शिक्षाग्रेटर नोएडा

Ryan International School : ग्रेटर नोएडा के रयान इंटरनेशनल स्कूल में इसरो दिवस का भव्य आयोजन, बच्चों ने भाषण, नाट्य मंचन और रोल-प्ले से जीवंत की भारत की अंतरिक्ष यात्रा, “अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत की यात्रा”, "इसरो की कहानी – भारत का गौरव"

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने और विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा जगाने के उद्देश्य से रयान इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा में धूमधाम से इसरो दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर बच्चों ने भाषण प्रतियोगिता, रोल-प्ले और नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए भारत की अंतरिक्ष यात्रा को जीवंत कर दिया। पूरा माहौल देशभक्ति और विज्ञान के प्रति गर्व की भावना से सराबोर रहा।

आत्मविश्वास से गूँजे नन्हें वैज्ञानिकों के भाषण

कार्यक्रम की शुरुआत एलोक्यूशन प्रतियोगिता से हुई, जिसमें कक्षा 1, 2, 9 और 10 के विद्यार्थियों ने भाग लिया। मंच पर आते ही छोटे-छोटे बच्चों ने जिस आत्मविश्वास से भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए, उसने सभी को चौंका दिया।
छात्रों ने अलग-अलग विषयों पर भाषण दिए, जिनमें –

“अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत की यात्रा”

“चंद्रयान-3 – एक विशाल छलांग”

“डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम – द मिसाइल मैन”

“भारत का विज़न 2047 – अंतरिक्ष की ओर”
मुख्य रहे।

इन भाषणों में बच्चों ने बताया कि कैसे भारत ने सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरिक्ष जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। आर्यभट्ट उपग्रह से लेकर चंद्रयान-3 की सफलता और गगनयान मिशन की तैयारियों तक का सफर उनके शब्दों में बेहद प्रेरणादायक लगा।

रोल-प्ले प्रतियोगिता – मंच पर जीवंत हुए महान वैज्ञानिक

कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के बीच रोल-प्ले प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें बच्चों ने भारत के महान वैज्ञानिकों का रूप धारण किया।
किसी ने डॉ. विक्रम साराभाई बनकर इसरो की स्थापना की कहानी सुनाई, तो किसी ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का रूप लेकर मिसाइल और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के विकास की गाथा प्रस्तुत की।
इसके अलावा बच्चों ने डॉ. के. कस्तूरंगन, डॉ. के. सिवन और श्री एस. सोमनाथ के किरदार निभाए और अंतरिक्ष क्षेत्र में उनके योगदान को दर्शाया।

बच्चों की वेशभूषा, संवाद और अभिनय देखकर दर्शकगण तालियों से गूंज उठे। इस प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि भारत का भविष्य भी इन बच्चों की तरह उज्ज्वल है।

“इसरो की कहानी – भारत का गौरव”

कक्षा 6 से 8 के बच्चों ने “इसरो की कहानी – भारत का गौरव” विषय पर शानदार मंचन किया।
इस प्रस्तुति में बच्चों ने दिखाया कि –

कैसे 1969 में इसरो की स्थापना हुई। कैसे भारत ने अपना पहला उपग्रह आर्यभट्ट लॉन्च किया।चंद्रयान और मंगलयान मिशनों से भारत ने दुनिया को चौंकाया।

और अब गगनयान मिशन के जरिए भारत मानव को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी कर रहा है।

उनकी प्रस्तुति ने यह भी दर्शाया कि इसरो केवल तकनीक का प्रतीक नहीं, बल्कि देश की आत्मनिर्भरता और दृढ़ संकल्प की कहानी है।

IMG 20250823 WA0051 1 converted
ग्रेटर नोएडा के रयान इंटरनेशनल स्कूल में इसरो दिवस का भव्य आयोजन, बच्चों ने भाषण, नाट्य मंचन और रोल-प्ले से जीवंत की भारत की अंतरिक्ष यात्रा

इस वर्ष का संदेश – “अतीत और भविष्य को जोड़ना”

इसरो दिवस समारोह का थीम था:
“अतीत और भविष्य को जोड़ना – पारंपरिक खगोल विज्ञान का सम्मान करना और आधुनिक अंतरिक्ष उपलब्धियों का प्रदर्शन करना।”

छात्रों ने इस संदेश को नाट्य मंचन और संवादों के जरिए शानदार तरीके से प्रस्तुत किया।
उन्होंने भारत की प्राचीन खगोल विज्ञान परंपरा, जैसे आर्यभट्ट और भास्कराचार्य के योगदान को याद किया और इसे आधुनिक इसरो की उपलब्धियों से जोड़ा।
यह संदेश बेहद प्रभावी रहा, जिसने साबित किया कि भारत सदियों से ज्ञान और विज्ञान की भूमि रहा है और आगे भी विश्व का नेतृत्व करेगा।

प्रेरक क्षण – नाटक और संवादों ने बाँधा समां

पूरे समारोह में कई ऐसे क्षण आए जब दर्शक भावुक और गर्वित हो उठे। बच्चों ने इसरो की स्थापना के संघर्षों को नाटक के रूप में दिखाया।

आर्यभट्ट उपग्रह के प्रक्षेपण का दृश्य मंच पर प्रस्तुत किया गया।चंद्रयान और मंगलयान की सफलता ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

और अंत में गगनयान मिशन का सपना बच्चों की वाणी से गूंज उठा। संवादों और अभिनय ने पूरा माहौल प्रेरणा से भर दिया।

प्रिंसिपल सुधा सिंह का संदेश

स्कूल की प्रधानाचार्या सुश्री सुधा सिंह ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा –
“आज के इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि हमारे बच्चे न केवल अकादमिक क्षेत्र में बल्कि विज्ञान और संस्कृति की समझ में भी अव्वल हैं। इसरो दिवस का यह समारोह बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और देशभक्ति की भावना दोनों को मजबूती देगा।” उन्होंने कहा कि भविष्य में यही बच्चे भारत को और ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे।

नई पीढ़ी को मिली प्रेरणा

रयान इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा में आयोजित इसरो दिवस समारोह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह बच्चों के लिए प्रेरणादायक यात्रा साबित हुआ।
इस आयोजन ने विद्यार्थियों को यह एहसास दिलाया कि विज्ञान और तकनीक केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की प्रगति और गर्व का हिस्सा है।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button