Greater Noida Authority News : प्राधिकरण की जमीन पर भू-माफिया का कब्जा, करोड़ों की जमीन बेचने का आरोप, सीईओ NG रवि कुमार ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश, 40 बीघा जमीन का मामला, अवैध निर्माण हटाने की तैयारी, प्राधिकरण को हो रहा भारी नुकसान

ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा में प्राधिकरण की जमीन पर भू-माफिया द्वारा कब्जा कर उसे बेचने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि Greater Noida Industrial Development Authority की जमीन पर अवैध कब्जा कर उसे मोटे दामों में बेचा जा रहा है, जिससे प्राधिकरण को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। मामले में लापरवाही सामने आने पर अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
शिकायत मिलने के बाद प्राधिकरण के सीईओ N. G. Ravi Kumar ने सख्त रुख अपनाते हुए भू-माफिया के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कराने और जमीन पर हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
40 बीघा जमीन का मामला
मामला ग्रेटर नोएडा के Patwari Village का है। यहां खसरा नंबर 371, 374 और 377 की करीब 40 बीघा जमीन कागजों में प्राधिकरण के नाम दर्ज है। जानकारी के अनुसार इस जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2008 में प्राधिकरण द्वारा किया गया था। अधिग्रहण के बाद जमीन मालिकों को करोड़ों रुपये का मुआवजा दिया गया था और उन्हें 6 प्रतिशत आवासीय प्लॉट भी आवंटित किए गए थे।
इसके बावजूद आरोप है कि गांव के एक दबंग व्यक्ति ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया और वहां निर्माण भी करा दिया। इतना ही नहीं, जमीन के कुछ हिस्सों को कथित रूप से मोटी रकम लेकर बेचा भी जा रहा है।
प्रेस वार्ता में उठाया गया मुद्दा
मामले को लेकर Greater Noida Press Club में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान Shyam Singh Bhati ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जमीन प्राधिकरण के नाम दर्ज होने के बावजूद उस पर अवैध कब्जा कर लिया गया है और लगातार प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं।
इस मामले की शिकायत Vedpal और Shalini Chaudhary सहित अन्य लोगों द्वारा प्राधिकरण में की गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया।
अवैध निर्माण हटाने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार अब प्राधिकरण द्वारा उक्त जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। सीईओ ने अपने आदेश में कहा है कि प्राधिकरण क्षेत्र में कहीं भी अवैध निर्माण और अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी अधिकारियों और कर्मचारियों को ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसे में यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत पाई जाती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण को हो रहा भारी नुकसान
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो प्राधिकरण की कीमती जमीन पूरी तरह से भू-माफिया के कब्जे में जा सकती है। इससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान होगा।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्राधिकरण इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और अवैध कब्जे तथा निर्माण को हटाकर अपनी जमीन को मुक्त कराता है।



