Greater Noida Authority News: डूब क्षेत्र में सपनों की कॉलोनी?, हैबतपुर में चला ग्रेनो प्राधिकरण का बुल्डोजर, 6,000 वर्ग मीटर अवैध निर्माण मिट्टी में मिला, बार-बार चेतावनी के बावजूद जारी रहा निर्माण, दो घंटे चला बुल्डोजर ऑपरेशन, एनजीटी के आदेशों का सख्त पालन

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा में अवैध कॉलोनाइजेशन के खिलाफ प्राधिकरण ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है। हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में कॉलोनी बसाने की साजिश रच रहे कॉलोनाइजर्स के मंसूबों पर बुधवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का बुल्डोजर गरजता नजर आया। हैबतपुर गांव के डूब क्षेत्र में करीब 6,000 वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराते हुए अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया गया।
यह कार्रवाई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के परियोजना एवं भूलेख विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिसमें प्राधिकरण पुलिस का भी पूरा सहयोग रहा। करीब दो घंटे तक चली इस ध्वस्तीकरण कार्रवाई में अवैध प्लॉटिंग, दीवारें और अस्थायी निर्माण पूरी तरह तोड़ दिए गए।
डूब क्षेत्र में कॉलोनी बसाने की तैयारी!
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार हैबतपुर गांव के खसरा संख्या 280 और 287 की लगभग 6,000 वर्ग मीटर जमीन हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में आती है। यह भूमि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में शामिल है, जहां किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है।
इसके बावजूद कुछ कॉलोनाइजर इस जमीन पर प्लॉटिंग कर अवैध कॉलोनी बसाने की फिराक में थे। प्लॉट काटे जा रहे थे और लोगों को सस्ते सपनों का लालच देकर जमीन बेचने की तैयारी की जा रही थी। समय रहते प्राधिकरण की नजर इस गतिविधि पर पड़ गई और बुल्डोजर कार्रवाई कर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।
एनजीटी के आदेशों का सख्त पालन
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने बताया कि हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के स्पष्ट निर्देश हैं। इन आदेशों के अनुपालन में प्राधिकरण लगातार कार्रवाई कर रहा है।
उन्होंने कहा कि डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण न केवल पर्यावरण के लिए खतरनाक है, बल्कि भविष्य में जान-माल के नुकसान का कारण भी बन सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण किसी भी तरह की ढील नहीं बरत रहा।
बार-बार चेतावनी के बावजूद जारी रहा निर्माण
प्राधिकरण के महाप्रबंधक (परियोजना) ए.के. सिंह ने बताया कि अवैध निर्माणकर्ताओं को पहले भी कई बार निर्माण रोकने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके निर्माण कार्य जारी रखा गया, जिससे स्पष्ट हो गया कि कॉलोनाइजर जानबूझकर नियमों की अनदेखी कर रहे थे।
ऐसी स्थिति में प्राधिकरण के पास सख्त कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। इसी के चलते वर्क सर्किल-3 की टीम ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया।
दो घंटे चला बुल्डोजर ऑपरेशन
वर्क सर्किल-3 के प्रभारी राजेश कुमार निम, प्रबंधक रोहित गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में बुल्डोजर कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली। इस दौरान अवैध निर्माण की सभी संरचनाओं को तोड़कर जमीन को पूरी तरह खाली कराया गया।
कार्रवाई के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के चलते कोई अव्यवस्था नहीं हुई।
प्राधिकरण की सख्त चेतावनी
एसीईओ सुमित यादव ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या बिना नक्शा पास कराए किए गए किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह डूब क्षेत्र हो या कोई अन्य इलाका, अवैध निर्माण पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग भोले-भाले नागरिकों को भ्रमित कर अवैध कॉलोनियों में प्लॉट बेच देते हैं, जिससे बाद में खरीदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
जनता से अपील: जमीन खरीदने से पहले जांच जरूरी
प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से पूरी जानकारी जरूर प्राप्त करें। जमीन अधिसूचित है या नहीं, डूब क्षेत्र में तो नहीं आती—इन सभी पहलुओं की जांच के बिना निवेश करना खतरनाक साबित हो सकता है।
प्राधिकरण ने साफ कहा है कि अवैध कॉलोनियों में फंसी लोगों की गाढ़ी कमाई को बचाने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है।
अवैध कॉलोनाइजेशन पर सख्ती जारी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अवैध कॉलोनाइजेशन के खिलाफ आने वाले दिनों में भी बुल्डोजर चलता रहेगा। डूब क्षेत्र, ग्रीन बेल्ट और अधिसूचित जमीनों पर कब्जा करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है।
हैबतपुर की यह कार्रवाई न केवल कॉलोनाइजर्स के लिए चेतावनी है, बल्कि उन लोगों के लिए भी सबक है जो बिना जांच-पड़ताल के जमीन खरीदने का सपना देख रहे हैं।



