
नोएडा, रफ़्तार टूडे। दिल्ली-एनसीआर की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 पर रोज़ाना हजारों राहगीरों को ट्रैफिक, जाम और जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने की मजबूरी से अब जल्द ही राहत मिलने वाली है। इसी दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाते हुए नोएडा के सेक्टर-62 और सेक्टर-63 मॉडल टाउन गोलचक्कर के पास आधुनिक स्काईवॉक के निर्माण का शिलान्यास सांसद डॉ. महेश शर्मा ने किया।
यह स्काईवॉक न सिर्फ एक पैदल पुल होगा, बल्कि सुरक्षा, सुविधा और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतरीन उदाहरण बनने जा रहा है।
530 मीटर लंबा विकास का पुल
प्रस्तावित स्काईवॉक की कुल लंबाई 530 मीटर और चौड़ाई 4 मीटर होगी। यह अत्याधुनिक संरचना दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे पर खोड़ा कॉलोनी की ओर बने फुट ओवर ब्रिज (FOB) को जोड़ते हुए मॉडल टाउन गोलचक्कर तक जाएगी। इसके बाद यह स्काईवॉक जीरो (0) आकार में गोलचक्कर के चारों ओर विकसित किया जाएगा, जिससे चारों दिशाओं से आने-जाने वाले पैदल यात्रियों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा।
इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 26 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत आएगी, जिसे आधुनिक स्टील स्ट्रक्चर, मजबूत पिलरों और आकर्षक डिजाइन के साथ तैयार किया जाएगा।
आधुनिक डिजाइन, स्मार्ट सिटी की झलक
इस स्काईवॉक का डिजाइन ओरायन आर्किटेक्ट द्वारा तैयार किया गया है, जिसमें आधुनिक शहरी जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। स्टील की छत, मजबूत पिलर और मौसम से बचाव की सुविधाओं के साथ यह स्काईवॉक न केवल उपयोगी बल्कि देखने में भी आकर्षक होगा।
भविष्य में इसी मॉडल के आधार पर यहां दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ता हुआ एक और नया एफओबी बनाने की भी योजना है, जिससे कनेक्टिविटी और बेहतर हो सके।
60 हजार से ज्यादा लोगों को रोज़ मिलेगा फायदा
इस स्काईवॉक के बन जाने से नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के बीच रोज़ाना सफर करने वाले करीब 60 हजार से अधिक पैदल यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर वे लोग जो गाजियाबाद से नोएडा में नौकरी, पढ़ाई या व्यापार के लिए आते-जाते हैं, उनके लिए यह स्काईवॉक किसी वरदान से कम नहीं होगा।
अब राहगीरों को तेज़ रफ्तार वाहनों के बीच जान जोखिम में डालकर सड़क पार नहीं करनी पड़ेगी।

एस्केलेटर और लिफ्ट से लैस रहेगा स्काईवॉक
राहगीरों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्काईवॉक में नोएडा की ओर एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) लगाई जाएंगी, ताकि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को ऊपर चढ़ने में किसी तरह की परेशानी न हो।
इसके साथ ही दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे के दोनों कोनों पर दो लिफ्ट भी लगाई जाएंगी, जिससे दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक भी आसानी से इस स्काईवॉक का उपयोग कर सकें।
क्या बोले सांसद डॉ. महेश शर्मा
शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि “नोएडा और गाजियाबाद तेजी से विकसित हो रहे शहर हैं। यहां लाखों लोग रोज़ाना आवागमन करते हैं। इस स्काईवॉक के निर्माण से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। यह परियोजना स्मार्ट सिटी और सुरक्षित शहर की दिशा में एक मजबूत कदम है।”
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक पंकज सिंह, नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल, भाजपा जिला अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने इस परियोजना को क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी और जनहितकारी बताया।
नोएडा–गाजियाबाद को जोड़ने वाली नई कड़ी
यह स्काईवॉक केवल एक पैदल पुल नहीं, बल्कि नोएडा और गाजियाबाद को जोड़ने वाली नई जीवनरेखा साबित होगा। इससे न केवल आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि ट्रैफिक जाम की समस्या में भी कमी आएगी और शहर की छवि एक आधुनिक, सुरक्षित और स्मार्ट शहर के रूप में और मजबूत होगी।



