Greater Noida Authority News : शिक्षा की रोशनी से रोशन होंगे ग्रेटर नोएडा के गांव, ई-पुस्तकालयों की सौगात से बदलेगी ग्रामीण तस्वीर, जर्जर पंचायत घरों की जगह बनेंगे आधुनिक ज्ञान केंद्र, आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे ई-पुस्तकालय

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, ज्ञान और डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी और दूरगामी पहल शुरू की है। प्राधिकरण क्षेत्र के गांवों में अब शिक्षा केवल स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांवों के बीचों-बीच आधुनिक ई-पुस्तकालय ज्ञान का केंद्र बनकर उभरेंगे। इस योजना के तहत पहले चरण में चार गांवों में नए भवनों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि कुल 13 गांवों को ई-पुस्तकालयों की सुविधा से जोड़ने की योजना तैयार की गई है।
जर्जर पंचायत घरों की जगह बनेंगे आधुनिक ज्ञान केंद्र
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, वर्षों पहले बने पंचायत घर समय के साथ जर्जर हो चुके हैं और उपयोग के लायक नहीं बचे हैं। ऐसे में इन पंचायत घरों को गिराकर उन्हीं स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। इन नए भवनों को ई-पुस्तकालय के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि गांव के बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इसका लाभ उठा सकें।
नवादा, बरसात, धंघोला और हतेवा गांवों में इस कार्य की शुरुआत हो चुकी है और यहां छह महीने के भीतर नए भवन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
शिलान्यास से शुरू हुई नई उम्मीदों की इबारत
रविवार को जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने ग्रामीणों की मौजूदगी में ई-पुस्तकालय भवन निर्माण का शिलान्यास किया। इस मौके पर गांवों में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। शिलान्यास के बाद संबंधित निर्माण एजेंसियों को कार्यादेश जारी कर दिया गया है और तेजी से निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
पहले चरण में 13 गांवों को मिलेगा ई-पुस्तकालय का लाभ
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-8 के अंतर्गत पहले चरण में 13 गांवों में ई-पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे। जिन गांवों में पंचायत घर पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, वहां नए भवन बनाए जाएंगे, जबकि जिन पंचायत घरों की स्थिति बेहतर है, वहां नवीनीकरण कर उन्हें पुस्तकालय में बदला जाएगा।
इस पूरी योजना पर लगभग 1.12 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है, जबकि पंचायत घरों के नवीनीकरण पर करीब 95.47 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे ई-पुस्तकालय
ई-पुस्तकालय केवल किताबों तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि इन्हें आधुनिक जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाएगा। प्रत्येक भवन में एक बड़ा कक्ष, बरामदा, महिला-पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय, पर्याप्त फर्नीचर और आवश्यक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। भविष्य में यहां कंप्यूटर, इंटरनेट और डिजिटल कंटेंट भी उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे ग्रामीण छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर सकें।
शिक्षा के साथ जागरूकता का होगा विस्तार
प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि कई गांवों में पहले से ही पंचायत घरों में आपसी सहयोग से पुस्तकालय संचालित किए जा रहे थे, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण उनका दायरा सीमित था। अब ई-पुस्तकालयों के माध्यम से गांवों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और बच्चों-युवाओं को शहरों की ओर पलायन करने की जरूरत कम होगी।
वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह ने बताया कि यह योजना ग्रामीण विकास और शिक्षा दोनों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी।
ग्रामीण विकास की दिशा में मजबूत कदम
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के गांवों में बिजली, पानी, सड़क और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ अब शिक्षा के लिए स्थायी संसाधन भी विकसित किए जा रहे हैं। ई-पुस्तकालयों के खुलने से गांवों में पढ़ने-लिखने का माहौल बनेगा और डिजिटल इंडिया की सोच को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी।
आने वाली पीढ़ियों के लिए निवेश
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल केवल एक भवन निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य में किया गया निवेश है। गांवों में जब बच्चे किताबों, ज्ञान और डिजिटल संसाधनों से जुड़ेंगे, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे देश-दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकेंगे।



