Farmers Compensation News : किसानों को मिल सकती है बड़ी राहत!, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण में भूमि अधिग्रहण मुआवजा दरों में बढ़ोतरी की तैयारी, शासन स्तर पर तेज हुआ मंथन, भूमि अधिग्रहण में आ रही थी मुश्किलें, विकास परियोजनाओं को मिलेगी गति
नोएडा प्राधिकरण में वर्तमान भूमि अधिग्रहण दर लगभग 5,324 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। प्रस्ताव के अनुसार इसे बढ़ाकर लगभग 7,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर किए जाने पर विचार चल रहा है। बताया जा रहा है कि किसान कोटे के 5 प्रतिशत प्लॉट प्रावधान के अनुसार प्रभावी गणना अलग हो सकती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में वर्तमान दर लगभग 4,125 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। प्रस्तावित संशोधन के तहत इसे 6,500 से 7,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है।

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की धुरी बने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। लंबे समय से भूमि अधिग्रहण मुआवजा दरों में संशोधन की मांग के बीच अब शासन स्तर पर नई दरें तय करने को लेकर गंभीर मंथन शुरू हो गया है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो हजारों किसानों को अपनी भूमि के बदले पहले की तुलना में अधिक मुआवजा मिल सकेगा।
प्राधिकरणों की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव में वर्तमान दरों और प्रस्तावित नई दरों का प्रारंभिक खाका भी सामने आया है। माना जा रहा है कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को गति देने और किसानों की सहमति बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है।
तीनों प्राधिकरणों में बढ़ सकती हैं मुआवजा दरें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नोएडा प्राधिकरण में वर्तमान भूमि अधिग्रहण दर लगभग 5,324 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। प्रस्ताव के अनुसार इसे बढ़ाकर लगभग 7,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर किए जाने पर विचार चल रहा है। बताया जा रहा है कि किसान कोटे के 5 प्रतिशत प्लॉट प्रावधान के अनुसार प्रभावी गणना अलग हो सकती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में वर्तमान दर लगभग 4,125 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। प्रस्तावित संशोधन के तहत इसे 6,500 से 7,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है।

वहीं यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में मौजूदा दर लगभग 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। प्रस्ताव में इसे बढ़ाकर 5,000 से 5,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने की संभावना जताई गई है।
भूमि अधिग्रहण में आ रही थी मुश्किलें
सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से प्राधिकरणों को किसानों से सीधे सहमति के आधार पर भूमि अधिग्रहण करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। मौजूदा मुआवजा दरों को लेकर कई किसानों ने असंतोष व्यक्त किया था, जिसके कारण अनेक विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। बताया जा रहा है कि पिछले दो वर्षों में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए अपेक्षित गति से भूमि अधिग्रहण नहीं हो सका। इसका असर औद्योगिक सेक्टरों, आवासीय योजनाओं, सड़क परियोजनाओं और अन्य विकास कार्यों पर भी पड़ा।
विकास परियोजनाओं को मिलेगी गति
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नई मुआवजा दरें लागू होती हैं, तो किसानों और प्राधिकरणों के बीच सहमति बनने की संभावना बढ़ेगी। इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की कई लंबित परियोजनाओं को गति मिल सकेगी।।नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक पार्क, नई टाउनशिप और आधारभूत ढांचा विकास जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
अंतिम फैसला शासन स्तर पर
हालांकि, अभी प्रस्तावित दरों पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। शासन स्तर पर प्रस्ताव का परीक्षण और वित्तीय प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद ही नई दरों को लागू किया जाएगा। किसानों और निवेशकों की नजर अब शासन के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भूमि अधिग्रहण नीति के लिहाज से एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है और विकास परियोजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।



