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Yatharth Hospital News: यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का बड़ा कदम, ग्रेटर नोएडा में स्ट्रोक मरीजों के लिए समर्पित क्लिनिक की शुरुआत

भारत में स्ट्रोक एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसके कारण यहां हर 40 सेकंड में एक स्ट्रोक और हर 4 मिनट में एक स्ट्रोक मरीज की मौत होती है। स्ट्रोक भारत में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है, और इस बीमारी से जुड़े मामलों में समय पर इलाज अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने इस बात को ध्यान में रखते हुए स्ट्रोक के मरीजों के लिए समर्पित क्लिनिक की शुरुआत की है, जो हर बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुलेगा।

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा के ओमेगा-1 स्थित यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने न्यूरो मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अस्पताल ने स्ट्रोक मरीजों के लिए एनसीआर का पहला डेडिकेटेड क्लिनिक लॉन्च किया है। इस क्लिनिक का उद्देश्य न केवल स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों को बेहतर उपचार प्रदान करना है, बल्कि उनकी शारीरिक और मानसिक रिकवरी में भी सहायता करना है। इसके साथ ही, स्ट्रोक से बचाव के लिए भी यह क्लिनिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस लॉन्च इवेंट के दौरान यथार्थ ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के ग्रुप सीईओ अमित सिंह, न्यूरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर व एचओडी डॉ. अमित श्रीवास्तव और न्यूरोसर्जरी व न्यूरोइंटरवेंशन विभाग के डायरेक्टर व एचओडी डॉ. सुमित गोयल समेत हॉस्पिटल के न्यूरो विभाग के सभी डॉक्टर उपस्थित रहे।

स्ट्रोक के आंकड़े और इसके उपचार का महत्व

भारत में स्ट्रोक एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसके कारण यहां हर 40 सेकंड में एक स्ट्रोक और हर 4 मिनट में एक स्ट्रोक मरीज की मौत होती है। स्ट्रोक भारत में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है, और इस बीमारी से जुड़े मामलों में समय पर इलाज अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने इस बात को ध्यान में रखते हुए स्ट्रोक के मरीजों के लिए समर्पित क्लिनिक की शुरुआत की है, जो हर बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुलेगा।

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डॉक्टरों की राय और अस्पताल की प्रतिबद्धता

डॉ. अमित श्रीवास्तव ने बताया, “स्ट्रोक के मामलों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि हर गुजरते मिनट के साथ 20 मिलियन ब्रेन सेल्स का नुकसान हो सकता है, जिससे परमानेंट डिसेबिलिटी या मौत का खतरा बढ़ जाता है। हमारी ‘स्ट्रोक टीम’ यह सुनिश्चित करती है कि गोल्डन पीरियड में मरीजों को बेहतर इलाज मिले और उनकी जान बचाई जा सके।”

वहीं, डॉ. सुमित गोयल ने कहा, “स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी होती है, जिसमें तुरंत इलाज की जरूरत होती है। डेडिकेटेड न्यूरो आईसीयू, न्यूरो कैथ लैब और स्पेशलाइज्ड टीम के साथ हम स्ट्रोक के कठिन से कठिन मामलों में भी कारगर इलाज प्रदान करने में सक्षम हैं।”

आगे की योजनाएं

स्ट्रोक क्लिनिक के अलावा, यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं जैसे लो-बैक दर्द, मिर्गी, सिरदर्द, और मूवमेंट डिसऑर्डर के लिए भी स्पेशल क्लिनिक शुरू करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, अस्पताल ने एक हेल्पलाइन नंबर (8800797907) जारी किया है, जिस पर मरीज और उनके परिजन स्ट्रोक से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

इस प्रकार, यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने स्ट्रोक मरीजों के इलाज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाएगा।

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