शिक्षागौतमबुद्ध नगरग्रेटर नोएडा

GL Bajaj College News : “जी.एल. बजाज में ‘Face to Face, Real Influencer’ कार्यक्रम दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान और SAM के संग आध्यात्मिकता, संगीत और प्रेरणा का अद्भुत संगम”, DJJS और SAM – युवाओं के आत्मबल का सेतु, निदेशक प्रो. (डॉ.) प्रीति बजाज का संदेश — “समग्र शिक्षा ही वास्तविक शिक्षा है”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। युवा मन को दिशा और आत्मबल देने वाले आयोजनों की श्रृंखला में जी.एल. बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (GLBITM) एक बार फिर केंद्र बिंदु बना, जहाँ दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) और इसके युवा प्रकोष्ठ स्पिरिचुअल अवेकनिंग मिशन (SAM) के सहयोग से एक भव्य एवं प्रेरणादायी आध्यात्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम — “Face to Face: Real Influencer” — का आयोजन हुआ।

यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक जीवंत अनुभव था — जहाँ संगीत ने आत्मा को छुआ, विचारों ने जीवन का अर्थ बताया और हँसी ने तनाव को दूर कर दिया।

संगीत से आरंभ हुआ आत्मजागरण का सफर

कार्यक्रम की शुरुआत DJJS म्यूज़िकल बैंड की ऊर्जावान प्रस्तुति से हुई, जिसने पूरा सभागार झंकार से भर दिया।
ड्रम बीट्स और सूफियाना धुनों ने छात्रों के भीतर ऊर्जा और उत्साह की लहर जगा दी।
युवा दर्शकों ने हाथों में ताली और दिल में प्रेरणा के साथ हर ताल पर उत्साह दिखाया।

इसके बाद मंच पर प्रस्तुत हुआ एक विशेष डांस बैलेट, जो स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन पर आधारित था।
संगीत और नृत्य के इस संगम ने “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” के संदेश को खूबसूरती से प्रस्तुत किया।
विद्यार्थी मंत्रमुग्ध होकर देखते रहे और कार्यक्रम समाप्त होते ही सभागार तालियों की गूंज से भर गया।

आध्यात्मिक चर्चा ने जगाई ‘रियल इन्फ्लुएंसर’ की भावना

DJJS के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों के सामने “Face to Face with Real Influencer” विषय पर गहन और प्रेरणादायी विचार रखे।
उन्होंने कहा कि असली ‘इन्फ्लुएंसर’ कोई सोशल मीडिया स्टार नहीं, बल्कि वह व्यक्ति होता है जो अपने विचारों, कर्मों और दृष्टिकोण से दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए।
विचार-विमर्श के दौरान छात्रों को यह समझाया गया कि आध्यात्मिकता केवल पूजा या ध्यान नहीं, बल्कि यह जीवन की हर परिस्थिति में संतुलित और सजग बने रहने की कला है।

वक्ताओं ने बताया कि आज की तेज़ रफ़्तार दुनिया में युवा अक्सर बाहरी चमक-दमक में खुद को खो देते हैं, जबकि असली सफलता आत्म-ज्ञान, अनुशासन और सकारात्मक सोच से आती है।
कार्यक्रम के दौरान कई छात्रों ने मंच से अपने अनुभव साझा किए और कहा कि उन्हें पहली बार आध्यात्मिकता इतनी आधुनिक और प्रासंगिक शैली में समझने को मिली।

सिद्धार्थ सागर ने हास्य से किया तनाव का अंत

कार्यक्रम का समापन हुआ प्रसिद्ध स्टैंड-अप कॉमेडियन सिद्धार्थ सागर के शानदार प्रदर्शन से।
उन्होंने जीवन की गंभीर परिस्थितियों को हँसी के रंग में पिरोते हुए छात्रों को सिखाया कि “तनाव से नहीं, मुस्कान से ही जीवन जीता जाता है।”
उनकी कॉमेडी में न केवल हंसी थी, बल्कि हर मज़ाक में एक संदेश भी छिपा था —
कि हर परिस्थिति में सकारात्मक दृष्टिकोण ही जीवन का सबसे बड़ा हथियार है।
पूरे सभागार में ठहाकों की गूंज गूँजती रही और छात्रों ने कहा कि यह “मन और आत्मा, दोनों को रिफ्रेश करने वाला अनुभव” था।

