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Newyear Umang News : “बारिश भी नहीं बुझा सकी उमंग की ज्योति!” — हवन की पवित्र आहुति से शुरू हुआ ‘उमंग 2083’, रंगोली में बिखरे रंग, बारिश ने रोकी रफ्तार लेकिन उत्साह रहा हाई, बारिश बनी ब्रेक—but जोश बरकरार!”, सुरक्षा को प्राथमिकता, कार्यक्रम स्थगित करने का फैसला

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा एक बार फिर संस्कृति, परंपरा और सामूहिक उत्साह के रंग में रंगा नजर आया, जब भारतीय पर्व आयोजन समिति द्वारा आयोजित चार दिवसीय भव्य कार्यक्रम “उमंग 2083” का आगाज पूरे धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह के साथ किया गया।
शहर के प्रमुख स्थल City Park में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत हवन की पवित्र अग्नि और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि शहर में सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर लोगों का उत्साह किसी त्योहार से कम नहीं है।


हवन के साथ हुआ शुभारंभ, गूंजे वैदिक मंत्र और जागी आस्था
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुकुल के बटुकों द्वारा विधि-विधान से हवन कर किया गया। जैसे ही हवन कुंड में आहुतियां दी गईं, पूरा परिसर “स्वाहा” और वैदिक मंत्रों की गूंज से गुंजायमान हो उठा।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से देश, समाज और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और स्वास्थ्य की कामना की। समिति के अध्यक्ष प्रणीत भाटी ने बताया कि “उमंग 2083” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का काम करते हैं।

रंगोली प्रतियोगिता में दिखा हुनर, रंगों में झलकी रचनात्मकता
हवन के बाद कार्यक्रम का अगला आकर्षण रंगोली प्रतियोगिता रही, जिसमें 12 प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशक्ति और कला का शानदार प्रदर्शन करते हुए रंग-बिरंगी और आकर्षक रंगोलियां बनाई। कहीं देवी-देवताओं की छवि उभरी, तो कहीं भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई दी।
रंगोली के इन खूबसूरत डिजाइनों ने न केवल जजों को प्रभावित किया, बल्कि वहां मौजूद दर्शकों का भी दिल जीत लिया। हर रंगोली एक अलग कहानी कहती नजर आई।


मिले सुर मेरा तुम्हारा” शुरू होते ही बदला मौसम का मिजाज
रंगोली प्रतियोगिता के बाद जैसे ही “मिले सुर मेरा तुम्हारा” एकल गायन प्रतियोगिता की शुरुआत हुई, अचानक मौसम ने करवट ले ली।
तेज बारिश ने कार्यक्रम की रफ्तार को अचानक थाम दिया। जहां एक ओर प्रतिभागी अपनी प्रस्तुति के लिए तैयार थे, वहीं दूसरी ओर आयोजकों को सुरक्षा के मद्देनजर कार्यक्रम को बीच में ही रोकने का निर्णय लेना पड़ा।
हालांकि बारिश ने कुछ समय के लिए आयोजन को जरूर प्रभावित किया, लेकिन लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई।

सुरक्षा को प्राथमिकता, कार्यक्रम स्थगित करने का फैसला
आयोजन समिति ने समझदारी दिखाते हुए किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया।
समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि प्रतिभागियों और दर्शकों की सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है।
इस फैसले की लोगों ने सराहना भी की, क्योंकि इस तरह के बड़े आयोजनों में सुरक्षा सबसे अहम होती है।


नया स्थान तय, अब स्वर्ण नगरी में गूंजेगी उमंग
बारिश की स्थिति को देखते हुए आयोजकों ने अगले दिन के कार्यक्रम को महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित करने की घोषणा की।
साथ ही यह भी बताया गया कि जिन प्रतिभागियों की प्रस्तुतियां बारिश के कारण अधूरी रह गई थीं, उन्हें अगले दिन पूरा अवसर दिया जाएगा।
इस निर्णय से प्रतिभागियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ और वे अपनी प्रस्तुति के लिए और अधिक उत्साहित नजर आए।

समाज के कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में सौरभ बंसल, विवेक कुमार, आरती शर्मा, दुर्गेश्वरी सिंह, बीना अरोरा, गुड्डी तोमर, ज्योति सिंह, कंचन कुमारी, संदीप गोयल, मुकुल गोयल, रवि जिंदल, विवेक अरोरा, अंजलि बंसल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इन सभी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया और यह दर्शाया कि समाज के विभिन्न वर्ग इस तरह के आयोजनों को लेकर कितने सजग और उत्साहित हैं।


संस्कृति, कला और एकता का संगम बना ‘उमंग 2083’
“उमंग 2083” का पहला दिन भले ही बारिश के कारण पूरी तरह संपन्न नहीं हो पाया, लेकिन इसने यह जरूर साबित कर दिया कि शहर में सांस्कृतिक चेतना कितनी मजबूत है।
यह आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने, नई प्रतिभाओं को मंच देने और भारतीय संस्कृति को जीवित रखने का एक सशक्त प्रयास है।

बारिश ने रोका कदम, लेकिन ‘उमंग’ का जोश नहीं थमा
पहले दिन के अनुभव ने यह साफ कर दिया कि चाहे मौसम कितना भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हो, लोगों का उत्साह और संस्कृति के प्रति प्रेम कम नहीं हो सकता।
आने वाले दिनों में “उमंग 2083” और भी रंगारंग, भव्य और यादगार बनने की पूरी उम्मीद है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
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