शिक्षाग्रेटर नोएडा

APJ School News : "इम्प्रेशन एंड एक्सप्रेशन 2025" में दिखी बच्चों की रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता, एपीजे इंटरनेशनल स्कूल में सतत विकास लक्ष्यों पर केंद्रित रही वार्षिक प्रदर्शनी, "धरती हमारी नहीं, आने वाली पीढ़ियों की धरोहर है" — इस भाव को साकार किया विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के ज़रिए



ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
एपीजे इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा का परिसर शुक्रवार को रचनात्मकता, सामाजिक चेतना और स्थायी भविष्य के प्रति विद्यार्थियों के समर्पण का प्रतीक बन गया, जब यहां बहुप्रतीक्षित वार्षिक प्रदर्शनी — “इम्प्रेशन एंड एक्सप्रेशन” का आयोजन किया गया। इस वर्ष प्रदर्शनी की थीम थी: “सतत विकास लक्ष्य — एक टिकाऊ भविष्य की ओर हमारे कदम।” यह प्रदर्शनी केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की ज़िम्मेदारी और सोच का सशक्त मंच बनी।


शुभारंभ और मुख्य अतिथि का स्वागत

कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. यमल गुप्ता — वनस्पति विज्ञान विभाग, किरोड़ीमल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय — ने इस अवसर पर विद्यार्थियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी अगर इस प्रकार से पर्यावरण और सतत विकास को समझे, तो देश का भविष्य उज्ज्वल है।


SDGs के प्रति जागरूकता से भरी थी हर कक्षा की प्रस्तुति

प्रदर्शनी में नर्सरी से लेकर कक्षा आठवीं तक के छात्रों ने अपनी गर्मी की छुट्टियों के दौरान तैयार की गई परियोजनाओं को विविध रूपों में प्रस्तुत किया, जिसमें मॉडल, पोस्टर, कविताएं, कहानियाँ, पावरपॉइंट प्रस्तुतियाँ और अनुसंधान आधारित कार्य शामिल थे।

नर्सरी से कक्षा II:

छोटे बच्चों ने जुलाई थीम के तहत इको-फ्रेंडली मॉडल और कोलाज से अपनी मासूम रचनात्मकता प्रस्तुत की। उनके उत्साह और सरल लेकिन प्रभावशाली विचारों ने सभी का दिल जीत लिया।

कक्षा III (SDG 3 – स्वास्थ्य और कुशलता):

बच्चों ने संतुलित आहार, स्वच्छता, योग, और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों को रचनात्मकता से सजाया। मॉडल और कविताएं विद्यार्थियों की समझ का परिचायक थीं।

कक्षा IV (SDG 14 – जल के नीचे जीवन):

समुद्री जीवन और प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता फैलाते हुए छात्रों ने 3D मॉडल और चार्ट्स की मदद से गंभीर समस्याओं को उजागर किया।

कक्षा V (SDG 15 – भूमि पर जीवन):

वन्यजीव संरक्षण, पेड़-पौधों का महत्व और जैव विविधता के संरक्षण पर आधारित प्रेजेंटेशन बेहद गहराई लिए हुए थीं। इस कक्षा की प्रस्तुति को सर्वश्रेष्ठ में से एक चुना गया।

कक्षा VI (SDG 13 – जलवायु कार्रवाई):

बच्चों ने जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के उपायों पर शोध किया और प्रस्तुतियाँ दीं। उनका संदेश था — “अब भी समय है बदलाव का।”

कक्षा VII (SDG 11 – सतत नगर एवं समुदाय):

हरित परिवहन, वेस्ट मैनेजमेंट, और समावेशी शहरी योजनाओं की झलक इस कक्षा की प्रस्तुतियों में देखने को मिली। कई विद्यार्थियों ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं से जुड़े समाधान भी सुझाए।

कक्षा VIII (SDG 12 – उत्तरदायी उपभोग और उत्पादन):

इस कक्षा ने रिसायक्लिंग, उपभोक्तावाद पर नियंत्रण और उत्पादन की टिकाऊ रणनीतियों को मॉडल, रिसर्च प्रोजेक्ट और आंकड़ों के माध्यम से प्रदर्शित किया। प्रस्तुति को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया।


सम्मान और सराहना का पल

मुख्य अतिथि डॉ. यमल गुप्ता ने सभी विद्यार्थियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी शिक्षा को किताबी दायरे से निकाल कर वास्तविकता से जोड़ने का माध्यम है। विद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरिता पांडे ने टीम की सराहना करते हुए कहा,

“यह आयोजन केवल ज्ञान का उत्सव नहीं, बल्कि हमारी ज़िम्मेदारी का एहसास भी है।”


विशेष पुरस्कार विजेता

📌 कक्षा V और कक्षा VIII की प्रस्तुतियाँ सर्वश्रेष्ठ घोषित की गईं।
📌 उन्हें उत्कृष्ट शोध, प्रस्तुति शैली और रचनात्मक दृष्टिकोण के लिए सम्मानित किया गया।


परिणाम और संदेश

यह वार्षिक प्रदर्शनी केवल शैक्षणिक प्रतिभा को मंच देने वाला कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरणीय चेतना और वैश्विक सोच को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम बना। इससे स्पष्ट है कि शिक्षा का उद्देश्य अब केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि भविष्य को बेहतर बनाना है।


🛑 Raftar Today व्हाट्सएप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक को टच करें।
Follow the Raftar Today channel on WhatsApp

Twitter (X): Raftar Today (@raftartoday)

रफ़्तार टुडे की न्यूज़

Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button