संस्थान प्रबंधन की प्रेरक बातें — “मन और चरित्र का निर्माण ही असली शिक्षा

जी.एल. बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के उपाध्यक्ष श्री पंकज अग्रवाल ने कहा “ऐसे कार्यक्रम हमारे छात्रों के मन, चरित्र और विचारों को सशक्त बनाते हैं।
स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं के लिए सदा प्रेरणा का स्रोत रहा है।
हमें अपने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ आत्मबल, अनुशासन और मूल्यनिष्ठा भी देनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल इंजीनियर तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे ‘राष्ट्र निर्माता युवा’ बनाना है जो समाज में परिवर्तन के वाहक बन सकें।

निदेशक प्रो. (डॉ.) प्रीति बजाज का संदेश — “समग्र शिक्षा ही वास्तविक शिक्षा है”

GLBITM की निदेशक प्रो. (डॉ.) प्रीति बजाज ने कहा “DJJS और SAM के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम हमारे छात्रों के लिए आध्यात्मिक चिंतन, भावनात्मक संतुलन और आत्म-विकास का अनमोल अनुभव रहा।
यह शिक्षा के उस रूप को सशक्त बनाता है जहाँ दिमाग के साथ दिल का भी विकास होता है।”

उन्होंने बताया कि संस्थान ने हमेशा ‘Holistic Education’ को प्राथमिकता दी है — जिसमें अकादमिक उत्कृष्टता के साथ नैतिकता, संवेदना और आत्म-साक्षात्कार को भी समान महत्व दिया जाता है।

DJJS और SAM – युवाओं के आत्मबल का सेतु

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) लंबे समय से देशभर में युवाओं के बीच “आध्यात्मिक सशक्तिकरण” का अभियान चला रहा है।
इसका युवा प्रकोष्ठ SAM (Spiritual Awakening Mission) तकनीक, संस्कृति और आधुनिक जीवनशैली को जोड़ते हुए यह संदेश देता है कि “टेक्नोलॉजी से जीवन आसान हो सकता है, लेकिन आध्यात्मिकता से जीवन सुंदर बनता है।”

कार्यक्रम में DJJS के स्वयंसेवकों ने भी बताया कि वे युवाओं को आत्म-चिंतन, ध्यान और सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं।

छात्रों की प्रतिक्रिया — “एक ऐसा अनुभव जो जिंदगीभर याद रहेगा”

कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने बताया कि यह आयोजन उनके लिए ‘रूटीन से परे’ एक यादगार अनुभव था। बी.टेक छात्रा निधि वर्मा ने कहा “मैंने हमेशा सोचा था कि आध्यात्मिकता सिर्फ मंदिरों में होती है, पर आज समझ आया कि यह हमारे भीतर है।”

वहीं CSE विभाग के छात्र अंशुमान चौहान ने कहा कि सिद्धार्थ सागर के प्रदर्शन ने उन्हें यह सिखाया कि “मुस्कान से बड़ी कोई थेरेपी नहीं।”

संस्थान का वादा — ऐसे आयोजन होंगे जारी

जी.एल. बजाज प्रबंधन ने कहा कि यह आयोजन संस्थान की सकारात्मक ऊर्जा और मानवीय मूल्यों को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भविष्य में ऐसे और भी स्पिरिचुअल, कल्चरल और मोटिवेशनल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि विद्यार्थी केवल अच्छे इंजीनियर नहीं, बल्कि बेहतर इंसान बन सकें।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button