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Greater Noida Authority News : डूब क्षेत्र में फिर गरजा बुल्डोज़र!, बिसरख में 30,000 वर्ग मीटर ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा ध्वस्त, कालोनाइज़रों में मचा हड़कंप, अवैध बाउंड्री बनाकर कब्जे की कोशिश, सीईओ NG रवि कुमार के सख्त निर्देश—अभियान रहेगा जारी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को बिसरख के डूब क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए लगभग 30,000 वर्ग मीटर जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। खसरा संख्या-135 की इस जमीन पर कालोनाइजरों द्वारा अवैध कॉलोनी बसाने की तैयारी की जा रही थी, जिसे प्राधिकरण की टीम ने बुल्डोज़र चलाकर ध्वस्त कर दिया।
इस कार्रवाई के बाद अधिसूचित एरिया में अवैध निर्माण करने वालों के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई है।

डूब क्षेत्र में अवैध बाउंड्री बनाकर कब्जे की कोशिश
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, ग्राम बिसरख के खसरा संख्या-135 में स्थित यह भूमि डूब क्षेत्र में आती है और अधिसूचित क्षेत्र का हिस्सा है। यहां कुछ कालोनाइजर बाउंड्री वॉल खड़ी कर जमीन पर कब्जा जमाने और अवैध कॉलोनी विकसित करने की फिराक में थे।
जैसे ही इसकी सूचना प्राधिकरण को मिली, परियोजना विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।


पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान
अतिक्रमण हटाओ अभियान का नेतृत्व कर रहे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने स्पष्ट कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति कोई भी निर्माण पूर्णतः अवैध है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान में दो जेसीबी मशीनें, तीन डंपर और प्राधिकरण का पुलिस बल शामिल रहा। वर्क सर्किल-3 के प्रबंधक रोहित गुप्ता, सहायक प्रबंधक राजीव कुमार और उनकी टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया। ध्वस्तीकरण के दौरान अवैध रूप से बनाई गई बाउंड्री और अन्य निर्माण को पूरी तरह तोड़ दिया गया और जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया।

सीईओ के सख्त निर्देश—अभियान रहेगा जारी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एन. जी. रवि कुमार ने परियोजना विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अधिसूचित एरिया में अवैध निर्माण और कब्जे के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रखा जाए।
सीईओ का कहना है कि डूब क्षेत्र और नियोजित विकास क्षेत्र में अनधिकृत कॉलोनियां बसाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जनता से अपील—भूलेख विभाग से लें जानकारी
एसीईओ सुमित यादव ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे कालोनाइजरों के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई न फंसाएं।
उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। अधिसूचित क्षेत्र, डूब क्षेत्र या अधिग्रहित भूमि में प्लॉट खरीदना भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है।

दोबारा अतिक्रमण पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
परियोजना विभाग के महाप्रबंधक ए. के. सिंह ने बताया कि संबंधित जमीन पर दोबारा अतिक्रमण करने की कोशिश की गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्राधिकरण का अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर नियमों से समझौता नहीं किया जाएगा।

डूब क्षेत्र में निर्माण क्यों है खतरनाक?
डूब क्षेत्र वे इलाके होते हैं जो बरसात या बाढ़ के दौरान जलमग्न हो सकते हैं। ऐसे क्षेत्रों में निर्माण न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से गलत है बल्कि भविष्य में रहने वालों के लिए भी जोखिम भरा साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, डूब क्षेत्र में बसाई गई अवैध कॉलोनियां बाद में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा मानकों के अभाव में गंभीर समस्याओं का कारण बनती हैं।

अवैध कॉलोनियों पर सख्ती का संकेत
बिसरख में की गई यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
प्राधिकरण की सख्ती से यह संकेत मिल रहा है कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों को तेज किया जाएगा, ताकि नियोजित विकास की अवधारणा को बनाए रखा जा सके।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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