Noida Police News : ऑटो में बैठते ही शुरू हो जाता था लूट का खौफनाक खेल!,पहले बनते थे हमदर्द, फिर सुनसान सड़क पर ले जाकर लूटते थे मोबाइल, नकदी और बैंक खाता, सेक्टर-63 पुलिस ने दबोचा शातिर गैंग, ADCP स्वतंत्र देव सिंह बोले यात्रियों को सस्ती सवारी का झांसा देकर फंसाते थे आरोपी

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा में यात्रियों को सस्ती सवारी का लालच देकर लूटपाट करने वाले एक शातिर गैंग का सेक्टर-63 थाना पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। यह गिरोह ऑटो में बैठने वाले यात्रियों को अपना आसान निशाना बनाता था। पहले मीठी-मीठी बातों से उनका भरोसा जीतता, फिर सुनसान इलाके में ले जाकर मारपीट करता और मोबाइल, नकदी, एटीएम कार्ड सहित ऑनलाइन बैंक खातों तक को खाली कर देता था। पुलिस ने गिरोह के दो सक्रिय बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनके एक बाल अपचारी साथी को भी अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन, नकदी, वारदात में प्रयुक्त ऑटो और एक अवैध चाकू बरामद किया गया है।
यात्रियों को सस्ती सवारी का झांसा देकर फंसाते थे आरोपी – ADCP स्वतंत्र देव सिंह
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी पहले बस स्टैंड, बाजार, मेट्रो स्टेशन और व्यस्त चौराहों के आसपास अकेले यात्रियों की तलाश करते थे। इसके बाद कम किराए में गंतव्य तक छोड़ने का लालच देकर उन्हें ऑटो में बैठा लेते थे। रास्ते में सामान्य बातचीत कर उनका विश्वास जीतते और फिर सुनसान सड़क की ओर ऑटो मोड़ देते थे। जैसे ही मौका मिलता, यात्रियों के साथ मारपीट कर उनका मोबाइल, पर्स, नकदी और अन्य कीमती सामान लूट लिया जाता था। इतना ही नहीं, आरोपी पीड़ितों से मोबाइल का पासवर्ड और बैंकिंग एप की जानकारी भी हासिल कर लेते थे और मौके पर ही ऑनलाइन खातों से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे।
चाय विक्रेता बनकर करता था रेकी
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी दानिश मलिक और चंदन शर्मा अपने एक बाल अपचारी साथी के साथ इस गैंग को संचालित करते थे। गिरोह में प्रत्येक सदस्य की अलग-अलग भूमिका तय थी। ऑटो चालक यात्रियों को बैठाने का काम करता था, जबकि उसका साथी इलाके में चाय विक्रेता के रूप में मौजूद रहकर अकेले और कमजोर यात्रियों पर नजर रखता था। जैसे ही कोई उपयुक्त शिकार दिखाई देता, वह अपने साथियों को सूचना देता और फिर पूरी योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया जाता था।

एक शिकायत से खुली पूरे गिरोह की पोल
इस गिरोह का भंडाफोड़ उस समय हुआ जब एक पीड़ित ने थाना सेक्टर-63 में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि वह बरौला जाने के लिए ऑटो में बैठा था। कुछ दूरी तय करने के बाद चालक उसे पर्थला पुल से सेक्टर-80 की ओर सर्विस रोड स्थित सुनसान इलाके में ले गया, जहां उसके साथियों ने मारपीट कर मोबाइल फोन और एक हजार रुपये नकद लूट लिए। इसके बाद आरोपियों ने उसके मोबाइल का इस्तेमाल कर उसके बैंक खाते से ऑनलाइन रकम भी ट्रांसफर कर ली। घटना के बाद पीड़ित किसी तरह पुलिस तक पहुंचा और पूरी जानकारी दी।
सीसीटीवी और मुखबिर तंत्र से पुलिस को मिली सफलता
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना सेक्टर-63 पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार निगरानी और गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने बी-1 चौराहे के पास बंद पड़े पेट्रोल पंप की ओर जाने वाली सर्विस रोड से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ मौजूद एक बाल अपचारी को भी अभिरक्षा में ले लिया गया।
मोबाइल, नकदी, ऑटो और चाकू बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लूटा हुआ मोबाइल फोन, 2250 रुपये नकद, वारदात में प्रयुक्त ऑटो और एक अवैध चाकू बरामद किया। पूछताछ में आरोपियों ने कई अन्य घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है और इनके अन्य साथी कौन-कौन हैं।
पुराना आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही पुलिस
एडीसीपी स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उनका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। यदि जांच के दौरान अन्य मामलों में संलिप्तता सामने आती है तो उन सभी मामलों में भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नोएडा पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं छोड़ी जाएगी।
यात्रियों को पुलिस की अहम सलाह
नोएडा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे रात के समय या सुनसान स्थानों पर अनजान ऑटो या संदिग्ध वाहनों में यात्रा करने से बचें। यदि चालक तय मार्ग से हटकर किसी सुनसान रास्ते की ओर ले जाने लगे तो तुरंत सतर्क हो जाएं और परिजनों या पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दें।
पुलिस ने कहा कि मोबाइल में इमरजेंसी नंबर सक्रिय रखें, वाहन का नंबर नोट करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। नागरिकों की सतर्कता और पुलिस की सक्रियता से ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता
सेक्टर-63 पुलिस की इस कार्रवाई को नोएडा में यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में अपराध पर लगाम लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और लूट, चोरी तथा संगठित अपराध में शामिल किसी भी अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।



