतरी प्राधिकरण की ‘रेन वॉरियर्स’ टीम
रातभर हुई तेज बारिश के बाद जैसे ही सूरज निकला, प्राधिकरण के कर्मचारी सड़कों पर उतर चुके थे। पैरामाउंट सोसायटी के पास डीएफसीसी अंडरपास, जो अक्सर जलभराव का गढ़ बनता है, वहां सुबह 7 बजे से वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह अपनी टीम के साथ सक्रिय रहे। पंपों के जरिए पानी निकाला गया और ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए डायवर्जन तक किया गया।
जब बरसात ने बढ़ाई मुश्किलें, तो प्राधिकरण ने संभाली कमान
बुधवार की रात से लेकर गुरुवार सुबह तक हुई झमाझम बारिश ने ग्रेटर नोएडा की सड़कों और अंडरपासों में जलभराव की चुनौती खड़ी कर दी। लेकिन इस बार तस्वीर थोड़ी अलग रही — पानी जमा होते ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीमें पूरी मुस्तैदी से फील्ड में डटी रहीं और समस्या से निपटने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
पैरामाउंट सोसाइटी के पास स्थित डीएफसीसी अंडरपास जलभराव से बुरी तरह प्रभावित हुआ। लेकिन सुबह 7 बजे से ही वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह के नेतृत्व में टीम मोटर पंप के जरिए पानी की निकासी में जुट गई। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को भी संभालते हुए लोगों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा गया।
प्राधिकरण का फील्ड कंट्रोल प्लान: बड़े अफसर बने मैदान के कप्तान
इस पूरी मुहिम को नेतृत्व मिला खुद सीईओ एनजी रवि कुमार से, जिन्होंने हर अधिकारी को फील्ड में रहने का सख्त निर्देश दे रखा था। उनकी चेतावनी थी – “लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जनता को राहत प्राथमिकता है।” आदेश का असर भी साफ दिखा, क्योंकि:
- एसीईओ सुमित यादव ने अंडरपास का दो बार निरीक्षण किया।
- ओएसडी अभिषेक पाठक, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस और जीएम एके सिंह पूरे दिन फील्ड में घूमते नजर आए।
- हर वर्क सर्किल प्रभारी अपने-अपने एरिया में जलभराव की निगरानी करते दिखे।

सीईओ एन.जी. रवि कुमार ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि बारिश के दौरान हर हाल में फील्ड में मौजूद रहकर जलजमाव की समस्या से निपटा जाए। आदेशों का असर भी साफ दिखा — हर वर्क सर्किल से लेकर सीनियर अफसरों तक सभी ग्राउंड पर सक्रिय दिखे।
एसीईओ सुमित यादव ने दो बार डीएफसीसी अंडरपास का निरीक्षण किया और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, डीएफसीसी (Dedicated Freight Corridor Corporation) और संबंधित ठेकेदार कंपनी को चेतावनी दी गई कि चल रहे कार्यों को जल्द निपटाएं, वरना कठोर कार्रवाई तय है।
डीएफसीसी और ठेकेदार कंपनी को सख्त अल्टीमेटम
प्राधिकरण की ओर से साफ कर दिया गया कि जो ठेकेदार काम में देरी करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई तय है। डीएफसीसी और संबंधित कांट्रैक्टर कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि जलभराव वाले इलाकों में निर्माण कार्यों को फौरन निपटाएं, ताकि दोबारा समस्या ना खड़ी हो।
बारिश नहीं रोक पाई फील्ड फोर्स को
बारिश के बीच सैकड़ों कर्मचारियों ने ग्राउंड जीरो पर डेरा डाल लिया। चाहे हैबतपुर में सड़क धंसने की सूचना हो या शाहबेरी में रोड कटान, हर जगह प्राधिकरण की टीम तुरंत पहुंची और मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया गया।
जिन अफसरों और प्रबंधकों ने मोर्चा संभाला, उनमें शामिल थे:
- वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह
- वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार गौतम
- वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम
- वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह
- वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर
- वरिष्ठ प्रबंधक पीपी मिश्र
- वरिष्ठ प्रबंधक रतिक सिंह
हर वर्क सर्किल बना ‘एक्शन सर्किल’
ग्रेटर नोएडा में कुल 4 प्रमुख वर्क सर्किल हैं। सभी सर्किलों की टीमों ने अपने क्षेत्र में जलभराव की स्थिति पर नजर रखी। पंपिंग मशीनें लगाई गईं, स्टाफ को अलर्ट किया गया और वॉच एंड रिपोर्ट सिस्टम के तहत अपडेट सीधे वाट्सएप ग्रुपों में भेजे गए, जिससे कमांड कंट्रोल को हर सेकंड की खबर मिलती रही।
ग्राउंड से लाइव झलकियां: राहत के रंग बरसात में
- डीएफसीसी अंडरपास से मोटर पंप के जरिए पानी निकालती टीम
- शाहबेरी में कटे सड़क किनारे को ठीक करती JCB मशीनें
- हैबतपुर में सड़क धंसने के बाद रैपिड रिपेयर ऑपरेशन
- अधिकारियों की मौजूदगी में कर्मचारियों की सघन निगरानी
रोड धंसी, किनारे कटी — तुरंत मौके पर पहुंची टीम
हैबतपुर में सड़क धंसने और शाहबेरी में रोड किनारे कटाव की जानकारी मिलते ही प्राधिकरण की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और रिपेयर वर्क शुरू करा दिया गया। इससे बड़ी दुर्घटनाएं टल गईं और लोगों को राहत मिली।
सीईओ की चेतावनी का असर: “लापरवाही नहीं चलेगी”
सीईओ एन.जी. रवि कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही पाई गई तो सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उनका संदेश साफ था — “जनता को परेशानी ना हो, इसके लिए कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।”

जलभराव से निपटने की योजना: बारिश पहले, तैयारी पहले
सीईओ ने पहले से ही मॉनसून प्लान एक्टिवेट कर दिया था। इसका असर साफ दिखा — जहां पानी भरा, वहां देर किए बिना मशीनें लगीं, फोर्स पहुंची और राहत शुरू हुई।
इस बार कोई बहाना नहीं, केवल काम दिखाई दिया — और जनता ने भी इसका स्वागत किया।
नागरिकों से अपील: दें सूचना, जल्द मिलेगी राहत
प्राधिकरण ने नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि यदि किसी क्षेत्र में जलभराव या सड़क कटान जैसी समस्या दिखे, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें। समय पर सूचना मिले तो राहत और तेज हो सकती है।
निष्कर्ष: बारिश की चुनौती में दिखी प्राधिकरण की तैयारी, जनता को मिली राहत
ग्रेटर नोएडा में इस बार प्राधिकरण की सतर्कता और मैदानी मेहनत ने साबित कर दिया कि जब सिस्टम में इच्छाशक्ति हो, तो कोई भी समस्या बड़ी नहीं रह जाती। जलभराव, रोड कटान या ट्रैफिक – हर चुनौती का सामना किया गया तत्परता से।
शहरवासियों के लिए यह विश्वास का संकेत है कि “बारिश हो या तूफान, अब ग्रेटर नोएडा तैयार है!”
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