GD Goenka Public School : रंगोली, नृत्य और उल्लास से सजी ओणम की छटा, जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा में प्री-प्राइमरी बच्चों ने मनाया पारंपरिक पर्व, बच्चों के लिए आनंद और सीख का संगम

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार को ओणम उत्सव बड़े ही उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से मनाया गया। खास बात यह रही कि यह आयोजन प्री-प्राइमरी कक्षाओं के नन्हें-मुन्नों द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने अपनी मासूम अदाओं और उत्साह से सभी का दिल जीत लिया।
जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल का यह आयोजन नन्हें छात्रों के लिए न केवल सांस्कृतिक शिक्षा का माध्यम बना बल्कि उन्हें एकता, भाईचारे और सौहार्द का भी गहरा संदेश दे गया।
रंग-बिरंगी पोशाकों से सजी महफिल
कार्यक्रम की शुरुआत प्री-प्राइमरी छात्रों के आगमन से हुई, जो केरल की पारंपरिक वेशभूषा में नज़र आए। बच्चों ने रंग-बिरंगे परिधान पहनकर पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। उनकी सजधज देखकर ऐसा लगा मानो ‘ईश्वर का अपना देश’ (God’s Own Country) — केरल, स्कूल के आँगन में उतर आया हो।
फूलों की रंगोली और सांस्कृतिक गतिविधियाँ
छोटे-छोटे बच्चों ने मिलकर पुष्पलता (फूलों की रंगोली) सजाई, जो ओणम पर्व का मुख्य आकर्षण होती है। रंग-बिरंगे फूलों से बनी इस रंगोली ने विद्यालय परिसर को जीवंत कर दिया। इसके बाद बच्चों ने केरल के पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए, जिनमें ताल, लय और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
ओणम का महत्व समझा
इस अवसर पर शिक्षकों ने बच्चों को ओणम पर्व की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से अवगत कराया। उन्हें बताया गया कि यह पर्व राजा महाबली की स्मृति में मनाया जाता है, जब माना जाता है कि वे अपने प्रजा से मिलने पृथ्वी पर आते हैं। बच्चों ने कहानियों और गतिविधियों के माध्यम से सीखा कि यह त्योहार एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है।
प्रधानाचार्या ने दी शुभकामनाएँ
विद्यालय की प्रधानाचार्या ने छात्रों और अभिभावकों को ओणम की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने इस उत्सव को मनाने के पीछे की भावना पर जोर देते हुए कहा कि “ऐसे सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को न केवल आनंदित करते हैं बल्कि उन्हें भारतीय परंपराओं और विविधता के महत्व को समझने में भी मदद करते हैं।”
उन्होंने बच्चों की सक्रिय भागीदारी और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह आयोजन आने वाले वर्षों तक यादगार रहेगा।
बच्चों के लिए आनंद और सीख का संगम
पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों में अपार उत्साह देखने को मिला। उन्होंने खेल-खेल में सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक सौहार्द के महत्व को जाना। यह आयोजन बच्चों के लिए शैक्षिक अनुभव के साथ-साथ मनोरंजक अवसर भी साबित हुआ।



