Noida Authority News : नोएडा प्राधिकरण की बड़ी समीक्षा बैठक: भूखंड आवंटन से लेकर प्लास्टिक बैन तक, सीईओ ने दिए कड़े निर्देश, बकायेदारों पर गिरेगी गाज़, फ्लड रिलीफ कैम्प का भी किया औचक निरीक्षण, सीईओ श्री लोकेश एम ने किया फ्लड रिलीफ कैम्प का औचक निरीक्षण

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) श्री लोकेश एम ने आज दिनांक 03 सितंबर 2025 को प्राधिकरण की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें विकास कार्यों, भूखंड आवंटन, बकायेदारों से वसूली और पर्यावरण से जुड़े अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री संजय कुमार खत्री, श्री करुण करुणेश, श्रीमती वंदना त्रिपाठी, श्री सतीश पाल, विशेष कार्याधिकारी श्री महेंद्र प्रसाद सहित सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
इस बैठक और निरीक्षण से स्पष्ट है कि नोएडा प्राधिकरण अब “तेज रफ़्तार, पारदर्शी और जनसरोकार केंद्रित प्रशासन” की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सीईओ लोकेश एम का यह संदेश साफ है कि चाहे भूखंड आवंटन हो, बकाया वसूली हो, प्लास्टिक पर प्रतिबंध हो या बाढ़ पीड़ितों की मदद—हर क्षेत्र में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता ही उनकी प्राथमिकता है।
भूखंड आवंटन योजना पर जोर
बैठक की शुरुआत भूखंड आवंटन योजनाओं की समीक्षा से हुई। सीईओ ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्तमान में प्रकाशित आवंटन योजनाओं की स्क्रूटनी शीघ्र पूरी की जाए और इसी माह में आवंटन प्रक्रिया को पूरा कर दिया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नई भूखंड आवंटन योजनाओं को जल्द से जल्द प्रकाशित कर आम जनता और निवेशकों को अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
पारदर्शिता पर जोर – नोटिस व डिफॉल्टर लिस्ट वेबसाइट पर
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्राधिकरण द्वारा जारी सभी नोटिस और डिफॉल्टरों की सूची अब प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह बने।

बकायेदारों पर गिरेगी गाज़
सीईओ ने बड़े बकायेदारों और चिरकालिक (Chronic) डिफॉल्टरों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन पर नोटिस जारी कर वसूली की गति तेज की जाए और ज़रूरत पड़ने पर आरसी (Recovery Certificate) भी जारी किए जाएं, ताकि बकाया राशि की शीघ्र वसूली सुनिश्चित हो सके।
निविदा मूल्यांकन में आएगी तेजी – ‘प्रहरी सॉफ़्टवेयर’ लागू
टेंडर और निविदाओं की मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज करने के लिए सीईओ ने प्रहरी सॉफ़्टवेयर को लागू करने का निर्देश दिया। इससे प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और गति आएगी, साथ ही ठेकेदारों और विभागों के बीच अनावश्यक देरी भी खत्म होगी।
प्लास्टिक बैन की सख्ती
बैठक में एक और बड़ा निर्णय लिया गया। प्राधिकरण क्षेत्र में प्लास्टिक के बढ़ते प्रयोग को रोकने के लिए सीईओ ने सभी विभागों को समन्वय बनाकर प्लास्टिक बैन की कार्यवाही तेज करने के निर्देश दिए। यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ग्रेटर नोएडा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सीईओ श्री लोकेश एम ने किया फ्लड रिलीफ कैम्प का औचक निरीक्षण
बैठक से पहले सीईओ सेक्टर-150 स्थित फ्लड रिलीफ कैम्प पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कई अहम निर्देश दिए—
1. राहत कैम्प में आए परिवारों को सूखा भोजन (बिस्कुट, नमकीन, फल) उपलब्ध कराया जाए।
2. सभी लोगों के लिए पर्याप्त पका हुआ भोजन सुनिश्चित हो।
3. स्वास्थ्य जांच हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से समन्वय कर डॉक्टरों की टीम तैनात की जाए।
4. पशुओं और आवारा कुत्तों की देखभाल हेतु विशेष प्रबंध किए जाएं।
5. कैम्प में उच्च गुणवत्ता के टेंट और कैनोपी लगाए जाएं।
6. मोबाइल शौचालयों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि स्वच्छता बनी रहे।
प्राधिकरण की सक्रियता बनी चर्चा का विषय
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह समीक्षा बैठक और फ्लड रिलीफ कैम्प का निरीक्षण इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन सिर्फ़ कागज़ी कामों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर भी सक्रिय है। भूखंड आवंटन से लेकर बकायेदारों पर सख्ती, और आम जनता की समस्याओं तक—हर स्तर पर तेजी और पारदर्शिता लाने की मंशा साफ दिखाई दी।



