ITS College News : ग्रेटर नोएडा में जोश, जुनून और जज़्बे का संगम, AKTU ज़ोनल स्पोर्ट्स 2025 के दूसरे दिन ITS इंजीनियरिंग कॉलेज के मैदानों में गूंजा ‘खेलो इंडिया, बढ़ो इंडिया’ का मंत्र!, खेल मैदान में उमड़ा जोश और जुनून, शतरंज की बिसात पर दिखी रणनीति और बुद्धिमत्ता

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा के खेल मैदानों में इस हफ्ते जो नज़ारा देखने को मिला, उसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उत्तर प्रदेश के तकनीकी संस्थान केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि खेलों में भी नये मानक गढ़ रहे हैं।
AKTU ज़ोनल स्पोर्ट्स 2025 के दूसरे दिन का आयोजन एक खेल महाकुंभ की तरह रहा — जहां ऊर्जा, उत्साह, खेल भावना और टीम स्पिरिट ने छात्रों के चेहरों पर चमक और मैदान में गूंज भर दी।
खेल मैदान में उमड़ा जोश और जुनून
सुबह से ही ITS इंजीनियरिंग कॉलेज का कैंपस उत्साह से भर गया। विभिन्न कॉलेजों से आए खिलाड़ियों की टीमें बैनर और झंडों के साथ मैदान में उतरीं। किसी के चेहरे पर आत्मविश्वास तो किसी की आंखों में जीत की चमक थी। मैदानों में तालियों की गूंज, जयघोष और जोश के नारों से माहौल और भी रोमांचक बन गया। खेलों का यह आयोजन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU) के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें ग्रेटर नोएडा के प्रमुख कॉलेज जैसे NIET, GNIOT, गलगोटिया, JSS, KCC, GL बजाज, ITS और मंगलमय कॉलेज ने भाग लिया।
शतरंज की बिसात पर दिखी रणनीति और बुद्धिमत्ता
खेल के पहले सत्र की शुरुआत शतरंज प्रतियोगिता से हुई। इसमें खिलाड़ियों की बुद्धिमत्ता और धैर्य की परख हुई।
बालिका वर्ग में GNIOT कॉलेज की पलक सिंह ने बेहतरीन प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं प्रज्ञा (GL बजाज) ने रजत और स्वीटी (NIET) ने कांस्य पदक हासिल किया।
बालक वर्ग में आयुष (गलगोटिया कॉलेज) ने सोना, आर्यन (JSS) ने चांदी और राधेश्याम (ITS) ने कांस्य जीता।
हर चाल के साथ दर्शकों की सांसें थम जातीं और तालियों की गड़गड़ाहट खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाती रही।
टेबल टेनिस में झलकी स्पीड और सटीकता
टेबल टेनिस प्रतियोगिता में रैकेट और बॉल की टक-टक ने सभी को रोमांचित कर दिया।
बालिका वर्ग में NIET कॉलेज ने अपने शानदार तालमेल के दम पर पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि JSS इंजीनियरिंग कॉलेज दूसरे स्थान पर रहा।
बालक वर्ग में JSS कॉलेज ने सोना जीता और गलगोटिया कॉलेज ने रजत पर कब्जा किया।

ट्रैक पर बिजली की तरह दौड़ीं बालिकाएं
100 मीटर दौड़ (बालिका वर्ग) में सृष्टि (GL बजाज) ने सबसे तेज रफ्तार दिखाते हुए स्वर्ण पदक जीता। खुशी (GL बजाज) ने रजत और रिया (NIET) ने कांस्य पदक अपने नाम किया। 800 मीटर दौड़ (बालिका वर्ग) में आकांक्षा (गलगोटिया) ने अविश्वसनीय सहनशक्ति दिखाते हुए सोना जीता, जबकि अंजना (गलगोटिया) ने रजत और प्रज्ञा (NIET) ने कांस्य पदक हासिल किया।
ट्रैक के किनारे साथी छात्रों के नारे और तालियां लगातार गूंजती रहीं – “दौड़ो बेटियों दौड़ो, जीत तुम्हारी है!”
हाई जंप और शॉट पुट में ताकत और तकनीक का संगम
हाई जंप (बालक वर्ग) में आदित्य (JSS) ने हवा में उड़ान भरते हुए प्रथम स्थान पाया। सौम्या (KCC) ने दूसरा और सौम्या राय (NIET) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
वहीं शॉट पुट में ताकत और तकनीक दोनों का अद्भुत मेल दिखा। अंकित (KCC) ने गोल्ड, आदित्य (मंगलमय) ने सिल्वर और सिद्धार्थ (HIMT) ने ब्रॉन्ज पर कब्जा जमाया।
बास्केटबॉल और कबड्डी में दिल थाम देने वाले मुकाबले
बास्केटबॉल (बालिका वर्ग) का मैच इतना रोमांचक रहा कि दर्शक सीट से उठ खड़े हुए। NIET कॉलेज की टीम ने अपनी सटीक पासिंग और आक्रामक रणनीति से जीत दर्ज की, जबकि गलगोटिया कॉलेज दूसरे स्थान पर रहा। वहीं कबड्डी (बालिका वर्ग) में NIET कॉलेज की टीम ने फिर से अपनी ताकत दिखाई और गोल्ड पर कब्जा किया। ITS कॉलेज को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
हर मैच के बाद मैदान में गूंजता रहा – “जय हो स्पोर्ट्समैनशिप की!”
समापन समारोह में गूंजे प्रेरक शब्द
कार्यक्रम के अंत में ITS इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डॉ. मयंक गर्ग ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा “खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य का साधन हैं, बल्कि जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना भी जगाते हैं। जो खिलाड़ी मैदान में जीतता है, वह जीवन में कभी हार नहीं मानता।”
उनके प्रेरक शब्दों पर उपस्थित छात्र-छात्राओं ने तालियों से स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. विष्णु शर्मा, डॉ. संजय यादव, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
खेल भावना और सौहार्द का बना प्रतीक
AKTU ज़ोनल स्पोर्ट्स 2025 के दूसरे दिन का समापन खिलाड़ियों की मुस्कुराहटों और उपलब्धियों के साथ हुआ।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा और खेल दोनों साथ मिलकर विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करते हैं।
ITS इंजीनियरिंग कॉलेज ने साबित किया कि जब सपनों में जोश हो, तो हर मैदान जीत का मंच बन जाता है।



