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Surajpur Barahi Mella : “सूरजपुर का सदियों पुराना रंग फिर हुआ जिंदा!, बाराही मेला-2026 में सर्कस, काला जादू, दंगल और देसी ठाठ का धमाकेदार संगम”, “देसी संस्कृति की झलक—चारपाई से लेकर बैलगाड़ी तक बने आकर्षण”, “13 अप्रैल को होगा दंगल का महासंग्राम—देशभर के पहलवान दिखाएंगे दम”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। गौतम बुद्ध नगर के सूरजपुर क्षेत्र में एक बार फिर इतिहास, परंपरा और मनोरंजन का अनोखा संगम देखने को तैयार है। सैकड़ों वर्षों की सांस्कृतिक विरासत को संजोए प्राचीनकालीन ऐतिहासिक बाराही मेला-2026 इस बार और भी भव्य स्वरूप में आयोजित होने जा रहा है। गांव की मिट्टी की खुशबू, देसी परंपराओं की झलक और आधुनिक मनोरंजन का संगम—यह मेला 1 अप्रैल 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगा।


“झूले, सर्कस और काला जादू—हर उम्र के लिए खास इंतजाम”
मेले की तैयारियां पूरे जोरों पर हैं और प्रांगण में रंग-बिरंगे झूले, मारूति सर्कस, काला जादू के शो और खेल-तमाशों की दुकानें सजने लगी हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी के लिए यहां कुछ न कुछ खास मौजूद रहेगा। मीना बाजार और खानपान की दुकानों ने भी रौनक बढ़ानी शुरू कर दी है, जिससे मेले का माहौल पूरी तरह जीवंत हो उठा है।
शिव मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष धर्मपाल भाटी प्रधान के अनुसार, इस बार मेले को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि ग्रामीण संस्कृति और आधुनिक मनोरंजन का संतुलन बना रहे।

“देसी संस्कृति की झलक—चारपाई से लेकर बैलगाड़ी तक बने आकर्षण”
बाराही मेला सिर्फ मनोरंजन का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय ग्रामीण जीवन की झलक दिखाने वाला जीवंत मंच भी है। यहां चौपाल पर पारंपरिक वस्तुएं जैसे सबसे बड़ी चारपाई (खाट), हुक्का, पीढ़ा, रई, हाथ से चलने वाली आटा चक्की और बैलगाड़ी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
ये सभी चीजें आज की नई पीढ़ी को गांव की उस संस्कृति से जोड़ेंगी, जो धीरे-धीरे आधुनिकता की दौड़ में पीछे छूटती जा रही है।


“लोक कला और संगीत का जादू—रागनी से राजस्थानी रंग तक”
मेले में मनोरंजन का स्तर और ऊंचा करने के लिए लोक गायन और नृत्य कार्यक्रमों की भी भव्य व्यवस्था की गई है। रागनी, राजस्थानी लोक कला, गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगी।
मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा ने बताया कि उद्घाटन के दिन शाम 5 बजे आरती और दीप प्रज्वलन के बाद विशाल भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें धर्मवीर भाटी एंड पार्टी और राजवीर शर्मा एंड पार्टी अपने साथियों के साथ प्रस्तुति देंगे।

“13 अप्रैल को होगा दंगल का महासंग्राम—देशभर के पहलवान दिखाएंगे दम”
मेले का सबसे रोमांचक और प्रतीक्षित कार्यक्रम होगा 13 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाला विशाल दंगल। दोपहर 2:30 बजे से शुरू होने वाले इस दंगल में देशभर के पहलवान हिस्सा लेंगे और अपनी मल्ल कला का प्रदर्शन करेंगे। इस दंगल में 101 रुपये से लेकर 10,51,000 रुपये तक के इनाम रखे गए हैं, जिससे प्रतियोगिता का स्तर और भी ऊंचा हो गया है। इस आयोजन के प्रायोजक मोहन बाबा ट्रस्ट दिल्ली हैं, जिनमें कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता जुड़े हुए हैं।


“200 से ज्यादा स्टॉल—खरीदारी और स्वाद का भरपूर मजा”
मेले में लगभग 200 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां खानपान से लेकर दैनिक उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध होंगी। महिलाएं यहां अपने घरेलू सामान की खरीदारी कर सकेंगी, जबकि युवाओं और बच्चों के लिए फूड स्टॉल और गेम्स विशेष आकर्षण रहेंगे।
कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंघल ने बताया कि इस बार स्टॉल की संख्या और विविधता दोनों बढ़ाई गई हैं, जिससे लोगों को बेहतर अनुभव मिल सके।

“ध्वजारोहण से होगा शुभारंभ—भव्य शुरुआत की तैयारी”
मेले का शुभारंभ 1 अप्रैल 2026, बुधवार को शाम 4:30 बजे मेला अध्यक्ष चौधरी धर्मपाल भाटी प्रधान द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया जाएगा। इसके बाद धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू होगी, जो पूरे 13 दिनों तक चलेगी।


“समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटे तैयारियों में”
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए शिव मंदिर सेवा समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। अध्यक्ष धर्मपाल भाटी, महासचिव ओमवीर बैंसला, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंघल, मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा सहित कई लोग व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगे हैं।


“परंपरा, संस्कृति और मनोरंजन का अद्भुत संगम”
बाराही मेला-2026 न केवल एक मेला है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत, ग्रामीण जीवनशैली और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करता है और समाज में उत्साह और भाईचारे का संदेश देता है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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