Greater Noida Authority News : ग्रेटर नोएडा के विकास मॉडल पर फिदा हुआ जापान, अब मिजुहो बैंक करेगा बड़ा निवेश, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने की प्राधिकरण अधिकारियों से लंबी वार्ता — जल्द ही जिले में होगा अरबों का निवेश, औद्योगिक माहौल में मचेगी हलचल, ग्रेटर नोएडा बना विदेशी निवेशकों की पहली पसंद, सीईओ एन.जी. रवि कुमार ने कहा “ग्रेटर नोएडा अब उत्तर भारत का सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बन चुका है

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। उत्तर प्रदेश का औद्योगिक हब बन चुका ग्रेटर नोएडा अब विदेशी निवेशकों का भी पसंदीदा ठिकाना बनता जा रहा है। खासकर जापानी कंपनियां और वित्तीय संस्थान यहां के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और योजनाबद्ध औद्योगिक विकास मॉडल से प्रभावित होकर बड़े पैमाने पर निवेश की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। कुछ दिन पहले जहां जापान की दो नामी कंपनियों ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में करीब 900 करोड़ रुपए के निवेश की इच्छा जताई थी, वहीं अब जापान के सबसे बड़े बैंकों में से एक मिजुहो बैंक (Mizuho Bank) ने भी ग्रेटर नोएडा में निवेश करने का मन बना लिया है।
मिजुहो बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने किया ग्रेटर नोएडा का दौरा
बृहस्पतिवार को जापान के मिजुहो बैंक का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ग्रेटर नोएडा पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में बैंक के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे जिन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (GNIDA) और इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड (IITGNL) के शीर्ष अधिकारियों के साथ निवेश संभावनाओं को लेकर गहन चर्चा की।
बैठक में प्राधिकरण के सीईओ और आईआईटीजीएनएल के प्रबंध निदेशक एन.जी. रवि कुमार, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वी.एस., एसीईओ प्रेरणा सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान प्राधिकरण की ओर से एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया गया, जिसमें ग्रेटर नोएडा के उत्कृष्ट सड़क नेटवर्क, बिजली आपूर्ति, वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, और इंडस्ट्रियल टाउनशिप के “Plug & Play Model” की जानकारी साझा की गई।
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने की इंफ्रास्ट्रक्चर की खुलकर सराहना
मिजुहो बैंक के अधिकारियों ने प्राधिकरण की ओर से तैयार की गई विस्तृत योजना देखकर ग्रेटर नोएडा की स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाओं और “इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप” के मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यहां की सड़कें, बिजली व्यवस्था, और कचरा प्रबंधन प्रणाली जापान के विकसित औद्योगिक क्षेत्रों के स्तर की हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से “Plug and Play Industrial Setup” की सराहना की, जिसके अंतर्गत कंपनियों को बिना किसी झंझट के तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पारदर्शी और व्यवस्थित व्यवस्था विदेशी निवेशकों के लिए भरोसेमंद माहौल तैयार करती है।
जल्द तय होगा निवेश का अंतिम प्रारूप
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने मिजुहो बैंक को निवेश के लिए विभिन्न सेक्टरों जैसे—इंडस्ट्रियल पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स हब, डाटा सेंटर, और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स में संभावनाएं दिखाईं।
अधिकारियों ने बताया कि जापानी बैंक यहां आने वाले निवेशकों के लिए वित्तीय सहयोग और ऋण सुविधाएं प्रदान करने में रुचि दिखा रहा है।
सीईओ एन.जी. रवि कुमार ने कहा “ग्रेटर नोएडा अब उत्तर भारत का सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बन चुका है। हमने निवेशकों को हर तरह की सुविधाएं और पारदर्शी नीतियां दी हैं। जापानी निवेश से यहां रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और औद्योगिक उत्पादन को नई ऊंचाई मिलेगी।”
सूत्रों के अनुसार, मिजुहो बैंक जल्द ही ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के साथ एमओयू (MoU) साइन कर सकता है। इसके तहत बैंक औद्योगिक परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहयोग और विदेशी निवेश को गति देने का कार्य करेगा।
ग्रेटर नोएडा बना विदेशी निवेशकों की पहली पसंद
पिछले कुछ वर्षों में ग्रेटर नोएडा ने जिस तरह से अपनी औद्योगिक साख बनाई है, वह देश के अन्य हिस्सों के लिए एक मिसाल बन चुकी है। यहां यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में टॉय सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, इलेक्ट्रॉनिक सिटी और फिल्म सिटी जैसी परियोजनाएं विदेशी निवेशकों के आकर्षण का केंद्र हैं।
जापान की कई नामी कंपनियां — जैसे यामाहा, होंडा, मित्सुबिशी और पैनासोनिक — पहले से ही यहां संचालित हैं।
अब वित्तीय संस्थानों जैसे मिजुहो बैंक का निवेश आने से ग्रेटर नोएडा एक “फाइनेंशियल हब + इंडस्ट्रियल पॉवर सेंटर” के रूप में उभर सकता है।
निवेश के नए युग की ओर बढ़ता ग्रेटर नोएडा
प्राधिकरण के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि यहां निवेशकों को “सिंगल विंडो सिस्टम” के माध्यम से सभी अनुमतियां दी जाती हैं, जिससे निवेश प्रक्रिया सरल और समयबद्ध रहती है। साथ ही, ग्रेटर नोएडा में लगातार बढ़ता हुआ जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, और एक्सप्रेसवे नेटवर्क निवेशकों के लिए लॉजिस्टिक कॉस्ट को कम करता है।
मिजुहो बैंक के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि वे ग्रीन फाइनेंस और क्लाइमेट रेजिलिएंट प्रोजेक्ट्स में विशेष रुचि रखते हैं। इससे क्षेत्र में पर्यावरण-संतुलित उद्योगों का विकास संभव होगा।
आर्थिक गतिविधियों में आएगा उछाल
अगर यह निवेश औपचारिक रूप से स्वीकृत हो जाता है तो ग्रेटर नोएडा और उसके आसपास के क्षेत्रों में हजारों रोजगार सृजित होंगे। साथ ही, इससे स्थानीय MSME सेक्टर को भी वित्तीय सहयोग मिलेगा। यह सहयोग न केवल विदेशी निवेश का द्वार खोलेगा, बल्कि भारत-जापान की आर्थिक साझेदारी को भी मजबूत करेगा।
जैसे-जैसे विदेशी निवेशक ग्रेटर नोएडा की ओर आकर्षित हो रहे हैं, वैसे-वैसे यह शहर उत्तर भारत का “मिनी टोक्यो” बनने की दिशा में अग्रसर दिख रहा है।
मिजुहो बैंक का प्रस्तावित निवेश इस दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
अब पूरा क्षेत्र इस इंतजार में है कि कब इस निवेश पर अंतिम मुहर लगे और ग्रेटर नोएडा एक बार फिर सुर्खियों में छा जाए।



