Greater Noida Authority News : अब दफ्तर नहीं, खुद सेक्टरों में पहुंचेगा प्राधिकरण!, ग्रेटर नोएडा में 'डोर-टू-डोर समाधान अभियान' की शुरुआत, अल्फा-1 से खुला विकास का नया अध्याय, सीईओ एनजी रवि कुमार की पहल पर हर शिकायत का होगा मौके पर निस्तारण
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार का मानना है कि किसी भी समस्या का सबसे प्रभावी समाधान तभी संभव है, जब अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें। सीईओ के निर्देशों के अनुपालन में एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट के लिए अलग-अलग संयुक्त टीमें गठित की हैं। इन टीमों में परियोजना, स्वास्थ्य, उद्यान, जल-सीवर, विद्युत अभियांत्रिकी और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल किए गए हैं, ताकि किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

अभियान के पहले दिन परियोजना विभाग के उप महाप्रबंधक विजय कुमार रावल के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम सेक्टर अल्फा-1 पहुंची। सड़कों से लेकर स्ट्रीट लाइट, पार्क, सीवर, कूड़ा और मार्केट की समस्याओं का होगा मौके पर समाधान, अधिकारियों की टीम करेगी हर सेक्टर का निरीक्षण, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के लाखों सेक्टरवासियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब नागरिकों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार प्राधिकरण के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण स्वयं उनके बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान करेगा। शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को नई गति देने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) एनजी रवि कुमार की पहल पर एक विशेष ‘सेक्टर समाधान अभियान’ शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत प्राधिकरण के विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम प्रत्येक सेक्टर में जाकर मौके पर निरीक्षण करेगी, स्थानीय निवासियों से संवाद करेगी और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करेगी। इस नई पहल की शुरुआत मंगलवार को सेक्टर अल्फा-1 से की गई, जहां प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक कर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं का निरीक्षण किया। इस पहल को लेकर स्थानीय निवासियों में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने प्राधिकरण के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे नागरिकों के हित में ऐतिहासिक पहल बताया।
सीईओ एनजी रवि कुमार की सोच—”समस्या वहीं, समाधान भी वहीं”
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार का मानना है कि किसी भी समस्या का सबसे प्रभावी समाधान तभी संभव है, जब अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें। इसी सोच के तहत उन्होंने निर्देश दिए कि प्राधिकरण की टीम शहर के प्रत्येक आवासीय सेक्टर का भ्रमण करेगी और नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझेगी। सीईओ के निर्देशों के अनुपालन में एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट के लिए अलग-अलग संयुक्त टीमें गठित की हैं। इन टीमों में परियोजना, स्वास्थ्य, उद्यान, जल-सीवर, विद्युत अभियांत्रिकी और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल किए गए हैं, ताकि किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

अल्फा-1 से अभियान की शुरुआत, अधिकारियों ने किया विस्तृत निरीक्षण
अभियान के पहले दिन परियोजना विभाग के उप महाप्रबंधक विजय कुमार रावल के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम सेक्टर अल्फा-1 पहुंची। टीम ने सेक्टर की सड़कों, पार्कों, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, सार्वजनिक स्थलों और बाजार क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सेक्टर अल्फा-1 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष शेर सिंह भाटी और उनकी टीम ने अधिकारियों को विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। स्थानीय नागरिकों ने भी खुलकर अपनी शिकायतें और सुझाव अधिकारियों के सामने रखे।
निर्माण सामग्री और मलबे पर होगी सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई मकानों के बाहर निर्माण सामग्री और मलबा लंबे समय से सड़कों पर पड़ा हुआ है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है और शहर की सुंदरता भी खराब हो रही है। इस पर उप महाप्रबंधक विजय रावल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे सभी मलबे को तत्काल हटाया जाए और उसका खर्च संबंधित मकान मालिक से वसूला जाए। साथ ही भविष्य में यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर निर्माण सामग्री फैलाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माना भी लगाया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई पीजी और हॉस्टलों के आसपास कूड़ा फैला रहता है। इस पर अधिकारियों ने संबंधित पीजी संचालकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। प्राधिकरण ने साफ कहा कि कूड़ा केवल निर्धारित कूड़ा संग्रहण वाहन में ही डाला जाए। यदि कोई व्यक्ति या संस्था सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा फेंकते हुए पाई जाती है तो उसके खिलाफ भारी जुर्माना लगाया जाएगा। अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की कि यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो उसकी सूचना तुरंत प्राधिकरण को दें।
पीजी संचालकों पर भी सख्ती, कूड़ा फैलाने वालों पर लगेगा जुर्माना

स्ट्रीट लाइट, पार्क और सड़कों की समस्याएं भी होंगी दूर
आरडब्ल्यूए की ओर से अधिकारियों के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें भी रखी गईं, जिनमें— जर्जर स्ट्रीट लाइट पोल बदले जाएं।
खराब स्ट्रीट लाइटों को तुरंत ठीक कराया जाए।
पार्कों का नियमित रखरखाव किया जाए।
रोड मार्किंग दोबारा कराई जाए।
आवश्यक स्थानों पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं।
सेक्टर मार्केट में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जाए।
जल निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए।अधिकारियों ने इन सभी मांगों को प्राथमिकता पर पूरा कराने का भरोसा दिया।
सभी विभाग एक साथ करेंगे काम
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल एक विभाग नहीं, बल्कि कई विभागों की संयुक्त टीम कार्य कर रही है। निरीक्षण में वरिष्ठ प्रबंधक राजेश गौतम, राजीव कुमार, विनोद शर्मा, सहायक निदेशक उद्यान ज्ञानेंद्र यादव, प्रबंधक संध्या सिंह, विवेक किशोर, स्वतंत्र वर्मा, विपिन बिहारी राय, सहायक प्रबंधक गौरव बघेल, कुलदीप शर्मा और अर्जुन कुमार सहित विभिन्न अधिकारी शामिल रहे।
इससे मौके पर ही विभागवार समस्याओं की पहचान कर समाधान की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
हर सेक्टर तक पहुंचेगा अभियान
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यह केवल अल्फा-1 तक सीमित नहीं रहेगा। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार आने वाले दिनों में ग्रेटर नोएडा के सभी आवासीय सेक्टरों का दौरा किया जाएगा। प्रत्येक सेक्टर में स्थानीय आरडब्ल्यूए और नागरिकों के साथ बैठक होगी तथा समस्याओं का समाधान तय समय सीमा में कराया जाएगा।
नागरिकों ने जताया आभार
सेक्टर अल्फा-1 के निवासियों ने कहा कि पहली बार ऐसा महसूस हो रहा है कि प्राधिकरण जनता के बीच आकर उनकी समस्याएं सुन रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि यह अभियान नियमित रूप से चलता रहा तो शहर की अधिकांश समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा और ग्रेटर नोएडा देश के सबसे बेहतर नियोजित शहरों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।



