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Dankaur Corruption News : भ्रष्टाचार के खिलाफ दनकौर से उठी आवाज़, करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने कुलीपुरा गांव में किया जागरूकता अभियान, भ्रष्टाचार से जंग, क्यों जरूरी है यह अभियान?, कुलीपुरा गांव में भ्रष्टाचार से उपजी समस्याएं

दनकौर, रफ़्तार टुडे। भ्रष्टाचार के खिलाफ देशभर में चल रहे आंदोलनों की कड़ी में गुरुवार को दनकौर क्षेत्र के कुलीपुरा गांव में करप्शन फ्री इंडिया संगठन के कार्यकर्ताओं ने एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान ग्रामीणों को भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों के बारे में बताया गया और गांव की मुख्य समस्याओं—टूटी नालियां, जर्जर रास्ते और जलभराव—को लेकर जल्द आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया गया।

दनकौर के कुलीपुरा गांव से उठी यह आवाज़ आने वाले दिनों में एक जनआंदोलन का रूप ले सकती है। ग्रामीणों की नाराजगी इस बात की गवाही देती है कि वे अब और चुप बैठने को तैयार नहीं हैं। संगठन का अभियान न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को तेज करेगा, बल्कि प्रशासन को भी जनता की समस्याओं पर गौर करने के लिए मजबूर करेगा।

कुलीपुरा गांव में भ्रष्टाचार से उपजी समस्याएं

ग्रेटर नोएडा को देश का हाई-टेक सिटी कहा जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। कुलीपुरा जैसे गांवों की हालत आज भी दयनीय है। मुख्य रास्ते टूटे पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है। बरसात के मौसम में जगह-जगह जलभराव हो जाता है, जिसके चलते बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। नालियां जाम होने और साफ-सफाई की कमी से स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।

संगठन की बैठक: आंदोलन की रूपरेखा तैयार

गुरुवार को आयोजित बैठक चौधरी जयकुवार भाटी के आवास पर संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कोर कमेटी के प्रमुख सदस्य मास्टर दिनेश नगर ने की। इसमें ग्रामीणों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं और समाधान की दिशा पर चर्चा हुई। संगठन ने तय किया कि यदि प्रशासन जल्द ही कदम नहीं उठाता है, तो गांव की समस्याओं को लेकर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

करप्शन फ्री इंडिया संगठन का सख्त संदेश

संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय और आलोक नागर ने कहा कि “कहने को तो ग्रेटर नोएडा हाई-टेक सिटी है, लेकिन गांवों की स्थिति बदहाल है। भ्रष्टाचार ने हर व्यवस्था को खोखला कर दिया है। ग्रामीण सुविधाओं के नाम पर केवल दिखावा हो रहा है, असल में कोई ठोस काम नहीं हुआ है।”

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए हर स्तर पर पारदर्शिता जरूरी है। करप्शन फ्री इंडिया संगठन गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगा और उन्हें भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा होने की प्रेरणा देगा।

जल्द होगा आंदोलन

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि नालियां, जलभराव और मुख्य सड़कों की समस्या का हल तुरंत नहीं निकाला गया, तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे। इस आंदोलन में गांव की हर उम्र के लोग शामिल होंगे। संगठन का मानना है कि जब तक जनता आवाज़ नहीं उठाएगी, तब तक बदलाव संभव नहीं है।

बैठक में शामिल प्रमुख हस्तियां

इस अभियान में गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं मास्टर दिनेश नागर, ब्रह्मपाल कपासिया, राकेश नागर दुलीचंद नागर, साहिल, नतिन कुमार, लखमी पंडित, ब्रह्म प्रधान, कमल नागर, जयकुवार भाटी, रोहित कुमार, नथेराम मास्टर, जयचंद, राजिन्दर प्रधान, अजीपाल प्रधान, सतवीर फौजी, जयवीर भाटी, सुरेंद्र भाटी, नरेंद्र भाटी, मनोज भाटी, ओमन, कपिल, बिरजेश, विनोद, सुबोध, ऋषि, हरीश, गजराज दरोगा, धर्मराज प्रधान, जसराम, जगदीश इन सभी लोगों ने एकजुट होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने का संकल्प लिया।

भ्रष्टाचार से जंग, क्यों जरूरी है यह अभियान?

भ्रष्टाचार भारत के विकास की सबसे बड़ी बाधा है।

योजनाओं का पैसा जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पाता।

सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं अधूरी रह जाती हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का नाम केवल कागजों में दर्ज होता है। करप्शन फ्री इंडिया संगठन का मानना है कि यदि हर नागरिक ईमानदारी से आवाज़ उठाए तो भ्रष्टाचार की जड़ें कमजोर की जा सकती हैं।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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